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सीएम जनता दरबार केस: शिक्षिका का सीएम से माफी मांगने वाला वीडियो वायरल, उत्तरा पंत ने बताया फर्जी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
Updated Sun, 01 Jul 2018 07:50 PM IST
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uttara pant bahuguna
मुख्यमंत्री जनता मिलन कार्यक्रम से सुर्खियों में आई शिक्षिका उत्तरा पंत का कहना है कि अगर सीएम अपनी गलती का एहसास करें तो वे माफी मांगने को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि गलती सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत ने की है। उत्तरा पंत ने सोशल मीडिया में वायरल उस वीडियो की सत्यता पर भी सवाल उठाए, जिसमें उन्हें सीएम से माफी मांगते हुए दिखाया गया है। उनका कहना है कि इस वीडियो से छेड़छाड़ की गई है।
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रविवार को अपने देहरादून स्थित आवास पर अमर उजाला से बातचीत में उत्तरा पंत ने कहा कि शिक्षिका होने के नाते उन्हें सीएम के पद की गरिमा का पूरा ख्याल है। सीएम चाहते तो जनता मिलन कार्यक्रम में चंद मिनटों में ही उनकी समस्या का समाधान कर सकते थे। कहा कि मैं जनता मिलन में सीएम के पास अपनी समस्या के समाधान के लिए गई थी, लेकिन उन्होंने मेरी बातों को गौर से सुनने के बजाय निलंबन का आदेश जारी कर दिया।
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पुलिसकर्मियों की मदद से बाहर करवा दिया। उत्तरा पंत ने कहा कि उन्हें सीएम के पद की गरिमा का पूरा ख्याल है लेकिन सीएम को भी अपने पद की गरिमा का ख्याल रखना चाहिए था। यह पूछे जाने पर कि क्या वे किसी राजनीतिक पार्टी के दबाव में बयान दे रही हैं तो उन्होंने साफ कहा कि वे किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं करना चाहती हैं। उनके लिए कांग्रेस, भाजपा समेत सभी राजनीतिक पार्टियां एक जैसी हैं। उन्होंने दोहराया कि राजनीति से उनका दूर-दूर तक कोई वास्ता नहीं है। न ही वे भविष्य में किसी राजनीतिक दल से जुड़ना चाहेंगी।
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'जनता मिलन कार्यक्रम में मैंने कुछ भी गलत नहीं किया'
उत्तरा पंत बहुगुणा
- फोटो : amar ujala
उत्तरा पंत ने कहा कि कहा कि जनता मिलन कार्यक्रम में मैंने कुछ भी गलत नहीं किया। पहल सीएम ने की है और उन्हें अपनी गलतियों का एहसास होना चाहिए। उनके घर में भी स्त्रियां हैं और उन्हें राज्य का मुखिया होने के नाते भी स्त्रियों की भावनाओं का पूरा सम्मान करना चाहिए। जहां तक अपने कृत्यों को लेकर सीएम से माफी मांगने का सवाल है तो यदि सीएम अपनी गलतियों का एहसास करें तो मुझे माफी मांगने में कोई गुरेज नहीं है।
यह पूछे जाने पर कि क्या वे कांग्रेस पार्टी के लिए राजनीतिक भाषा तो नहीं बोल रही हैं? इस पर उन्होंने कहा कि ऐसा कतई नहीं है। उनके पास सभी राजनीतिक दलों के अलावा शिक्षक संघ के पदाधिकारी आ रहे हैं। सबका सहयोग मिला है। मीडिया का आभार जताते हुए कहा कि प्रकरण निपट जाने के बाद वे ड्यूटी पर जाएंगी। उत्तरा ने कहा कि वे पिछले तीन साल से परेशान हैं और अपनी स्थानांतरण को लेकर तमाम आला अफसरों के चक्कर काट चुकी हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया।
न्याय नहीं मिला तो अदालत जाऊंगी
शिक्षिका उत्तरा पंत का कहना है कि उन्हें सरकार, शासन व शिक्षा विभाग के आला अफसरों से न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने उनसे फोन पर वार्ता की है और उन्होंने मुलाकात कर समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया है। उम्मीद है कि उनके स्तर पर न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि फिर भी न्याय नहीं मिला तो अदालत का दरवाजा खटखटाऊंगी।
आखिर किसने की वीडियो से छेड़छाड़?
