बेटे ने वो कर दिखाया कि पूरी हो गई दिव्यांग पिता की मुराद
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सोमवार 29 मई की देर रात जारी हुए क्लैट के नतीजों से एक मूक-बधिर पिता की मुराद पूरी हो गई। हरिद्वार के होटल कारोबारी एवं मूक-बधिर एसोसिएशन के अध्यक्ष संदीप अरोड़ा के बेटे चिंतन अरोड़ा ने क्लैट में ऑल इंडिया 211वीं रैंक हासिल की है। चिंतन के प्रदेश में दूसरा स्थान हासिल करने पर पिता का सिर गर्व से ऊंचा हो गया।
हरिद्वार के रानीपुर मोड स्थित न्यू हरिद्वार कालोनी निवासी संदीप अरोड़ा न तो बोल पाते हैं और न ही सुन पाते हैं। उनका सपना था कि बेटा चिंतन वकील बनकर जरूरतमंदों की सेवा करे।
चिंतन ने दिल्ली पब्लिक स्कूल से 8.8 सीजीपीए के साथ 10वीं पास की। इसके बाद देहरादून में कॅरियर लांचर में कोचिंग शुरू कर दी।
बेटे की सफलता में पिता का भी बड़ा योगदान
संदीप खुद बेटे को लेकर हरिद्वार से देहरादून आते थे। कॅरियर लांचर के निदेशक अमित मित्तल ने बताया कि चिंतन के पिता इशारों-इशारों में बेटे की परफॉर्मेंस के बारे में अक्सर पूछताछ करते थे। दो साल की कड़ी मेहनत के बाद इस साल एक ओर चिंतन ने 12वीं में 73 प्रतिशत अंक हासिल किए तो दूसरी ओर क्लैट में ऑल इंडिया 211वीं रैंक हासिल की।
चिंतन ने बताया कि उनका सपना अपनी लॉ फर्म खोलकर जरूरमंदों की मदद करना है। चिंतन की मां सोनिया अरोड़ा गृहिणी हैं और चिंतन के पिता के साथ काम में हाथ बंटाती हैं।
चिंतन अरोड़ा ने बताया कि क्लैट जैसी टाइम पीरियड वाली ऑनलाइन परीक्षा को क्रैक करने के लिए जरूरी है कि आप रेगुलर स्टडी करें। कानून के ताजा फैसलों पर बारीक नजर रखें।