देहरादून: दीवाली मनाने जवानों के बीच पहुंचे सीएम धामी, अपने हाथों से खिलाई मिठाई, शौर्य और त्याग को सराहना
दिवाली की खुशियों के बीच मुख्यमंत्री ने सैनिकों के योगदान को याद करते हुए उन्हें अपने परिवार का हिस्सा बताया। इस दौरान उन्होंने गढ़वाल रेजीमेंट की वीरगाथाओं और 1962 के युद्ध के महावीर चक्र विजेता जसवंत सिंह रावत के साहस को भी याद किया।
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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शनिवार को गढ़ीकैंट स्थित गढ़वाल ग्रीन्स प्रशिक्षण मैदान में आयोजित दिवाली मिलन कार्यक्रम में वीर जवानों के साथ त्योहार की खुशियाँ साझा कीं। मुख्यमंत्री ने जवानों को अपने हाथों से मिठाई खिलाई और उनके अदम्य साहस, शौर्य तथा समर्पण के प्रति कृतज्ञता व्यक्त की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि त्योहारों की वास्तविक खुशी अपनों के बीच होती है और सैनिक उनके परिवार का हिस्सा हैं। उन्होंने कहा कि हमारे घरों में जलने वाले दीपों के पीछे सीमा पर तैनात सैनिकों का त्याग और उनके परिजनों का समर्पण है। स्वयं सैनिक पृष्ठभूमि से आने का उल्लेख करते हुए उन्होंने अपने पिता द्वारा सुनाई गई गढ़वाल रेजीमेंट और 1962 के युद्ध के महावीर चक्र विजेता अमर शहीद जसवंत सिंह रावत की वीरगाथाओं को भावुकता से याद किया।
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मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार सैनिकों और उनके परिवारों के कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसी उद्देश्य से शहीद सैनिकों के आश्रितों की अनुग्रह राशि 10 लाख से बढ़ाकर 50 लाख की गई है। सरकारी नौकरी के आवेदन की समय-सीमा बढ़ाकर पांच वर्ष की गई है। देहरादून में सैन्यधाम का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। इस अवसर पर कई वरिष्ठ सैन्य एवं प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।