टिहरीः बादल फटने से तबाही, दो सौ से अधिक मकान जमींदोज, एक की मौत
- दो सौ से अधिक आवासीय मकान, 100 से अधिक मवेशी मलबे में दबे
- घनसाली-चमियाला मोटर मार्ग कई जगह बंद, कई यात्री फंसे
- घनसाली के पास सड़क बंद होने से प्रशासन नहीं पहुंच पाया प्रभावित गांवों तक
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
टिहरी के भिलंगना ब्लॉक की बालगंगा घाटी में शनिवार को अलग-अलग छह जगहों पर बादल फटने से भारी तबाही मच गई। कोठियाड़ा, केमरा, सिल्यारा और गनगर में करीब दो सौ से अधिक आवासीय मकान मलबे में दब गए।
केमर पट्टी के रौंसाल गदेरे में आई बाढ़ की चपेट में आकर एक किशोर की मलबे में दबने से मौत हो गई। वहीं, उत्तरकाशी के भंडारस्यूं क्षेत्र में बारिश से बचने के लिए जुणगा गदेरे के किनारे घराट में छिपी एक किशोरी लापता हो गई।
भारी बारिश और बादल फटने से गिर गांव के पास 20 मीटर सड़क टूट गई है, जिससे एलकेसी मोटर मार्ग पर आवागमन ठप हो गया है और सैकड़ों यात्री मार्ग पर ही फंसे हुए हैं। उधर, घनसाली के पास सड़क बंद होने से प्रशासन भी घाटी में प्रभावित गांवों तक नहीं पहुंच पाया है।
शनिवार को बालगंगा घाटी में कुदरत ने भारी तबाही मचाई। शाम तीन-चार बजे के बीच अलग-अलग जगह बादल फटने से अफरा-तफरी मच गई। कोठियाड़ा गांव के ऊपर तोकदा गदेरे में बादल फटने से आधा गांव तबाह हो गया। वहां 50 से अधिक आवासीय मकानों में मलबा घुस गया, जिससे घरों में रखा सामान बरबाद हो गया।
ग्राम प्रधान के बेटे आया मलबे की चपेट में, मौत
शनिवार को बालगंगा घाटी में कुदरत ने भारी तबाही मचाई। शाम तीन-चार बजे के बीच अलग-अलग जगह बादल फटने से अफरा-तफरी मच गई। कोठियाड़ा गांव के ऊपर तोकदा गदेरे में बादल फटने से आधा गांव तबाह हो गया। वहां 50 से अधिक आवासीय मकानों में मलबा घुस गया, जिससे घरों में रखा सामान बरबाद हो गया।
भारी मात्रा में आए मलबे में 100 से अधिक पशु भी जिंदा दफन हो गए। इसी बीच, केमरा और सिल्यारा गांव के ऊपर भी बादल फटने से सिल्यारा के 50 आवासीय मकान मलबे में दब गए। वहां मोटर पुल बह जाने से लंबगांव-कोटालगांव-घनसाली-केदारनाथ (एलकेसी) मोटर मार्ग पर आवागमन ठप हो गया। जगह-जगह सड़क बंद होने से सैकड़ों यात्री फंस गए।
भिलंगना ब्लॉक में केमर पट्टी के ग्राम रौंसाल गदेरे में आई बाढ़ की चपेट में आने से गांव के पूर्व प्रधान सूरत राम के 15 वर्षीय बेटे की मलबे में दबने से मौत हो गई। किशोर गदेरे के पास दो अन्य साथियों के साथ खड़ा था। तभी अचानक उसका पैर फिसल गया और वह बह गया। जब तक कोई कुछ कर पाता वह गदेरे में आए मलबे में दब गया।
केमरा गांव में तबाही, 20 से अधिक मकान ढहे
काफी प्रयासों के बाद भी उसका शव बरामद नहीं हो पाया है। घटना से परिजन गहरे सदमे में हैं। उधर, उत्तरकाशी के भंडारस्यूं क्षेत्र में बारिश से बचने के लिए जुणगा गदेरे के किनारे घराट में छिपी एक किशोरी लापता हो गई। यहां मकोरा खड्ड में आए उफान में अस्सी बकरियां के भी बह जाने की सूचना है।
केमरा में सड़क पर खड़े कई दुपहिया वाहन और कार मलबे में दब गई। गांव में 20 से अधिक मकान दब गए। श्रीकोट गदेरे में भी मलबा आने से सड़क बह गई। गिरगांव गदेरे में आई बाढ़ से एक स्कूल भवन दब गया। वहीं सड़क टूटने से चमियाला क्षेत्र का घनसाली से संपर्क टूट गया। रास्ते में फंसे दर्जनों यात्रियों ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेलेश्वर में शरण ली है।
एक नजर में, क्षेत्र में हुए नुकसान का जायजा
1- सिल्यारा में छवि राम, सचिदानंद, जयप्रकाश, हुकम सिंह, भगवान सिंह, सावन लाल, बुद्धि सिंह, कमल सिंह और हरीश पोखरियाल की दुकान सहित 50 आवासीय मकान ध्वस्त हो गए।
2- कोठियाड़ा में गीता राम, गोविंद राम, मित्रानंद, नारायण दत्त, लाखीराम बड़ा, लाखीराम छोटा सहित 60 से अधिक मकान ध्वस्त हो गए।
3- केमरा- जयप्रकाश, हुकम सिंह, भगवान सिंह, कमल सिंह, शिव सिंह सहित 20 परिवारों के मकान मलबे से दब गए।
एसडीएम का है कहना
बादल फटने से भिलंगना में भारी तबाही मची है। घनसाली-चमियाला मोटर मार्ग कई जगह बंद होने से प्रभावित गांवों में मदद नहीं पहुंचा पाई है। सड़कों को खोलने के लिए जेसीबी लगाई गई है। क्षेत्र से अभी तक कोई जनहानि की सूचना नहीं है।
-विनोद कुमार, एसडीएम घनसाली।