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Uttarakhand: देवभूमि की डेमोग्राफी नहीं बदलने देंगे, कुछ इस अंदाज में मुख्यमंत्री धामी ने बताया विकास का खाका

Wed, 11 Jun 2025 02:32 PM IST
रेनू सकलानी अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Wed, 11 Jun 2025 02:32 PM IST
सार

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का कहना है कि हमने यूसीसी बनाकर संविधान सम्मत काम किया है। कहा कि हम देवभूमि की डेमोग्राफी बदलने नहीं देंगे।

 

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CM Dhami said will not let the demography of Devbhoomi change Uttarakhand Amar Ujala Samwad
सीएम पुष्कर सिंह धामी - फोटो : @pushkardhami

विस्तार

हमने समान नागरिक संहिता बनाकर संविधान सम्मत काम किया है। किसी वर्ग विशेष नहीं, देवभूमि के मूल स्वरूप को बनाए रखने के लिए यह कानून बनाया है। जो लोग यहां की डेमोग्राफी बदलना चाहते हैं, उन्हें कामयाब नहीं होने देंगे। अगर कोई हिंदुत्व की प्रयोगशाला का आरोप लगाता है तो लगाता रहे। अमर उजाला संवाद उत्तराखंड में पहुंचे मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कुछ इसी अंदाज में राज्य के विकास का खाका सामने रखा।

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हरिद्वार बाईपास स्थित होटल सेफर्ट सरोवर प्रीमियर में आयोजित संवाद उत्तराखंड में सीएम धामी ने प्रदेश के विकास पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वर्णिम कार्यकाल के 11 वर्ष पूरे हो रहे हैं। उन्होंने जो विकसित भारत का संकल्प दुनिया के सामने रखा है, वो हम सबके लिए लक्ष्य है। राज्य विकसित होंगे तो देश विकसित होगा। पीएम मोदी के नेतृत्व में चारधाम ऑल वेदर रोड, ऋषिकेश-कर्णप्रयाग रेललाइन, रोपवे, दून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे जैसी तमाम परियोजनाएं इस बात का सबूत हैं कि विकास कितनी गति से आगे बढ़ रहा है।

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बस कुछ महीने का इंतजार, दिल्ली से दून केवल ढाई घंटे में

सीएम पुष्कर धामी ने कहा कि आने वाले समय में दिल्ली से देहरादून दो से ढाई घंटे में आ सकेंगे, बस कुछ ही महीनों का इंतजार है। देहरादून तक ढाई घंटे का सफर शुरू होने के बाद आने वाली यात्रियों भीड़ के लिए व्यवस्था के सवाल पर सीएम धामी बोले कि ये हमारे लिए चुनौती है। लेकिन हमने रिस्पना-बिंदाल पर 26 किलोमीटर एलिवेटेड सड़क बनाने की योजना तैयार कर ली है। जो एक तरह से रिंग रोड की तरह काम करेगा। केंद्र सरकार ने भी इसमें हमारे सहयोग की बात की है।

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सवा करोड़ की आबादी, आठ करोड़ के लिए इंतजाम चुनौती

सीएम धामी ने कहा, देश में सतत लक्ष्यों को प्राप्त करने में देवभूमि उत्तराखंड को पहला स्थान मिला है। उन्होंने कहा कि सभी योजनाएं पूरे देश के लिए एकसमान बनती हैं। हम चाहते हैं कि हमारे लिए अलग योजनाएं बनें। हमारी आबादी 1.25 करोड़ है, लेकिन हमें यहां तीर्थयात्रा, पर्यटन क्षेत्र में आने वाले आठ करोड़ लोगों की व्यवस्था करनी पड़ती है। उन्होंने कहा, तीर्थयात्रियों के लिए राह सुगम होती जा रही है। हेमकुंड साहिब का रोपवे स्वीकृत हो गया है। 45 मिनट में यात्रा पूरी हो जाएगी। केदारनाथ में रोपवे भी स्वीकृत हो चुका।

