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पुलिस और आरटीओ के बीच ‘झूल’ रहीं सिटी बसें
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महानगर सिटी बस सेवा महासंघ के अध्यक्ष विजय वर्धन डंडरियाल ने आरोप लगाया है कि प्रदर्शनकारियों को बसों में शहर से सुद्धोवाला जेल ले जाने का पुलिस खर्च नहीं देती है। जब भी बस का किराया मांगा जाता है तो पुलिस अधिकारी कहते हैं कि आरटीओ से लो। आरटीओ जाते हैं तो वहां से जवाब मिलता है कि किराया हम क्यों दें, पुलिस से ही लो।
डंडरियाल का कहना है कि शहर माह में कई दिन ऐसे होते हैं जब पुलिस आंदोलनकारियों को सुद्धोवाला ले जाती है। इसके लिए सिटी बसों का ही इस्तेमाल किया जाता है। जिसका कोई किराया नहीं दिया जाता है। जबकि इसमें बसों व चालक-परिचालकों को काफी समय लग जाता है। ऐसे में पहले से ही आर्थिक संकट से गुजर रहे बस संचालकों को और आर्थिक नुकसान होता है।
अब बृहस्पतिवार को एंबुलेंस सेवा 108 के पूर्व कर्मियों को प्रदर्शन करने के दौरान छह सिटी बसों के जरिये सुद्धोवाला जेल ले जाया गया था। बसों को शाम साढ़े पांच बजे छोड़ा गया। जिनका कोई किराया नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों यातायात निदेशक केवल खुराना ने सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को सिटी बस के जरिये अस्पताल पहुंचाने पर उसका किराया पुलिस मद से करने की घोषणा की है। उसी तरह आंदोलनकारियों को जेल तक पहुंचाने का भुगतान भी किया जाए। उन्होंने सिटी बसों को भुगतान करने की मांग की। उधर, आरटीओ डीसी पठोई का कहना है कि उनके स्तर पर सिटी बस को किसी तरह का कोई भुगतान करने का प्रावधान नहीं है। पुलिस अगर सिटी बसों को हायर करती है तो उसका भुगतान वही करेगी। वहीं, एसपी सिटी श्वेता चौबे का कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा आरटीओ से बात करने के बाद ही पुलिस सिटी बसों का अधिग्रहण करती है, ऐसे में उनका भुगतान आरटीओ के जरिये किया जाता है।
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डंडरियाल का कहना है कि शहर माह में कई दिन ऐसे होते हैं जब पुलिस आंदोलनकारियों को सुद्धोवाला ले जाती है। इसके लिए सिटी बसों का ही इस्तेमाल किया जाता है। जिसका कोई किराया नहीं दिया जाता है। जबकि इसमें बसों व चालक-परिचालकों को काफी समय लग जाता है। ऐसे में पहले से ही आर्थिक संकट से गुजर रहे बस संचालकों को और आर्थिक नुकसान होता है।
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अब बृहस्पतिवार को एंबुलेंस सेवा 108 के पूर्व कर्मियों को प्रदर्शन करने के दौरान छह सिटी बसों के जरिये सुद्धोवाला जेल ले जाया गया था। बसों को शाम साढ़े पांच बजे छोड़ा गया। जिनका कोई किराया नहीं दिया गया। उन्होंने कहा कि पिछले दिनों यातायात निदेशक केवल खुराना ने सड़क हादसे में घायल व्यक्ति को सिटी बस के जरिये अस्पताल पहुंचाने पर उसका किराया पुलिस मद से करने की घोषणा की है। उसी तरह आंदोलनकारियों को जेल तक पहुंचाने का भुगतान भी किया जाए। उन्होंने सिटी बसों को भुगतान करने की मांग की। उधर, आरटीओ डीसी पठोई का कहना है कि उनके स्तर पर सिटी बस को किसी तरह का कोई भुगतान करने का प्रावधान नहीं है। पुलिस अगर सिटी बसों को हायर करती है तो उसका भुगतान वही करेगी। वहीं, एसपी सिटी श्वेता चौबे का कहना है कि सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा आरटीओ से बात करने के बाद ही पुलिस सिटी बसों का अधिग्रहण करती है, ऐसे में उनका भुगतान आरटीओ के जरिये किया जाता है।
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