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जल संस्थान के वाटर बॉक्स में डूबने से सफाईकर्मी की मौत
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देहरादून। जल संस्थान के दिलाराम चौक स्थित वाटर बॉक्स में एक सफाई कर्मचारी की डूबने से मौत हो गई। हादसा टैंक के ऊपर जमी काई पर पैर फिसलने से होना माना जा रहा है। कर्मचारी के शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया है।
जल संस्थान से मिली जानकारी के मुताबिक पुष्कर सिंह (59 वर्ष) मूल रूप से चमोली के निवासी थे। वह यहीं पर आवासीय कॉलोनी में रहते थे। उनकी जल संस्थान के वाटर बॉक्स पर ड्यूूटी रहती थी। पुष्कर सिंह फिल्टर कर्मी (सफाई कर्मचारी) थे। बृहस्पतिवार को उनकी वहीं पर ड्यूटी थी। सुबह जब वह काफी देर तक अपने घर नहीं पहुंचे तो घरवालों को चिंता हुई। उन्हें देखने के लिए एक कर्मचारी को भेजा गया। कुछ कर्मचारी वाटर बॉक्स पहुंचे तो देखा कि पानी में पुष्कर सिंह का शव पड़ा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकाला। पानी का यह टैंक करीब 20 फीट गहरा है। यहां पर लगभग दो लाख लीटर पानी भरा हुआ था। इंजीनियर एसके गुप्ता ने बताया कि पानी की बौछारों के कारण इसके ऊपर काई जम जाती है। यहीं पर उनका पैर फिसला होगा। इसके कारण वह पानी में गिर गए और नीचे मिट्टी के दलदल में जा गिरे। टैंक में पानी के फिल्टर की आवाज ज्यादा होती है, इसलिए इसका पता भी किसी को नहीं चला।
पानी निकालकर किया गया सैनिटाइज
घटना के बाद फिल्टर हाउस का पूरा पानी निकाला गया था। इसके बाद उसे पूरी तरह से सैनिटाइज किया गया। ताकि, पानी प्रदूषित न हो। इंजीनियर एसके गुप्ता ने बताया कि घटना के बाद पूरी एहतियात बरती जा रही है। घटना की जांच विभाग के अधिकारी भी कर रहे हैं।
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बेटे-बहू के साथ रहते थे पुष्कर
जल संस्थान में कार्यरत पुष्कर सिंह नेगी अगले वर्ष 2022 में रिटायर होने वाले थे। मृतक पुष्कर सिंह नेगी मूल रूप से चमोली के रहने वाले थे। वर्तमान समय में जल संस्थान के आवास में अपनी बहू-बेटे के साथ रहते थे। उनकी पत्नी चमोली में है। उनका एक बेटा शिमला में नौकरी करता है।
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जल संस्थान से मिली जानकारी के मुताबिक पुष्कर सिंह (59 वर्ष) मूल रूप से चमोली के निवासी थे। वह यहीं पर आवासीय कॉलोनी में रहते थे। उनकी जल संस्थान के वाटर बॉक्स पर ड्यूूटी रहती थी। पुष्कर सिंह फिल्टर कर्मी (सफाई कर्मचारी) थे। बृहस्पतिवार को उनकी वहीं पर ड्यूटी थी। सुबह जब वह काफी देर तक अपने घर नहीं पहुंचे तो घरवालों को चिंता हुई। उन्हें देखने के लिए एक कर्मचारी को भेजा गया। कुछ कर्मचारी वाटर बॉक्स पहुंचे तो देखा कि पानी में पुष्कर सिंह का शव पड़ा था। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकाला। पानी का यह टैंक करीब 20 फीट गहरा है। यहां पर लगभग दो लाख लीटर पानी भरा हुआ था। इंजीनियर एसके गुप्ता ने बताया कि पानी की बौछारों के कारण इसके ऊपर काई जम जाती है। यहीं पर उनका पैर फिसला होगा। इसके कारण वह पानी में गिर गए और नीचे मिट्टी के दलदल में जा गिरे। टैंक में पानी के फिल्टर की आवाज ज्यादा होती है, इसलिए इसका पता भी किसी को नहीं चला।
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पानी निकालकर किया गया सैनिटाइज
घटना के बाद फिल्टर हाउस का पूरा पानी निकाला गया था। इसके बाद उसे पूरी तरह से सैनिटाइज किया गया। ताकि, पानी प्रदूषित न हो। इंजीनियर एसके गुप्ता ने बताया कि घटना के बाद पूरी एहतियात बरती जा रही है। घटना की जांच विभाग के अधिकारी भी कर रहे हैं।
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बेटे-बहू के साथ रहते थे पुष्कर
जल संस्थान में कार्यरत पुष्कर सिंह नेगी अगले वर्ष 2022 में रिटायर होने वाले थे। मृतक पुष्कर सिंह नेगी मूल रूप से चमोली के रहने वाले थे। वर्तमान समय में जल संस्थान के आवास में अपनी बहू-बेटे के साथ रहते थे। उनकी पत्नी चमोली में है। उनका एक बेटा शिमला में नौकरी करता है।