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डूबती हुई महिला के लिए फरिश्ता बने बच्चे, ऐसे बचाई महिला की जान
ब्यूरो/अमर उजाला, हरिद्वार
Updated Fri, 09 Jun 2017 12:34 AM IST
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गुरुवार को डूबती हुई महिला के लिए कुछ बच्चे फरिश्ता बनकर आ गए। बच्चों ने अपनी सूझ-बूझ से महिला की जान बचाई।
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जटवाड़ा पुल से गंगनहर में कूदकर एक विवाहिता ने आत्महत्या का प्रयास किया। गंगा घाटों पर नहा रहे बच्चों ने मिलकर विवाहिता को बचा लिया। इतने में विवाहिता के परिजन भी मौके पर पहुंच गए और पुलिस को सूचना दिए बगैर उसे अपने साथ ले गए।
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भारी गर्मी के कारण हरिद्वार और ज्वालापुर के तमाम गंगा घाट इन दिनों स्नान करने वालों से गुलजार रहते हैं। नहाकर गर्मी दूर भागने वालों की दिन भर भीड़ लगी रहती है। बृहस्पतिवार की दोपहर अचानक एक विवाहिता जटवाड़ा पुल पर पहुंची और गंगनहर में छलांग लगा दी।
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घाट पर नहा रहे बच्चों ने यह नजारा देखा तो उसे बचाने के लिए गंगनहर में कूद पड़े। करीब 10 से 14 वर्ष उम्र के तीन-चार बच्चों ने विवाहिता को बचाने के काफी देर तक जद्दोजहद करते रहे। बच्चों ने महिला को डूबने नहीं दिया।
इस बीच महिला और उसे बचाने का प्रयास कर रहे बच्चे बहते-बहते नई गंगनहर के चैनल तक जा पहुंचे। आखिर वह अपनी कोशिश में कामयाब रहे और महिला को बाहर ले आए। इस बीच विवाहिता के परिजन भी घाट पर पहुंचे और उसे अपने साथ ले गए।
कोतवाली प्रभारी अमरजीत सिंह ने बताया कि विवाहिता को कुछ बालकों ने डूबने से बचाया है। विवाहिता या उसके परिजनों की ओर से कोई सूचना नहीं दी गई है।
मोबाइल कैमरों में कैद हुई पूरी जद्दोजहद
जटवाड़ा पुल पर महिला के गंगनहर में छलांग लगाने के बाद उसे बचाने की पूरी जद्दोजहद लोगों ने अपने मोबाइल कैमरों में कैद की। घाट पर फोटो और वीडियो बनाने वालों का जमावड़ा लगा रहा।
चंद मिनट में ही ये फोटो और वीडियो व्हाटसऐप ग्रुपों पर वायरल हो गई। घाट पर अक्सर आने वाले लोगों ने बताया कि बच्चे कई लोगों को डूबने से बचाते हैं। जबकि गर्मियों का सीजन देखते हुए प्रमुख घाटों पर गोताखोरों की ड्यूटी लगाई गई है। अमूमन बच्चे जब किसी डूबते को बचा लेते हैं, तब जल पुलिस सूचना मिलने के बाद लिखा पढ़ी के लिए मौके पर पहुंचती है।