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छात्रों को जंजीरों से बांधकर पीटने वाले शिक्षण संस्थान को क्लीन चिट, परिजनों को चेताया
Thu, 18 Apr 2019 10:53 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विकासनगर
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, विकासनगर
Published by: अलका त्यागी
Updated Thu, 18 Apr 2019 10:53 PM IST
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पुलिस से बात करतीं बाल आयोग की अध्यक्ष
- फोटो : अमर उजाला
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बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी गुरुवार को मासूमों को जंरीरों से बांधकर पीटने वाले शिक्षण संस्थान पहुंचीं। इस दौरान उन्होंने शिक्षण संस्थान को क्लीन चिट देते हुए परिजनों को चेतावनी दी है। ऊषा नेगी ने मामले में लापरवाही बरतने पर बाजार चौकी पुलिस को आड़े हाथ लेते हुए फटकार लगाई।
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बृहस्पतिवार को बच्चों से हुई क्रूरता के मामले की जांच करने पहुंची बाल आयोग की अध्यक्ष ऊषा नेगी ने संस्थान में अध्ययनरत छात्रों के साथ ही स्टाफ से भी सवाल जवाब किए और संस्थान के पूरे परिसर का बारीकी से निरीक्षण किया।
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उन्होंने बच्चों से राष्ट्रगान कराने के साथ ही भारत माता की जय के नारे भी लगवाए। उन्होंने संस्थान के प्रबंधन से कहा कि बच्चों की सुरक्षा ही पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके बाद उन्होंने बच्चों के अभिभावकों को शिक्षण संस्थान में बुलवाया उन्होंने बच्चों और अभिभावकों से बंद कमरे में बात करने के बाद मीडिया से वार्ता की।
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मीडिया से बात करते हुए आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि संस्थान में शिक्षा की गुणवत्ता की कमी है। उन्होंने कहा कि अभिभावकों ने अपने बच्चों को जंजीरों से जकड़ने की बात स्वीकार की है। इसके बाद अभिभावकों को भविष्य में ऐसा नहीं करने की चेतावनी दी गई है।
ये था मामला
क्षेत्र में बीते मंगलवार को गंगभेवा बावड़ी के पास कुछ लोगों ने तीन बच्चों को डरा सहमा देखा था। बच्चों के पैरों में बंधी जंजीरें और ताला देखकर लोगों ने पूछताछ की तो बच्चे फफक पड़े थे। बच्चों का कहना था कि क्षेत्र के एक शिक्षण संस्थान में उन्हें बेरहमी से पीटने के साथ ही जंजीरों से बांधकर रखा गया। उन्हें उस शिक्षण संस्थान में वापस नहीं जाना है। बच्चों ने स्थानीय लोगों को बांहों और जांघ पर चोट के निशान भी दिखाए थे। लोगों ने इसकी जानकारी भीमावाला पंचायत के प्रधान को दी थी।