फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   CM Pushkar singh dhami security guard shot himself Employees told incident story Uttarakhand news in hindi

आंखों देखी: प्रमोद ने बोला था-टाइम काट रहा हूं, फिर...सीएम सुरक्षा के कमांडो की मौत ने खड़े किए ये सवाल

Fri, 02 Jun 2023 01:15 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून
अमर उजाला, न्यूज डेस्क, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Fri, 02 Jun 2023 01:15 PM IST
सार

मुख्यमंत्री की सुरक्षा में तैनात कमांडो प्रमोद रावत की संदिग्ध हालात में गोली लगने से मौत हो गई। शव मुख्यमंत्री आवास के पास बने बैरक में पड़ा मिला। सरकारी एके-47 राइफल की गोली कमांडो के गले में लगी और गर्दन छेदती हुई दीवार में घुस गई।

विज्ञापन
CM Pushkar singh dhami security guard shot himself Employees told  incident story Uttarakhand news in hindi
प्रमोद रावत - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बैरक परिसर में मौजूद कर्मचारियों का कहना है कि उन्होंने प्रमोद को टहलते हुए देखा था। पूछा, किस समय ड्यूटी पर जाना है। उन्होंने कहा- दो बजे जाएंगे, अभी इंतजार करना पड़ रहा है। इसके बाद वह अचानक अपनी बैरक में चले गए। दोपहर सवा दो बजे पता चला कि प्रमोद की गोली लगने से मौत हो गई है।

विज्ञापन

 

दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को शुक्रवार को चंपावत जाना है। इससे पहले उनकी सुरक्षा टीम को बृहस्पतिवार 11 बजे चंपावत के लिए ड्यूटी पर निकलना था। प्रमोद घर से तैयार होकर सुबह 11 बजे बैरक परिसर में पहुंच गए। यहां अचानक उन्हें पता चला कि 11 नहीं बल्कि दो बजे निकलना है।

विज्ञापन


ऐसे में वह वहीं पर टहलते हुए इंतजार करने लगे। वहां मौजूद लोगों का कहना है कि प्रमोद को कभी ऐसे नहीं देखा था। वह शायद कुछ सोच रहे थे। उनसे पूछा भी गया कि क्यों टहल रहे हो तो उन्होंने मुस्कराते हुए कहा कि अब ड्यूटी का समय दो बजे हो गया है, इसलिए टाइम काट रहा हूं।

विज्ञापन
विज्ञापन

क्यों नहीं सुनाई दी गोली चलने की आवाज

परिसर में कुल पांच बैरक हैं। इनमें सीएम की सुरक्षा में तैनात 10 से 11 कमांडो रहते हैं। इससे ज्यादा अन्य सुरक्षाकर्मी भी यहां रहते हैं। लेकिन, दोपहर के समय एक बैरक में गोली चल जाती है और इसकी आवाज किसी को सुनाई नहीं देती। इस बात पर विश्वास करना मुश्किल हो रहा है। वहां मौजूद लोग यह भी बताते हैं कि यहां अक्सर छतों पर बंदर कूदते रहते हैं।

कभी लकड़ी गिराते हैं तो कभी बराबर वाले परिसर की टिन शेड पर कूदते हैं। हो सकता है कि जब गोली चली हो तो लोगों ने बंदरों की उछलकूद समझकर इसे नजरअंदाज कर दिया हो। इसके अलावा हवा में अक्सर जाली वाले दरवाजे जोर-जोर से चौखट से टकराते हैं। बैरक परिसर में गूंज के साथ यह आवाज भी भयंकर लगती है। शायद इस कारण भी गोली की आवाज और इस तरह की आवाज में लोग भेद न कर पाए हों।

छुट्टी मंजूर थी तो किस बात को लेकर परेशान थे प्रमोद रावत

प्रमोद की दादी की पिछले साल मौत हो गई थी। वार्षिक श्राद्ध के लिए पौड़ी के घर पर भागवत करानी थी। इसके लिए उन्होंने 16 जून से छुट्टी मांगी थी। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, छुट्टी मंजूर भी हो गई थी। उनके परिवार में भी कोई ऐसी दिक्कत नहीं बताई जा रही है। वहां मौजूद लोगों का कहना है कि जब प्रमोद टहल रहे थे तो कुछ परेशान लग रहे थे। लेकिन, हो सकता है कि वह कुछ सोच रहे हों। मगर, इन सब बातों को लेकर फिलहाल प्रमोद की मृत्यु एक रहस्य बन गई है।

ये भी पढ़ें...Accident In Uttarkashi:  गंगोत्री के पास रोडवेज की बस हुई हादसे का शिकार, बाल-बाल बची 32 यात्रियों की जान

एसपी सिटी करेगी पूरे मामले की जांच

एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने बताया कि इस मामले में आत्महत्या या दुर्घटना दोनों पहलुओं पर जांच की जानी है। इसके लिए एसपी सिटी सरिता डोभाल को नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि छुट्टी को लेकर प्रमोद परेशान थे, ऐसी भ्रांतियां सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही हैं। प्रमोद की छुट्टी एडवांस में मंजूर की जा चुकी थी। यदि उसने आत्महत्या की है तो यह कारण बिल्कुल नहीं हो सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed