उत्तराखंड में अलग-अलग 25 लक्ष्यों पर काम कर रही राज्य सरकार: त्रिवेंद्र सिंह रावत
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आयोजित नीति आयोग की चतुर्थ बैठक में मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि वर्ष 2022 तक न्यू इंडिया के लिए उत्तराखंड सरकार 25 महत्वपूर्ण लक्ष्यों पर काम कर रही है। किसानों की आय को दोगुना करने, पर्वतीय क्षेत्रों से डिस्ट्रेस्ड माइग्रेसन को रोकने के साथ-साथ डिजिटल उत्तराखंड पर विशेष तौर पर फोकस किया जा रहा है।
मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड के विकास में केंद्र सरकार के महत्वपूर्ण सहयोग पर प्रधानमंत्री व केंद्र सरकार का आभार भी व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि राज्य के विकास में जलविद्युत की अहम भूमिका हो सकती है। जलविद्युत ऊर्जा को क्लीन ऊर्जा बताते हुए उन्होंने कहा कि स्वीकृत जलविद्युत परियोजनाओं को बंद किया जाना राज्य के विकास के लिए उचित नहीं है।
मुख्यमंत्री ने सुझाव दिया कि पर्वतीय व पूर्वोत्तर राज्यों के लिए अलग से मंत्रालय का गठन किया जाना चाहिए। यदि ऐसा करना संभव न हो तो नीति आयोग में पर्वतीय प्रकोष्ठ अवश्य स्थापित किया जाना चाहिए। पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वाले राज्यों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए। इसके लिए देश में ग्रीन एकाउंटिंग प्रणाली अपनाई जाए। मुख्यमंत्री ने आपदा की दृष्टि से अति संवदेनशील गांवों के विस्थापन में भारत सरकार से तकनीकी व वित्तीय सहयोग का भी अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से जानकारी देते हुए कहा कि उत्तराखंड में प्रत्येक स्तर पर मॉनिटरिंग की जा रही है।
मुख्यमंत्री मॉनीटरिंग डैशबोर्ड (उत्कर्ष) की स्थापना की गयी है। इस डैशबोर्ड के माध्यम से महत्वपूर्ण योजनाओं तथा कार्यक्रमों के परिणामों का अनुश्रवण सीधे मुख्यमंत्री के स्तर पर किया जा रहा है। योजनाओं तथा कार्यक्रमों के भौतिक व वित्तीय प्रगति की मॉनिटरिंग के लिए ई-आकलन पोर्टल बनाया गया है। कोषागार व सभी आहरण-वितरण अधिकारियों को इससे जोड़ा गया है। विकास कार्यक्रमों में उपलब्धियों के अनुसार ही विभागीय उच्चाधिकारियों की सेवा पुस्तिका में वार्षिक मूल्यांकन अंकित किया जाएगा। विकास में जन सहभागिता के लिए हर वर्ग के साथ जन-संवाद की व्यवस्था प्रारंभ की गई है।
मृदा नमूने लेते वक्त जीपीएस रीडिंग भी
सेवा के अधिकार कानून के अन्तर्गत 162 नई सेवाएं और जोड़ी गई हैं, अब इसमें कुल 312 सेवाएं हो गई हैं। जन-शिकायतों के समाधान के लिए हेल्पलाइन 1905 प्रारंभ हुई हैं। मुख्यमंत्री ने कहा नीति आयेग की कार्यकारिणी परिषद की पिछली बैठक में प्रधानमंत्री द्वारा एजेंडा-2022, जीएसटी, डिजिटल इंडिया व सुशासन के क्षेत्र में विशेष कदम उठाने की अपेक्षा राज्य सरकारों से की गई थी।
राज्य सरकार ने पिछले एक वर्ष में विशेष ध्यान दिया है, जिसके परिणाम भी दिख रहे हैं। संकल्प से सिद्धि के अन्तर्गत राज्य में 2020 के लिए महत्वपूर्ण लक्ष्य निर्धारित किए हैं, जिनकी मॉनिटरिंग मुख्य सचिव द्वारा सचिव समिति में साप्ताहिक तौर से की जाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों की आय दोगुनी करने के लिए योजनाबद्ध तरीके से काम कर रही है। राज्य में एक लैंड होल्डिंग से वर्तमान में औसतन पचहत्तर हजार रुपये की कृषि आय अनुमानित है, उसे वर्ष 2022 तक डेढ़ लाख रुपये किया जाना है।
मृदा नमूने लेते वक्त जीपीएस रीडिंग भी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की कुल 16 मैदानी मंडियों को अभी तक ई-राष्ट्रीय कृषि बाजार से जोड़ा जा चुका है। पर्वतीय मंडियों को भी इससे जोड़ा जा रहा है। मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना के अंतर्गत वर्ष 2015-16 से 2016-17 तक के प्रथम चरण में 7.5 लाख के लक्ष्य के सापेक्ष 7.65 मृदा स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए गए थे। अगले चरण अर्थात 2017-18 से 2018-19 तक कुल 9.12 लाख स्वास्थ्य कार्ड वितरित किए जाने हैं। मृदा नमूना लेते समय जीपीएस रीडिंग भी ली जा रही है। समस्त सूचनाओं को राष्ट्रीय मृदा स्वास्थ्य कार्ड पोर्टल पर अपलोड भी किया जा रहा है। ग्रामीण हाटों को बढ़ावा देने के लिए प्रत्येक न्याय पंचायत में ग्रोथ सेंटर विकसित किया जाएगा, प्रथम चरण में 50 न्याय पंचायतें चयनित की गई हैं।