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'हिलटॉप' पर आमने-सामने आए सीएम त्रिवेंद्र और हरीश रावत, ई-मेल से एक दूसरे पर किए तीखे वार

Sat, 13 Jul 2019 10:32 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 13 Jul 2019 10:32 AM IST
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Cm trivendra singh rawat and Harish rawat Email Fight for hilltop alcohol brand
हरीश रावत/सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो

शराब के हिलटॉप ब्रांड पर तेज होती सियासत के बीच सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत और पूर्व सीएम हरीश रावत के बीच जुबानी जंग लंबी खिंच रही है। पूर्व सीएम हरीश रावत ने बृहस्पतिवार को सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत को ई-मेल भेज दिया।

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हिलटॉप ब्रांड पर सबसे पहले हरीश रावत ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरने की शुरुआत की थी। इसके जवाब में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने एक दिन पहले हरीश रावत के लिए कहा था कि वह खुद ही पौधा लगाते हैं और खुद ही उसे उखाड़ देते हैं।

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इसके जवाब में पूर्व सीएम हरीश रावत ने सीएम के लिए लंबा चौड़ा ई-मेल भेज दिया। इसमें सरकार पर तंज है, हरीश रावत की सफाई है, राजनीतिक दांव-पेच हैं। हरीश रावत ने कहा है-मेरे लगाए पौधे पर आपने (सीएम ने) हिलटॉप की कलम लगा दी है। सीएम भी नहीं चूके। बोले-पानी की फैक्ट्री के लिए आबकारी विभाग से अनुमति लेने की क्या जरूरत थी। क्या उत्तराखंड का पानी नशीला हो गया था।

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हरीश रावत का सीएम को संबोधित ई-मेल

'आपने बहुत ठीक कहा पौधा मैंने लगाया। मेरा लगाया पौधा, पानी व फ्रूटी बाटलिंग प्लांट का था। आपने बहुत ही कुशल माली के तौर पर उस पर हिलटॉप की कलम लगा दी है। तो यदि कुछ गुण मुझमें हैं, तो कुछ बडे़ गुण आपमें भी हैं। आप बडे़ कलमकार हैं। मेरे कार्यकाल में केवल लाइसेंस दिया गया, जिस पर आगे की कार्रवाई आपकी पार्टी सहित स्थानीय लोगों के विरोध को देखते हुए रोक दी गई।

यदि आप व्हिस्की बनाने का लाइसेंस नहीं देना चाहते, तो आपकी सरकार लाइसेंस का रिन्यूअल ही नहीं करती। आपकी सरकार ने लाइसेंस का रिन्यूअल ही नहीं किया, बल्कि दो बार इस व्हिस्की प्लांट की निरापत्ति का प्रमाणपत्र भी दिया, क्योंकि ऐसी प्रशासनिक अनुमति के बिना न तो निर्माण कार्य हो सकता है और न ही व्हिस्की की ब्लेडिंग और बाटलिंग हो सकती है। निरापत्ति प्रमाणपत्र भी कहीं न कहीं सरकार की सहमति से ही दिया गया है। भाजपा बहुत चतुराई से कौवे को भी तीतर बताकर खा जाती है। आज आपने भांग व व्हिस्की के बाटलिंक प्लांट में रोजगार व पहाड़ी फलों की खपत देखी है, ये आपकी ही पार्टी थी, जिसने वाणिज्यिक भांग की खेती के हमारे कदम का भी विरोध किया।

आप मीठा-मीठा गप-गप, कड़वा-कड़वा थू-थू नहीं कर सकते। ये आपकी पार्टी के आंदोलनों का प्रभाव था कि जिसके चलते देवप्रयाग के तत्कालीन विधायक मंत्री प्रसाद नैथानी ने मुझे बाध्य किया कि मैं प्रदत्त लाइसेंस पर कार्रवाई को तत्काल रोक दूूं। मैने कार्रवाई रोकी। आप हिलटॉट के नाम पर रोजगारदाता बनें, फलों को खपाने वाले बनें, और लाइसेंस देने की नीति के लिए मुझे दोष दें। दोनों एक साथ नहीं चल सकते हैं। हमने मैदानों में डिस्टलरीज, फ्रूट हिल्स में वाइनरीज व रागी बीयर प्लांट तथा मध्य हिमालय में फ्रूट वाइन्स व वाटर तथा ऑयल बाटलिंग प्लांट लगाने की नीति पर काम किया। समय कम मिला, हम इन नीतियों को पूर्णत: धरातल पर नहीं उतार पाए। आपकी पार्टी को भी अब हमारी इस नीति का अनुसरण करना पडे़गा। इसके लिए सत्यता को खुलकर स्वीकार करें। साहस दिखाएं, आपकी पार्टी तो उत्तराखंड में डेनिस व स्टिंग स्टिंग के गर्भ से पैदा हुई है। जैसा बोया अब आप वैसा काटने को तैयार रहें। हर बात के लिए हमें दोष देना छोड़िए, हमने जो अच्छा किया है, उसे स्वीकारते हुए आगे बढ़िए। '

हरीश रावत जी को, देवप्रयाग में पानी की फैक्ट्री के लिए आबकारी विभाग से अनुमति लेने की क्या जरूरत थी। उत्तराखंड का पानी नशीला हो गया है क्या। ये हरीश रावत जी क्या बोलते हैं, क्या करते हैं, कुछ समझ नहीं आता है। मुझे लगता है कि जो रही-सही कांग्रेस है, थोड़ा बहुत जो बच गई है, वो चाहते हैं, कि उससे भी मुक्ति मिले। 
-त्रिवेंद्र सिंह रावत, सीएम, उत्तराखंड