पीएम मोदी गंगा पुत्र

सीएम धामी ने कहा, प्रधानमंत्री का गंगा मैया से एक रिश्ता है। मैं उनको गंगा पुत्र भी कह सकता हूं। जैसे गंगा मैया ने उन्हें बनारस बुलाया, वैसे ही अपने मायके बुलाया है। उन्होंने कहा, राज्य में छह माह चारधाम यात्रा बंद रहने की वजह से कामकाज ठप रहता था। हमें शीतकाल में काफी संभावनाएं लगी। शीतकालीन गद्दी स्थलों पर इस दौरान पूजा-पाठ लगातार चलते हैं। हमने लोगों को बताया कि इस दौरान वे अपनी यात्रा कर सकते हैं। सीएम ने कहा, सर्दियों के जिन महीनों में कई राज्यों में धूप के दर्शन नहीं होते, उस दौरान उत्तराखंड के पहाड़ों में खूब धूप खिलती है। इसीलिए प्रधानमंत्री मोदी ने घाम तापो पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर दिया है।

सिलक्यारा हमारा सक्सेस मॉडल, आपदा के नुकसान रोकने पर जोर

मुख्यमंत्री धामी ने एक सवाल के जवाब में कहा कि हमारे लिए आपदा बहुत बड़ी चुनौती है। बरसात में नदी, नाली, गदेरे उफान पर आ जाते हैं। पहाड़ में एवलांच, भूस्खलन आ जाते हैं। हमारे लिए चुनौती है, लेकिन हमने काम किया। हमने 28 नवंबर 2023 को विश्व आपदा सम्मेलन कराया। आपदा को हम रोक नहीं सकते, लेकिन उसका नुकसान कैसे कम कर सकते हैं इस बात पर उस सम्मेलन में चर्चा हुई। हमारे सिलक्यारा रेस्क्यू ऑपरेशन को सभी ने देखा। यह आपदा का सबसे कामयाब बचाव संबंधी उदाहरण है।

हमने जीईपी लागू किया, विकास का मॉडल सही दिशा में

सीएम धामी ने एक सवाल के जवाब में कहा, हमारी दिशा और विकास का मॉडल सही दिशा में जा रहा है। हमने राज्य में ग्रॉस एनवायरमेंट प्रॉडक्ट, जीईपी लागू किया है। उस पर काम कर रहे हैं। हमने इकोलॉजी और इकोनॉमी में संतुलन पर काम किया है। हम अपनी नदियों, गाड, गदेरे, स्त्रोतों को बचाने के लिए काम कर रहे हैं।

जितनी ज्यादा बिजली यहां पैदा होगी पूरे देश के काम आएगी

प्रदेश की नदियों पर जल विद्युत परियोजनाओं के सवाल पर सीएम धामी ने कहा कि हमारी हाइड्रो पावर प्रोजेक्ट की क्षमता 25,000 मेगावाट बिजली पैदा करने की है, लेकिन पर्यावरण संबंधी नियमों की वजह से परियोजनाएं लटक गईं। हम लगातार प्रयास कर रहे हैं। रूपसिया बगड़ को हाल ही में स्वीकृति मिली है। जितनी ज्यादा बिजली यहां पैदा होगी, वह प्रदेश ही नहीं पूरे देश के काम आएगी।

भू-कानून से उद्योगों पर कोई असर नहीं

प्रदेश में निवेश को लेकर पूछे गए सवाल पर धामी बोले, हमने वर्ष 2023 में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट की थी। उसमें देश-दुनिया के उद्यमियों को बुलाया। हमने उससे पहले यहां की इंडस्ट्री के लोगों के साथ संवाद किया, उनसे पूछा कि उन्हें कोई परेशानी तो नहीं। उनके सुझाव के आधार पर हमने 25 नई नीतियां बनाई। हमें दो से ढाई लाख करोड़ की उम्मीद थी, लेकिन तीन लाख 54 हजार करोड़ के एमओयू हुए। इसमें से 90 हजार करोड़ की ग्राउंडिंग हो चुकी है। हम ग्राउंडिंग सेरेमनी भी करेंगे। उन्होंने कहा कि भू-कानून से निवेशकों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। लोग यहां जमीन लेकर उसका दुरुपयोग करते थे, हमने उसे रोका है। राज्य के अस्तित्व को बनाए रखने के लिए ये कानून लाए हैं।

