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Dehradun News: सीनियर-जूनियर के विवाद में बच्चों का इलाज प्रभावित
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दून अस्पताल के बाल रोग विभाग में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और अस्सिटेंट प्रोफेसर के बीच तनातनी चल रही है। अस्सिटेंट प्रोफेसर की ओर से एसोसिएट प्रोफेसर और प्रोफेसर पर तमाम आरोप लगाए गए हैं। वहीं, कुछ डॉक्टर नौकरी छोड़ने की बात भी कर रहे हैं। सीनियर-जूनियर के विवाद में बच्चों का इलाज प्रभावित हो रहा है। ऐसे में सोमवार को दून मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने मीटिंग कर मामला सुलझाने की कोशिश की।
बाल रोग विभाग के अस्सिटेंट प्रोफेसर का कहना है कि उनसे कई घंटे की ड्यूटी करवाई जा रही है। जबकि, सीनियर फैकल्टी का कहना है कि अस्सिटेंट प्रोफेसर काम नहीं करना चाहते हैं, इसलिए कहानी बनाते हैं। सोमवार को हुई मीटिंग में सभी पक्षों ने अपनी बात रखी। बता दें कि विभाग में दो असिस्टेंट प्रोफेसर, दो एसएनसीयू कंसल्टेंट, तीन एसोसिएट प्रोफेसर और एक प्रोफेसर हैं। आरोप है कि इमरजेंसी में मरीज देखने जाना होता है तो असिस्टेंट प्रोफेसर आनाकानी करते हैं। नाइट ड्यूटी का नाम सुनकर छुट्टी ले लेते हैं। इस समय दो असिस्टेंट प्रोफेसर समेत दोनों कंसल्टेंट मेडिकल लीव पर हैं। ऐसे में एसएनसीयू, एनआईसीयू और पीआईसीयू को सिर्फ तीन एसोसिएट प्रोफेसर और दो असिस्टेंट प्रोफेसर संभाल रहे हैं। डॉ. आशुतोष सयाना का कहना है कि दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद ही कुछ फैसला लिया जाएगा।
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बाल रोग विभाग के अस्सिटेंट प्रोफेसर का कहना है कि उनसे कई घंटे की ड्यूटी करवाई जा रही है। जबकि, सीनियर फैकल्टी का कहना है कि अस्सिटेंट प्रोफेसर काम नहीं करना चाहते हैं, इसलिए कहानी बनाते हैं। सोमवार को हुई मीटिंग में सभी पक्षों ने अपनी बात रखी। बता दें कि विभाग में दो असिस्टेंट प्रोफेसर, दो एसएनसीयू कंसल्टेंट, तीन एसोसिएट प्रोफेसर और एक प्रोफेसर हैं। आरोप है कि इमरजेंसी में मरीज देखने जाना होता है तो असिस्टेंट प्रोफेसर आनाकानी करते हैं। नाइट ड्यूटी का नाम सुनकर छुट्टी ले लेते हैं। इस समय दो असिस्टेंट प्रोफेसर समेत दोनों कंसल्टेंट मेडिकल लीव पर हैं। ऐसे में एसएनसीयू, एनआईसीयू और पीआईसीयू को सिर्फ तीन एसोसिएट प्रोफेसर और दो असिस्टेंट प्रोफेसर संभाल रहे हैं। डॉ. आशुतोष सयाना का कहना है कि दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद ही कुछ फैसला लिया जाएगा।
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