नैथानी ने हिलटॉप प्रकरण में विजय बहुगुणा को लपेटा

पूर्व कैबिनेट मंत्री और देवप्रयाग के पूर्व विधायक मंत्री प्रसाद नैथानी ने हिलटॉप प्रकरण में पूर्व सीएम विजय बहुगुणा को भी लपेट लिया है। उन्होंने बृहस्पतिवार को प्रेस कांफ्रेंस में कहा कि हरीश रावत सरकार में फ्रूट वाइन के बाटलिंब प्लांट के लिए अनुमति दी गई, लेकिन इससे पहले विजय बहुगुणा सरकार के जमाने से ही इसके लिए प्रक्रिया शुरू हो गई थी।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी, पूर्व सीएम हरीश रावत और उन्हें बदनाम करने की साजिश रची जा रही है। उन्होंने कहा कि हरीश रावत सरकार के जमाने में बाटलिंग प्लांट की अनुमति दी गई थी, लेकिन त्रिवेंद्र सरकार के जमाने में यहां से प्रोडक्शन होने लगा है। 2016 में जब इसकी अनुमति दी गई थी, तब हमारे स्तर पर विरोध के बाद तत्कालीन सीएम हरीश रावत ने इस अनुमति को निरस्त कर दिया था। तब भाजपा के जो लोग खिलाफ थे, वे आज इसके पक्ष में खडे़ दिख रहे हैं।

कांग्रेस और उक्रांद ने सरकार को घेरा 

विधानसभा क्षेत्र में शराब बॉटलिंग प्लांट को लेकर घमासान मचा है। उक्रांद इसके लिए जहां वर्तमान की भाजपा और पूर्ववर्ती कांग्रेस दोनों सरकारों को जिम्मेदार ठहरा रही हैं। वही कांग्रेस का कहना है कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने पहाड़ में फल उद्योग को बढ़ावा दिए जाने का जो निर्णय लिया था, जिसे संशोधित कर भाजपा सरकार शराब को बढ़ावा दे रही है। 

उक्रांद के केंद्रीय अध्यक्ष दिवाकर भट्ट ने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि सरकार गंगाजल भले ही गांव-गांव तक न पहुंचा पाई हो, लेकिन शराब को घर-घर पहुंचाया जा रहा है। पहाड़ में जगह-जगह शराब पहुंचाने के लिए पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार ने जिस काम को शुरू किया। भाजपा उसी काम को अब आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि हिंडोलाखाल श्रीकोट में एनसीसी प्रशिक्षण केंद्र को भी हटाने का प्रयास किया जा रहा है। भट्ट ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन देकर हिल टॉप शराब फैक्ट्री को बंद न करने पर आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। वहीं, उन्होंने देवप्रयाग विधानसभा से एनसीसी मुख्यालय पौड़ी ले जाने पर भी ऐतराज जताया है। 

उक्रांद के पूर्व मुख्य प्रवक्ता सतीश सेमवाल के मुताबिक पूरा पहाड़ शराब विरोधी है, शराब के विरोध में जगह-जगह आंदोलन होते रहे हैं। इसके बाद भी रोजगार के बजाए गांव व घरों तक शराब पहुंचाई जा रही है। सरकार की गलत नीतियों के विरोध में उक्रांद प्रदेश व्यापी आंदोलन करेगा। पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत के मुख्य प्रवक्ता सुरेंद्र कुमार ने कहा कि देवप्रयाग में शराब बॉटलिंग प्लांट शुरू किए जाने से भाजपा का शराब के प्रति प्रेम जगजाहिर हुआ है। उन्होंने बताया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पहाड़ में फल आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना चाहती थी, लेकिन वर्तमान की भाजपा सरकार पूर्ववर्ती सरकार में लिए गए निर्णय को संशोधित कर शराब को बढ़ावा दे रही है।

प्रदेश में चल रहे आठ बॉटलिंग प्लांट 

प्रदेश में आठ बॉटलिंग प्लांट चल रहे हैं। इसमें ऊधमसिंह नगर में दो मैसर्स रेडिको खेतान लिमिटेड बाजपुर एवं मैसर्स काशीपुर ब्रेवर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से बॉटलिंग प्लांट हैं। जबकि देहरादून में मैसर्स गोल्डमैन डिस्टिलरी मोहब्बेवाला, हरिद्वार में दो मैसर्स दून वैली ब्रुवरीज लिमिटेड औरंगजेबपुर रुड़की एवं मैसर्स सार्थक ब्लैण्डर्स एंड बॉटलर्स प्राइवेट लिमिटेड के नाम से बॉटलिंग प्लांट है। इसके अलावा नैनीताल में मां शीतला उद्योग प्राइवेट लिमिटेड भीमताल, पौड़ी में श्रीराम एग्रीवेंचर प्राइवेट लिमिटेड सतपुली एवं टिहरी में विंदेश्वरी एग्जीन प्राइवेट लिमिटेड देवप्रयाग बॉटलिंग प्लांट है। 

टिहरी में शुरू होगा बॉटलिंग प्लांट और हरिद्वार में डिस्टिलरी 
प्रदेश में वर्तमान में तीन डिस्टिलरी चल रही हैं। जबकि एक और शुरू होने वाली है। दून वैली, लक्सर हरिद्वार एवं आईजीएल काशीपुर के बाद अब उत्तम शुगर मिल लिबरहेडी हरिद्वार में लिस्टिलरी प्रस्तावित है। विभागीय अधिकारियों के मुताबिक इस पर काम शुरू हो चुका है। जबकि टिहरी में मैसर्स हाईलैण्ड बॉटलर्स एंड लैण्डर्स के नाम से बॉटलिंग प्लांट प्रस्तावित है।

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