उत्तराखंड में वसूला जा रहा CM के नाम का ‘हरदा टैक्स’
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अनिल बलूनी ने मुख्यमंत्री हरीश रावत पर आरोप लगाया कि उन्होंने राज्य में 20 फीसदी की दर से ‘हरदा टैक्स’ लगा रखा है। वे नकारात्मक राजनीति के चैंपियन हैं। हरीश रावत भाजपा के खिलाफ जुमलेबाजी, लफ्फाजी करते हैं, जबकि इस समय उनको अपनी सरकार के कामकाज का ब्यौरा देना चाहिए। कहा कि, भाजपा चुनाव में किसी को मुख्यमंत्री प्रोजेक्ट करेगी या नहीं, इसका फैसला पार्टी संसदीय बोर्ड करेगा।
बलूनी ने कहा कि ‘हरदा टैक्स’ की चर्चा पूरे राज्य के कारोबारी कर रहे हैं। चाहे जैसा विकास कार्य या ठेका हो, उनके एक चहेते पूर्व विधायक के पास यह टैक्स जमा कराना ही पड़ता है।
पहले यह 15 फीसदी की दर से वसूला जाता था पर कुछ माह सरकार न रहने के दौरान हुए नुकसान की भरपाई के लिए अब यह 20 फीसदी की दर से जमा करवाया जा रहा है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि वे इस बात को तो मानते हैं कि वाक चातुर्य में हरीश रावत बहुत माहिर हैं।
लफ्फाजी, जुमलेबाजी करते हैं सीएम
कुछ माह बाद चुनाव होने वाले हैं पर वे अपनी सरकार के कामकाज के बारे में बताने के बजाय लफ्फाजी, जुमलेबाजी कर भाजपा से ही सवाल करते रहते हैं। वे भ्रष्टाचार करते हुए सीडी में पकड़े जाते हैं फिर भी भाजपा को सवालों के घेरे में खड़ा करने की कोशिश करते हैं।
खुद दिल्ली में चाय पीकर चले आते हैं पर कहीं भी प्रदेश के विकास के बारे में बात भी नहीं करते। इसके बावजूद भाजपा सांसदों पर आरोप लगाते हैं। वे तो उत्तराखंड बनने का भी विरोध करते रहे हैं पर मुख्यमंत्री बनने के लिए सबसे पहले यहां आ गए।
हरीश रावत हमेशा नकारात्मक राजनीति करते आए हैं। अपनी पार्टी के मुख्यमंत्रियों नारायण दत्त तिवारी, विजय बहुगुणा के कार्यकाल में भी वे नकारात्मक राजनीति से बाज नहीं आए।