फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Climber Rohit who returned from avalanche in Draupadi Danda narrated incident

Uttarakhand Avalanche: हिमस्खलन से बचकर लौटे रोहित भट्ट ने बयां की आंखों देखी, सिहर उठे सुनने वाले भी

Sat, 08 Oct 2022 09:08 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, नई टिहरी
संवाद न्यूज एजेंसी, नई टिहरी Published by: आकाश दुबे Updated Sat, 08 Oct 2022 09:08 PM IST
सार

अस्पताल से घर लौटने के बाद रोहित ने जब हिमस्खलन की आंखो देखी सुनाई तो सबके रोंगटे खड़े हो गए। रोहित ने साहस का परिचय देते हुए स्वयं घायल होने के बावजूद चार लोगों का रेस्क्यू कर चार शव निकालने में भी मदद की।

विज्ञापन
Climber Rohit who returned from avalanche in Draupadi Danda narrated incident
पर्वतारोही रोहित भट्ट - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

द्रोपदी के डांडा-2 में हुए हिमस्खलन में घायल रोहित भट्ट के घर पहुंचने पर परिजनों ने उन्हें गले लगा लिया। अस्पताल से घर लौटने के बाद रोहित ने जब हिमस्खलन की आंखो देखी सुनाई तो सबके रोंगटे खड़े हो गए। रोहित ने साहस का परिचय देते हुए स्वयं घायल होने के बावजूद चार लोगों का रेस्क्यू कर चार शव निकालने में भी मदद की। रोहित के घर पहुंचने की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में लोग कुशलक्षेम पूछने के लिए उनके घर पहुंचे।

विज्ञापन


नेहरू पर्वतारोहण संस्थान (निम) के एडवांस माउंटेनियरिंग कोर्स में प्रशिक्षण के लिए उत्तरकाशी के द्रोपदी का डांडा चोटी पर ट्रैकिंग के दौरान हिमस्खलन की चपेट में आकर कई ट्रेनी और ट्रेनर काल का ग्रास बन गए। इसमें टिहरी जिले में मगरौं क्षेत्र के ग्राम खाली-पाल निवासी रोहित भट्ट सकुशल वापस लौट आए हैं। हिमस्खलन की चपेट में आने से घायल रोहित एम्स ऋषिकेश में इलाज के बाद शुक्रवार शाम को गांव पहुंचे तो परिजनों और ग्रामीणों की खुशी का ठिकाना न रहा। रोहित ने उस हादसे को बयां करते हुए बताया कि भगवान का शुक्रगुजार हूं कि बचकर लौट आया।

विज्ञापन

उन्होंने कहा कि बर्फ में दबकर कई साथियों की मौत से वह काफी दुखी हैं। रोहित ने पर्वतारोहण के दौरान हुए हादसे का किस्सा सुनाते हुए बताया कि द्रोपदी का डांडा (डीकेडी) चोटी पर एडवांस माउंटेनियरिंग प्रशिक्षण के लिए निम के सात प्रशिक्षकों सहित 41 सदस्यीय टीम चार अक्तूबर को सुबह सवा तीन बजे निकली थी। टीम द्रोपदी का डांडा फतह करने से महज 200 मीटर नीचे थी कि अचानक हिमस्खलन होने से उनके कई साथी बर्फ की खाई में गिरकर दब गए। जिसमें कई युवा पर्वतारोहियों ने जान गांव दी।

रोहित ने बताया कि इस दौरान वह पवर्तारोही सविता कंसवाल साथियों के साथ रोप के सहारे बगल से चल रहे थे, जबकि वह रोप से अलग होकर टेप सिलिंग कर रहे थे, जिससे वह बाकी साथियों से छिटक गए। जबकि सविता सहित कई पर्वतारोही बर्फ की खाई में गिर गए। इसमें वह भी चोटिल हुए, लेकिन इसके बावजूद उन्होंने हिम्मत दिखाते हुए ट्रेनरों के साथ बर्फ में दबे चार लोगों का रेस्क्यू किया और चार शव बर्फ से बाहर निकाले। इस हादसे में चोटिल होने पर उन्हें एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया। 

विज्ञापन

उपचार के बाद शुक्रवार को वह अपने गांव पहुंच गए। घर पहुंचने पर उनके पिता जगदंबा प्रसाद भट्ट और मां दुर्गा देवी सहित कई लोगों ने बेटे को गले लगाकर उनका स्वागत किया। रोहित ने बताया कि यह मिशन पूरा करने के बाद एवरेस्ट विजेता सविता कंसवाल और उन्होंने आस्ट्रेलिया पीक जाने का प्लान बनाया था, लेकिन कुदरत ने उनकी उम्मीदों पर पानी फेर दिया।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed