चीन सरहद क्षेत्र को मजबूत करने के लिए जो अड़ंगे राह में आ रहे हैं, उन्हें अब जल्द दूर कर लिया जाएगा। वन और वन्य जीव आरक्षित तथा इको सेंसिटिव जोन की वजह से कई सामरिक महत्व के प्रोजेक्ट को मंजूरी नहीं मिल पा रही थी। इससे सुरक्षा की दृष्टि से कई महत्वपूर्ण योजनाएं लागू नहीं हो पाईं, लेकिन नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने इन अड़ंगों को हटाकर रास्ता साफ कर दिया है। बोर्ड ने आईटीबीपी और दूसरे प्रोजेक्ट को मंजूरी दे दी है।
सुमला चेक पोस्ट के लिए मंजूरी मिली
केंद्रीय वन, पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय को यह बात बताई गई थी कि चीन अधिकृत ‘तिब्बत आटोनोमस रीजन’ (टार) के पर्वतीय क्षेत्रों में चीन ने बहुत शानदार सड़कें बना ली हैं, लेकिन सरहद इस पार उत्तराखंड के क्षेत्र में सड़कें नहीं बन पाई हैं।
गंगोत्री नेशनल पार्क में बनेगा आपरेशनल ट्रैक
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शादी समारोह के लिए सरकारी और निजी भूमि से पेड़ न काटने वाले परिवार को पंचायत अपनी ओर से मुफ्त में दो या तीन गैस सिलेंडर देगी।
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यह दिक्कत इको सेंसिटिव और वन आरक्षित क्षेत्र के कारण हो रही है। इस पर मंत्रालय की केंद्रीय विशेषज्ञ समिति ने सकारात्मक इशारा कर दिया। इसके बाद नेशनल वाइल्ड लाइफ बोर्ड ने कई प्रोजेक्ट पर अपनी मोहर लगा दी है।
गंगोत्री नेशनल पार्क में आईटीबीपी के सुमला चेक पोस्ट के लिए मंजूरी मिली है। सर्वे और जांच के लिए यह चेक पोस्ट अहम है। इसी तरह आईटीबीपी की गतिविधियों की आसानी के लिए सड़कों की सर्फेसिंग करने के लिए यहां हॉट मिक्स प्लांट को संचालित करने की अस्थायी स्वीकृति दी गई है।
सर्फेसिंग के बाद प्लांट को हटा लिया जाएगा। गंगोत्री नेशनल पार्क में मौसम का डाटा इकट्ठा करने के लिए विंड मास्ट की अनुमति दे दी गई है। नीलांग में विंड मास्ट आईटीबीपी के चेक पोस्ट के नजदीक लगाया जाएगा। पार्क क्षेत्र में ही आर्मी स्टेटिक कम्युनिकेशन नेटवर्क के निर्माण के लिए भी बोर्ड ने अनुमति दे दी है। इससे अब नेटवर्क के लिए जल्दी ही वन भूमि हस्तांतरण की जाएगी।