फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   cm reached secretariat, apposition raised question

फिर सचिवालय पहुंचे सीएम रावत, विपक्ष ने साधा निशाना

Tue, 21 Feb 2017 11:24 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 21 Feb 2017 11:24 AM IST
विज्ञापन
cm reached secretariat, apposition raised question
हरीश रावत - फोटो : AmarUjala

विपक्ष के एतराज के बावजूद सोमवार को मुख्यमंत्री शाम चार बजे फिर से सचिवालय गए। वहां उन्होंने केंद्र पोषित परियोजनाओं की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने सभी योजनाओं के संबंध में केंद्र से बकाया पैसा लाने के लिए अफसरों को निर्देश दिए।

विज्ञापन


यह भी कहा कि जहां-जहां यूटिलाइजेशन सर्टिफिकेट (यूसी) जमा किया जाना बाकी है, उसे अतिशीघ्र जमा कराएं। इधर भाजपा ने फिर से मुख्यमंत्री को घेरते हुए कहा है कि ढाई साल से हरीश रावत सीएम हैं, लेकिन चुनाव के बाद ही सारे जरूरी काम निपटाने के लिए उनकी आतुरता कहीं न कहीं संदेहास्पद प्रतीत होती है। उन्होंने चुनाव आयोग से शिकायत करने की बात भी कही है।
विज्ञापन


मुख्यमंत्री के आने की सुगबुगाहट दिन में ही सचिवालय में शुरू हो गई थी। दबी जुबान में अफसर भी इसे नैतिक रूप से सही नहीं बताते नजर आए। पिछले चुनावों का जिक्र करते हुए वे यह कहने से भी नहीं हिचके कि पूर्व मुख्यमंत्री चुनाव के बाद कभी सचिवालय आकर सरकारी काम निपटाने में उतावले नहीं दिखे। उधर, मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा यदि इलेक्शन कमीशन से कहलवा दे कि मैं राज्य का मुख्यमंत्री नहीं हूं, तो सारा काम काज बंद कर दूंगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


भाजपा खुद इलेक्शन कमीशन पर नाजायज दबाव पैदा करके बहुत सारे अनुचित काम कराने को लेकर कटघरे में है। पीएम मोदी की हरिद्वार की रैली को लेकर एफआईआर नहीं की गई, जबकि उन्हें इस बाबत नोटिस भी दिया गया था। रुटीन वर्क करने से कोई मुझे कैसे रोक सकता है। आचार संहिता में मैं दो काम नहीं कर सकता, एक तो चुनाव से जुड़े रहे अधिकारियों का तबादला और दूसरा ऐसा कोई नीतिगत निर्णय, जिससे वोटर प्रभावित हो। मैंने ऐसा कोई भी कार्य नहीं किया है।

मैंने केंद्र पोषित योजनाओं की समीक्षा करने के साथ ही अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि केंद्र से शेष पैसा लाने की कवायद तेज करें। मैं इसके लिए 11 मार्च का इंतजार नहीं कर सकता। यह वित्तीय वर्ष की समाप्ति का महीना है। ऐसे में राज्य का बड़ा नुकसान होगा। राज्य के विकास को किसी भी सूरत में नहीं रोका जा सकता है। भाजपा बेकार परेशान है।


मुख्यमंत्री सचिवालय जा सकते हैं, मगर फाइलों पर हस्ताक्षर नहीं कर सकते। पिछली बार जब वे सचिवालय गए थे तो लगभग सौ फाइलों पर दस्तखत किए हैं। चुनाव आयोग को इसे देखना चाहिए। हमारे विधानसभा क्षेत्र में आचार संहिता का हवावा देकर ढाई मीटर तार नहीं जोड़ने दिया, जिससे तीस पैंतीस गांवों को पानी की सुविधा मिल जाती और आज वे फाइलें निपटाने में व्यस्त हैं। अफसरों को तो वे दो साल से निर्देश दे रहे हैं, मगर हुए कुछ नहीं। इसकी आड़ में आचार संहिता को प्रभावित करने के काम हो रहे हैं। 
- अजय भट्ट, नेता प्रतिपक्ष और प्रदेश अध्यक्ष (भाजपा)

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed