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खाली वनभूमि पर क्षतिपूर्ति वनीकरण की मिले अनुमति: त्रिवेंद्र सिंह रावत

Tue, 28 Jan 2020 10:33 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 28 Jan 2020 10:33 PM IST
सार

  • मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में सीएम ने केंद्र सरकार से रखी मांगी
  • राज्य योजनाओं में पेड़ काटे तो उसके बदले वन भूमि पर नहीं लगा सकते पेड़
  •  केंद्रीय योजनाओं में जंगल विहीन वनभूमि पर पेड़ लगाने की है व्यवस्था 

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CM Trivendra Singh Rawat Attend 22nd meeting of Central Regional Council of Madhya Pradesh
बैठक में सीएम त्रिवेंद्र - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

राज्यों की विकास योजनाओं में वन भूमि से पेड़ काटने पर उसके बदले क्षतिपूर्ति वनीकरण अनिवार्य है। ऐेसे में प्रदेश सरकार को वृक्षारोपण के लिए खाली जमीन तलाशनी पड़ती है। इससे कई योजनाओं का निर्माण लटक जाता है। वहीं, केंद्रीय योजनाओं में जंगल विहीन वनभूमि (डिग्रेडेड फॉरेस्ट लैंड) पर पेड़ लगाने की सुविधा है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने केंद्र सरकार से केंद्रीय योजनाओं की तर्ज पर राज्य को भी अधिकार देने की मांग रखी है। 

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मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने यह मांग मंगलवार को छत्तीसगढ़ में हुई मध्य क्षेत्रीय परिषद की 22 वीं बैठक में रखी। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि विकास योजना निर्माण के लिए वन भूमि पर पेड़ काटने की एवज में वृक्षारोपण की दोहरे मानक सही नहीं हैं। उन्होंने राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत केंद्र सरकार से खाद्यान्न के ट्रांसपोर्ट पर आने वाले खर्च को उठाने की मांग रखी। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना के तहत खाद्यान्नों के ट्रांसपोर्ट पर 100 रुपये प्रति क्विंटल पैसा मिला है। जबकि पर्वतीय क्षेत्रों में यह खर्च 237 रुपये प्रति क्विंटल आ रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अतिरिक्त धनराशि की भरपाई भी केंद्र सरकार करे।
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मुख्यमंत्री ने दाल पर 15 रुपये प्रति किलोग्राम सब्सिडी जारी रखने का अनुरोध किया। उत्तराखंड में मुख्यमंत्री दाल पोषित योजना के तहत 23 लाख राशनकार्ड धारकों के लिए प्रतिमाह दो किलोग्राम दाल सस्ती दरों पर उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से इसकी भरपाई करने के लिए कहा है। मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड में टेरिटोरियल आर्मी की दो यूनिटों का इस्तेमाल भूमि और जल संरक्षण के कार्यों में करने के लिए कैंपा निधि में व्यवस्था बनाने की मांग रखी। बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री कमलनाथ और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल भी उपस्थित थे।
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पर्वतीय क्षेत्रों में राशन भंडारण क्षमता बढ़े
मुख्यमंत्री ने पर्वतीय क्षेत्रों में 55 हजार मीट्रिक टन की राशन भंडारण क्षमता को बढ़ाने की मांग की। राज्य में लगभग ढाई लाख मीट्रिक टन भंडारण की आवश्यकता है, लेकिन अभी तक दो लाख मीट्रिक टन की सुविधा है। 

पुलिस आधुनिकीकरण में राशि बढ़ाई जाए
मुख्यमंत्री ने केंद्रीय गृह मंत्रालय से राज्य पुलिस आधुनिकीकरण में सहायता राशि बढ़ाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राशि का इस्तेमाल भवन व वाहन खरीदने के लिए भी किया जा सके। उन्होंने बार्डर एरिया डेवलपमेंट प्लान में राज्य पुलिस के लिए भी व्यवस्था करने को कहा। 


आईटी एक्ट और एनडीपीएस एक्ट के बारे में सुझाव
मुख्यमंत्री ने आईटी एक्ट में जांच (विवेचना) का अधिकार इंस्पेक्टर रैंक की जगह सब इंस्पेक्टर रैंक के अफसर को दिया जाए। एनडीपीएस एक्ट की धारा 50 के तहत किसी व्यक्ति से ड्रग्स की बरामदगी के समय गजटेड अफसर के सर्च की अनिवार्यता को संशोधित किया जाए।

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