सवाल यह है कि आखिरकार किसने पहले तो शिक्षिका उत्तरा पंत का वीडियो बनाया और फिर उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। जिसमें शिक्षिका को सीएम से माफी मांगते हुए दिखाया गया है। इस संबंध में उत्तरा पंत ने कहा कि प्रकरण के बाद तमाम लोग आ रहे हैं। वीडियो किसने बनाया? इसकी जानकारी नहीं है? साथ ही यह भी कहा है कि उनकी बातों को सोशल मीडिया में तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है। कहा कि वायरल वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है।
यह पूछे जाने पर कि क्या वे कांग्रेस पार्टी के लिए राजनीतिक भाषा तो नहीं बोल रही हैं? इस पर उन्होंने कहा कि ऐसा कतई नहीं है। उनके पास सभी राजनीतिक दलों के अलावा शिक्षक संघ के पदाधिकारी आ रहे हैं। सबका सहयोग मिला है। मीडिया का आभार जताते हुए कहा कि प्रकरण निपट जाने के बाद वे ड्यूटी पर जाएंगी। उत्तरा ने कहा कि वे पिछले तीन साल से परेशान हैं और अपनी स्थानांतरण को लेकर तमाम आला अफसरों के चक्कर काट चुकी हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं किया गया।
न्याय नहीं मिला तो अदालत जाऊंगी
शिक्षिका उत्तरा पंत का कहना है कि उन्हें सरकार, शासन व शिक्षा विभाग के आला अफसरों से न्याय मिलने की पूरी उम्मीद है। शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने उनसे फोन पर वार्ता की है और उन्होंने मुलाकात कर समस्या के समाधान का आश्वासन भी दिया है। उम्मीद है कि उनके स्तर पर न्याय मिलेगा। उन्होंने कहा कि फिर भी न्याय नहीं मिला तो अदालत का दरवाजा खटखटाऊंगी।
आखिर किसने की वीडियो से छेड़छाड़?
सवाल यह है कि आखिरकार किसने पहले तो शिक्षिका उत्तरा पंत का वीडियो बनाया और फिर उसे सोशल मीडिया में वायरल कर दिया। जिसमें शिक्षिका को सीएम से माफी मांगते हुए दिखाया गया है। इस संबंध में उत्तरा पंत ने कहा कि प्रकरण के बाद तमाम लोग आ रहे हैं। वीडियो किसने बनाया? इसकी जानकारी नहीं है? साथ ही यह भी कहा है कि उनकी बातों को सोशल मीडिया में तोड़ मरोड़कर पेश किया गया है। कहा कि वायरल वीडियो के साथ छेड़छाड़ की गई है।
सीएम के खिलाफ टिप्पणी पर मुकदमा
facebook
शिक्षिका उत्तरा प्रकरण में सीएम त्रिवेंद्र सिंह रावत के खिलाफ फेसबुक पर पोस्ट अपलोड करना रुड़की के कांग्रेस नेता आशीष सैनी को भारी पड़ गया। भाजयुमो कनखल मंडल के महामंत्री मनीष गुप्ता ने सैनी के खिलाफ आपत्तिजनक और अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने पर मुकदमा दर्ज कराया है। कनखल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
रुड़की के कांग्रेस नेता आशीष सैनी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर सीएम के नाम संबोधित एक पोस्ट अपलोड कर दी। पोस्ट के शीर्षक में चोर उचक्का लिखा है, जो शिक्षिका बोल चुकी थीं। उसके नीचे साला टीएसआर लिखा है। पोस्ट में शिक्षिका को लेकर सीएम की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए गए हैं। कलिखा है कि जो नेता आम जनता की बात को सुन नहीं सकता है तो उसे राजनीति में रहने का अधिकार नहीं है।
कांग्रेस नेता ने सीएम की शैली को अभद्र और अशिष्ट बताया है। फेसबुक वॉल पर अपलोड की गई पोस्ट पर कई लोग टिप्पणी कर चुके हैं, लेकिन कनखल के भाजयुमो मंडल महामंत्री मनीष गुप्ता ने कांग्रेस नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। थानाध्यक्ष ओमकांत भूषण ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्ट में कहीं भी गाली गलौज नहीं की गई है। हां, शीर्षक में ‘साला’ जरूर लिखा है। अब पुलिस पोस्ट में से वह शब्द ढूंढ रही है जिसे अभद्र भाषा माना जाए।
रुड़की के कांग्रेस नेता आशीष सैनी ने अपने फेसबुक अकाउंट पर सीएम के नाम संबोधित एक पोस्ट अपलोड कर दी। पोस्ट के शीर्षक में चोर उचक्का लिखा है, जो शिक्षिका बोल चुकी थीं। उसके नीचे साला टीएसआर लिखा है। पोस्ट में शिक्षिका को लेकर सीएम की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए गए हैं। कलिखा है कि जो नेता आम जनता की बात को सुन नहीं सकता है तो उसे राजनीति में रहने का अधिकार नहीं है।
कांग्रेस नेता ने सीएम की शैली को अभद्र और अशिष्ट बताया है। फेसबुक वॉल पर अपलोड की गई पोस्ट पर कई लोग टिप्पणी कर चुके हैं, लेकिन कनखल के भाजयुमो मंडल महामंत्री मनीष गुप्ता ने कांग्रेस नेता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। थानाध्यक्ष ओमकांत भूषण ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पोस्ट में कहीं भी गाली गलौज नहीं की गई है। हां, शीर्षक में ‘साला’ जरूर लिखा है। अब पुलिस पोस्ट में से वह शब्द ढूंढ रही है जिसे अभद्र भाषा माना जाए।