हमने किसी को टारगेट नहीं किया, कानून सम्मत काम किया

समान नागरिक संहिता के सवाल पर सीएम धामी ने कहा कि पिछले कई माह से पूरे देश में इस पर चर्चा हो रही है। समान नागरिक संहिता का प्रावधान देश के संविधान में किया गया है। हमने संविधान सम्मत काम किया है। उन्होंने कहा, उत्तराखंड देवभूमि, चारधाम, गंगा यमुना, अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगा प्रदेश है। यहां के हर परिवार से कोई न कोई सेना में सेवा देता है। पहले यहां हर पांच साल में सरकार बदलने का मिथक था। मुझे चुनाव से ठीक पहले जिम्मेदारी मिली थी। हमने जनता को समान नागरिक संहिता का जो वचन दिया था, उसे निभाया है। इसी काम के लिए जनता ने हमें चुना था। वर्ग विशेष को लक्षित करके यूसीसी लागू करने के सवाल को सीएम धामी ने खारिज करते हुए कहा कि हमने सबके लिए समान कानून बनाया है। किसी को टारगेट नहीं किया। देवभूमि में अगर ये काम करते हैं तो हमें गर्व है।

 अतिक्रमण हटाया

प्रदेश में बड़ी संख्या में बुल्डोजर चलाकर मजार तोड़ने के सवाल पर सीएम धामी ने कहा कि हम चाहते हैं कि देवभूमि में हर व्यक्ति कानून से जिए। क्या अवैध अतिक्रमण को कोई सही ठहराएगा। हमने कोई व्यवस्था नहीं तोड़ी। जगह-जगह पर नीली, पीली चादर बिछाकर सरकारी जमीन पर कब्जा किया हुआ था। हमने इन जमीनों को कब्जा मुक्त कराया है। कालू सिद्ध मंदिर को सड़क के लिए पीछे किया गया है।

पहचान छिपाने वालों को डेमोग्राफी बदलने नहीं देंगे

मदरसों पर लगातार हो रही कार्रवाई के सवाल पर सीएम धामी ने कहा कि हम चाहते हैं कि मदरसों में पढ़ने वाले बच्चों को अच्छी शिक्षा मिले। पहचान छिपाकर रहना गलत है। ऐसे लोगों की वजह से हमारी डेमोग्राफी भी बदल रही है। हम ऐसा नहीं होने देंगे। ये देवभूमि है। यहां देवों ने तप किया है। हम दुनिया में कहीं भी जाते हैं तो जैसे ही उत्तराखंड का नाम बताएंगे तो सामने वाले कि धारणा बदल जाती है। इस धारणा को बदलने नहीं देंगे।

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चुनाव हारा तो थोड़ी देर निराश हुआ, लेकिन पार्टी की जीत ने मजबूती दी

सीएम बनने के सवाल पर धामी ने कहा कि मैं पार्टी का सामान्य कार्यकर्ता हूं। मैंने अपने लिए कभी कोई पद नहीं मांगा। कभी ये नहीं सोचा कि कुछ बनूंगा। हमेशा सोचा कि कुछ करूंगा। उन्होंने कहा, मैं खुद चुनाव हार गया था, लेकिन राज्य में जनता ने हमारी पार्टी को जिता दिया था। रिजल्ट आया तो थोड़ी देर मन दुखी हुआ, लेकिन फिर मुझे लगा कि भले ही मैं चुनाव हार गया, लेकिन मेरी पार्टी जीत गई। कहा, मुझे जब पहली बार जिम्मेदारी मिली मुझे पता नहीं था। मैं विधानमंडल दल की बैठक में सबसे पीछे बैठा था। मेरा नाम पुकारा गया तो मेरा मोबाइल खो गया। जैसे-तैसे बिना मोबाइल ही मंच पर पहुंचा।

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