उत्तराखंड: नारायणबगड़ में बादल फटने से मची तबाही, दुकानों में घुसा मलबा, कई वाहन दबे
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बुधवार शाम उत्तराखंड में मूसलाधार बारिश के बाद बादल फटने से तबाही मच गई। कई दुकानों में मलबा घुस गया। सड़क दो जगह बंद हो गई। एक आवासीय मकान में मलबा घुस गया। कस्बे के आस पास बहने वाले चार गदेरे उफान पर आ गए। तीन से अधिक गाड़ियां मलबे में दब गई। पेयजल लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई।
जबकि बिजली भी गुल हो गई। करीब दो घंटे तक यहां अफरा तफरी का माहौल रहा। शाम साढ़े छह बजे करीब बारिश कम होने पर लोगों ने खुद ही सड़क का मलबा साफ कर कुछ बारात के वाहन पास करवाए।
जानकारी के मुताबिक बुधवार शाम चार बजे से नारायणबगड़ में मौसम बिगड़ना शुरू हुआ। देखते ही देखते ओलावृष्टि, बादलों के गर्जनों के साथ तेज बारिश शुरू हुई। यही नहीं आधे घंटे में केवर गांव का सारी गदेरा, रोखड़गदेरा, बेड़गांव और पालछुनी गदेरों में मलबे के साथ भारी मात्रा में पानी आ गया।
जिससे जीत सिंह मार्केट में मलबा घुस गया। इस दौरान सजवाण इलैक्ट्रानिक्स, दीप क्लाथ हाउस, एसबी टेलर्स, भारत स्टील सहित आधा दर्जन से अधिक दुकानों में मलबा घुस गया। जबकि जीत सिंह मार्केट में संजय सिंह नेगी के आवसीय मकान में भी भारी मात्रा में मलबा घुसा। पूर्ति विभाग के राशन के गोदामों में भारी मात्रा में मलबा घुस गया। हालांकि गोदाम बंद होने से नुकसान का अंदाजा नहीं लगा।
नदारद रहा आईआरएस सिस्टम
इस दौरान बाजार में तीन से अधिक वाहन मलबे में दब गए। जबकि दो जगह सड़क बंद रही। इस दौरान कई बारातों के वाहन फंसे रहे। शाम साढ़े छह बजव्े बारिश कुछ थमी तो लागों ने बेलचों के तसहारे कुछ मलबा हटाया ऊर बारात के वाहन पास किए।
इस दौरान दो घंटे तक अफरा तफरी का माहौल रहा। बता दें कि नारायणबगड़ में वर्ष 2013 की आपदा में भी भरी नुकसान हुआ। इस दौरान यहां पुराना बाजार बाढ़ में बह गया था। जिससे यहां लोग अब भी डरे सहमे हैं। बुधवार को एक बार फिर यहां लोग डर गए। इधर नारायणबगड़ के नायब तहसीलदार बीएस भंडारी ने बताया कि तेज बारिश और बादल फटने की सूचना है। लेकिन जनहानि नहीं है। राहत और बचाव कार्य के लिए टीमें भेजी जा रही है।
नदारद रहा आईआरएस सिस्टम
आपदा के दौरान त्वरित राहत और बचाव कार्य के लिए आईआरएस (इंसीडेंट रिस्पांस सिस्टम) जिले में कार्यरत है। जिसके तहत अधिकारियों को कई बार के प्रशिक्षण भी दिए जा चुके हैं। और मॉक ड्रिल के अभ्यास भी हो चुके हैं। सिस्टम के तहत आपदा की सूचना मिलने पर सभी अधिकारियों को जल्द से जल्द घटनास्थल पर राहत के लिए पहुंचना है।
लेकिन बुधवार शाम दो घंटे तक नारायणबगड़ में बादल फटने से अफरा तफरी का माहौल रहा। पर इस दौरान यहां आईआरएस सिस्टम के तहत एक भी अधिकारी और कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा।
कर्णप्रयाग में गरज के साथ तेज बारिश
बुधवार शाम कर्णप्रयाग सहित आस पास के इलाकों में गरज के साथ तेज बारिश हुई। शाम पाकंच बजे शुरू हुई बारिश के चलते बिजली गुल हो गई। तेज बारिश से नगर में नाले उफान पर रहे।