CM रावत का ऐलान, पट्टे का नया कानून सोमवार से होगा लागू
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पट्टों पर मालिकाना हक से संबंधित कानून को सोमवार से लागू कर दिया जाएगा। मुख्यमंत्री हरीश रावत ने शुक्रवार को पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा से मुलाकात के बाद मीडिया के सामने यह घोषणा की। उस वक्त बहुगुणा भी सीएम के साथ थे।
बहुगुणा शुक्रवार को बीजापुर गेस्ट हाउस पहुंचे और मुख्यमंत्री हरीश रावत से मुलाकात की। दोनों के बीच कुछ गिले-शिकवे भी दूर हुए। मुलाकात के बाद दोनों नेता बाहर संयुक्त रूप से मीडिया के सामने आए। बहुगुणा ने सार्वजनिक रूप से कहा कि जनहित के मुद्दों पर वह सरकार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर चलने को तैयार हैं।
विजय बहुगुणा ने मुख्यमंत्री को बताया था कि जमींदारी विनाश भूमि अधिनियम में संशोधन कर 27 जनवरी 2014 को अधिसूचना लागू कर दी गई थी। इसके तहत 70 के दशक में उत्तराखंड आए बंगालियों व अन्य पट्टेदारों को भूमि का मालिकाना हक देना था। लेकिन कानून बनने के बाद अभी तक क्रियान्वित नहीं हो सका।
सवा लोख लोगों को मिलेगा काननू से लाभ
इससे विपक्ष को हमला करने का मौका मिल रहा है और लोगों को न्याय नहीं मिला। सीएम ने कहा कि यह मामला उनके संज्ञान में नहीं है, लेकिन अब सोमवार से इसे लागू कर दिया जाएगा। बहुगुणा ने बताया कि इस कानून से सवा लाख लोग लाभान्वित होंगे।
बातचीत का दूसरा मुद्दा अगले सत्र में अनुपूरक बजट का था। बहुगुणा ने कई योजनाओं को अनुपूरक बजट देने और कई को जोड़ने की बात कही। इस पर भी सीएम राजी हो गए। तीसरे मुद्दे में बहुगुणा ने कहा कि जब वह सीएम थे तो संविदा पर पांच साल नौकरी करने वाले को स्थायी नियुक्ति देने और भविष्य में रिक्त पदों पर संविदा के बजाय हिमाचल की तर्ज पर स्थायी नियुक्ति करने का निर्णय कैबिनेट से हुआ था, लेकिन उस पर भी अमल नहीं हुआ।
बहुगुणा ने मलिन बस्तियों को नियमित करने का कैबिनेट का फैसला भी हरीश रावत को याद दिलाया। इसी के साथ सीएम ने पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा की वह बात भी मान ली है जिसमें उन्होंने सितारगंज में पॉलिटेक्निक और बस स्टैंड के लिए अनुपूरक बजट में व्यवस्था करने को कहा था। बहुगुणा ने कहा कि सीएम ने इन मुद्दों पर ठोस आश्वासन दिया है।
पढ़िए, क्या बोले मुख्यमंत्री?
पूर्व मुख्यमंत्री से मुलाकात हुई है। मुख्य मामला पट्टों पर मालिकाना हक का था। अफसरों ने कानून लागू होने के बाद कुछ आशंकाएं खड़ी की थीं, लेकिन मैंने स्पष्ट कहा है कि संशोधित कानून को लागू करो। भविष्य में यदि तकनीकी दिक्कतें पेश आती हैं, उसे बाद में देखा जाएगा। भविष्य में क्या होगा, यह सोचकर तो जारी हो चुके आदेशों का क्रियान्वयन नहीं रोका जा सकता।
-हरीश रावत, मुख्यमंत्री
ऐसे मामले जो कि विधानसभा या कैबिनेट से पास हो चुके हैं, उन्हें लागू किया जाना चाहिए। मैं आज इसी काम के लिए सीएम के पास आया था, उनका रुख भी इन मामलों को लेकर सकारात्मक रहा है।
-विजय बहुगुणा, पूर्व मुख्यमंत्री