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राजधानी के प्रवेश द्वार पर अव्यवस्थाओं का अंबार, प्रशासन बेखबर

Thu, 30 Dec 2021 11:51 PM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 30 Dec 2021 11:51 PM IST
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Clutter at the entrance of the capital, administration oblivious
राजधानी के प्रवेशद्वार और अंतरराज्यीय बॉर्डर आशारोड़ी पर ही अव्यवस्थाओं से लोगों का बुरा हाल है। कोरोना के मामले बढ़ रहे हैं, लेकिन जांच की समुचित व्यवस्था ही नहीं है। जांच करने के लिए यहां केवल एक स्वास्थ्यकर्मी मौजूद रहता हैं। दर्जनों कर्मचारी और सैकड़ों लोगों के लिए न टॉयलेट की व्यवस्था है और ही पीने के पानी की। जैसे-तैसे वहां पर व्यवस्थाओं को चलाया जा रहा है, लेकिन इन सब से दूर प्रशासन को इसकी खबर तक नहीं है। अब मीडिया की वहां पड़ताल हुई तो जिले के हाकिम ने वहां पर व्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने की बात कही है।
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दरअसल, अब कोरोना के मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। पिछले दिनों कुछ पाबंदियां भी प्रदेश में लगाई गईं। राज्यों से लगती सीमाओं पर टेस्ट आदि को भी अनिवार्य किया गया। लाजिमी है कि यह सब आशारोड़ी चेकपोस्ट पर भी होना था। यहां से हजारों पर्यटक और काम के लिए आने वाले लोग गुजरते हैं। बीते कुछ दिनों से कोरोना के मामले नहीं थे तो यहां पर भी जरूरत से ज्यादा ढील दे दी गई। नतीजा यह हुआ कि इस महत्वपूर्ण बॉर्डर पर जांच के लिए जहां पहले एक कंपनी के दर्जनों कर्मचारी रहते थे वहां अब केवल एक ही महिला स्वास्थ्य कर्मी काम कर रही है।
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यह महिला स्वास्थ्यकर्मी ही पहले जांच करती है और फिर उसे वेबसाइट पर अपलोड करती है। उसकी मदद के लिए चंद पीआरडी जवानों को लगाया गया है। यहां पर डेढ़ साल पहले कर्मचारियों और यहां आने वाले लोगों के लिए टायलेट आदि की व्यवस्था की गई थी, लेकिन वर्तमान में इनकी हालत बेहद ही खराब नजर आई। यहां न पानी था और न ही सफाई। हद तो तब हुई जब पड़ताल में पाया गया कि यहां पर कर्मचारियों और अन्य लोगों के लिए पीने के पानी तक की व्यवस्था नहीं है।
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कैमरा पहुंचा तो जांच के लिए मोड़ी गाड़ियां
दोपहर करीब एक बजे यहां पर लगभग सभी गाड़ियां सीधे शहर की ओर भेजी जा रहीं थीं, लेकिन जैसे ही वहां पर मीडिया के कैमरे पहुंचे तो कर्मचारियों ने दर्जनों गाड़ियों को चेकिंग के लिए मोड़ दिया। फिर यहां पर जो हुआ वह भी देखने लायक था। जांच के लिए अब यहां पर 50 से ज्यादा लोग पहुंच चुके थे। लेकिन, वहां उनकी जांच करने के लिए केवल एक ही स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थी। देखते ही देखते वहां पर लोगों की लंबी लाइन लग गई।
जंगल में टॉयलेट जाने को मजबूर महिलाएं
यहां पर टॉयलेट की हालत बेहद खराब है। ऐसे में गाड़ियों से उतरते ही महिलाओं और बच्चों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। हालात यह हैं कि महिलाओं को पास के जंगल में जाकर टॉयलेट करना पड़ रहा है। इसके अलावा यहां मौजूद कर्मचारी भी को भी इसी समस्या से दो चार हो रहे हैं।
आशारोड़ी पर व्यवस्थाओं को सुधारा जाएगा। जल्द ही वहां पर टीम निरीक्षण के लिए जाएगी। ताकि टॉयलेट आदि की व्यवस्थाओं को दुरुस्त किया जा सके। इसके अलावा वहां पर स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या को भी बढ़ाया जाएगा।- डॉ. आर राजेश कुमार, जिलाधिकारी देहरादून।

प्रशासन से निर्देश मिलते ही वहां पर स्वास्थ्य कर्मियों की संख्या बढ़ा दी जाएगी। इसके अलावा अन्य जो व्यवस्था स्वास्थ्य विभाग कर सकता है उन्हें जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा।
- डॉ. मनोज उप्रेती, सीएमओ
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