सोलर प्लांट के लोकापर्ण से पहले ही कार्यक्रम में हंगामा, एक गिरफ्तार
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शुक्रवार को सोलर प्लांट का लोकार्पण के मौके पर सीएम त्रिवेंद्र के पहुंचने से पहले ही वहां लोगों ने हंगामा कर दिया। मुख्यमंत्री को काला झंडा दिखाने जा रहे आम नागरिक मंच के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
कार्यकर्ताओं का कहना था कि राज्य सरकार की ओर से इस बार एनसीआरटी की किताबें लागू करने से पब्लिक स्कूलों को जानबूझकर छूट दी गई है, जिसका खामियाजा छात्रों और अभिभावकों को भुगतना पड़ रहा है।
उन्होंने कहा कि इसके एवज में सरकार छात्रों और अभिभावकों को स्कूल फीस में छूट के निर्देश दे। मांग को लेकर सीएम को काला झंडा दिखाने जा रहे मंच के कार्यकर्ताओं को पहले ही पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया।
विकास कार्यों के लिए ऊर्जा जरूरी
मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत ने कहा कि विकास कार्यों के लिए ऊर्जा जरूरी है। बिना ऊर्जा के राज्य और देश के विकास की कल्पना नहीं की जा सकती है। उन्होंने ऊर्जा के क्षेत्र में भी नई तकनीकों को अपनाने और उसे आमजन तक पहुंचाने पर जोर दिया।
उन्होंने गन्ना किसानों को भी शीघ्र बकाया भुगतान दिलाने का आश्वासन दिया। शुक्रवार को मुख्यमंत्री भलस्वागाज गांव स्थित सोलर प्लांट के लोकार्पण पर लोगों को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है की तकनीक के माध्यम से कम खर्च में अधिक लाभ अर्जित किया जा सकता है। ऐसे में सोलर प्लांट की महत्ता बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक ऊर्जा उत्पादन कर हम देश और राज्य के विकास में भागीदारी कर सकते हैं और प्रधानमंत्री के सपनों को साकार कर सकते हैं।
एक ओर उन्होंने खेती की घटती भूमि पर चिंता जताई तो दूसरी ओर सौर ऊर्जा प्लांट और उद्योगों से विकास की बढ़ती रफ्तार पर संतोष जताया। उन्होंने गन्ना किसानों को भी बकाया भुगतान जल्द कराने का भरोसा दिलाया।
उत्तराखंड मे 181.4 मेगावाट के सौर उर्जा प्लांट
वहीं हरिद्वार के सांसद और पूर्व मुख्यमंत्री रमेश पोखरियाल निशंक ने कहा कि उत्तराखंड को ऊर्जा प्रदेश कहा जाता है, लेकिन कईं बार पनबिजली परियोजनाएं गाद आदि आने से बंद हो जाती हैं। ऐसे में कई दिन बिजली का संकट खड़ा हो जाता है। उत्तराखंड के ऊर्जा विभाग ने प्रदेश में बिजली की कमी को पूरा करने के लिए वैकल्पिक ऊर्जा को माध्यम बनाया।
प्रदेश में 181 मेगावाट क्षमता के नये सौर ऊर्जा प्लांट लगाये गये हैं। खास बात यह है कि ऊर्जा विभाग ने समय सीमा से पहले ही इन प्लांट को तैयार कर अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर ख्याति प्राप्त की है। प्रदेश के प्रमुख सचिव उर्जा डा. उमाकांत पंवार ने कहा कि पीएम मोदी के गांव गांव और घर-घर तक बिजली पहुंचाने के संकल्प को उत्तराखंड का ऊर्जा विभाग साकार करने जा रहा है ।
उत्तराखंड मे 181.4 मेगावाट के सौर उर्जा प्लांट लगाये गये हैं, जिसमें हरिद्वार जिला प्रदेश में सबसे बड़ा सौर ऊर्जा उत्पादन जिला बनकर उभरा है। भलसवागाज का प्लांट प्रदेश के विकास में मील का पत्थर साबित होगा। इस मौके पर यूपीसीएल के प्रबंध निदेशक बीसीके मिश्रा, उरेडा प्रबंध निदेशक अनिल त्यागी, डीएम एस मुरूगेशन, एसएसपी कृष्ण कुमार वीके, पदमसिंह, सुशील चौधरी, सुरेन्द्र राणा, नरेन्द्र सिंह, सचिन कुमार आदि मौजूद रहे।