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Dehradun News: कठिन आया रसायन विज्ञान का पेपर, भौतिक विज्ञान ने उलझाया
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राष्ट्रीय पात्रता सह-प्रवेश परीक्षा (नीट) में बीते सालों के मुकाबले इस बार रसायन विज्ञान के सवाल कठिन रहे। भौतिक विज्ञान के सवालों ने भी छात्रों को परेशान किया। रविवार को देहरादून के 13 केंद्रों पर परीक्षा आयोजित की गई।
परीक्षा केंद्र से बाहर आए अधिकांश छात्रों ने कहा, रसायन विज्ञान के सवाल अन्य विषयों के तुलना में ज्यादा कठिन थे। ऐसे में चिंता सता रही है कि कहीं रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान के सवाल रिजल्ट का गणित खराब न कर दें। निगेटिव मार्किंग होने के चलते तुक्का लगाने से बड़ा नुकसान हो सकता है। अन्य विषयों की बात करें तो छात्रों के अनुसार जीव विज्ञान के सवाल आसान थे।
छात्रा संस्कृति सिंह, सानिया बडियारी, अमन नौटियाल, ऐश्वर्या सचदेवा और मो. सुहेल ने कहा, इस वर्ष का प्रश्नपत्र एनसीईआरटी से पूछा गया था। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल की परीक्षा आसान थी। जिसमें सामान्य कैलकुलेशन के 60 प्रतिशत और 30 प्रतिशत वैचारिक और 10 प्रतिशत कैलकुलेटिव प्रश्न थे। वहीं, बलूनी क्लासेज के प्रबंध निदेशक विपिन बलूनी ने बताया, भौतिक विज्ञान के प्रश्नपत्र में नौ से 10 प्रश्न कैलकुलेटिव स्तर के थे। अधिकतर प्रश्न मैकेनिक्स और ऑप्टिक्स से थे।
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परीक्षा केंद्रों के बाहर लगा जाम
दोपहर दो बजे से शुरू हुई परीक्षा शाम पांच बजकर 20 मिनट पर संपन्न हुई। जैसे ही परीक्षा केंद्रों से अभ्यर्थी बाहर निकले तो सड़क पर जाम लग गया। एसजीआरआर, लालपुल पर तो स्थिति यह हुई कि सहारनपुर रोड से लेकर लालपुल से कारगी चौक को जाने वाली सड़क पर वाहनों की कतार लग गई। जिसके चलते अभ्यर्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर पुलिस को भी यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
परीक्षा केंद्र से बाहर आए अधिकांश छात्रों ने कहा, रसायन विज्ञान के सवाल अन्य विषयों के तुलना में ज्यादा कठिन थे। ऐसे में चिंता सता रही है कि कहीं रसायन विज्ञान और भौतिक विज्ञान के सवाल रिजल्ट का गणित खराब न कर दें। निगेटिव मार्किंग होने के चलते तुक्का लगाने से बड़ा नुकसान हो सकता है। अन्य विषयों की बात करें तो छात्रों के अनुसार जीव विज्ञान के सवाल आसान थे।
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छात्रा संस्कृति सिंह, सानिया बडियारी, अमन नौटियाल, ऐश्वर्या सचदेवा और मो. सुहेल ने कहा, इस वर्ष का प्रश्नपत्र एनसीईआरटी से पूछा गया था। पिछले वर्ष की तुलना में इस साल की परीक्षा आसान थी। जिसमें सामान्य कैलकुलेशन के 60 प्रतिशत और 30 प्रतिशत वैचारिक और 10 प्रतिशत कैलकुलेटिव प्रश्न थे। वहीं, बलूनी क्लासेज के प्रबंध निदेशक विपिन बलूनी ने बताया, भौतिक विज्ञान के प्रश्नपत्र में नौ से 10 प्रश्न कैलकुलेटिव स्तर के थे। अधिकतर प्रश्न मैकेनिक्स और ऑप्टिक्स से थे।
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परीक्षा केंद्रों के बाहर लगा जाम
दोपहर दो बजे से शुरू हुई परीक्षा शाम पांच बजकर 20 मिनट पर संपन्न हुई। जैसे ही परीक्षा केंद्रों से अभ्यर्थी बाहर निकले तो सड़क पर जाम लग गया। एसजीआरआर, लालपुल पर तो स्थिति यह हुई कि सहारनपुर रोड से लेकर लालपुल से कारगी चौक को जाने वाली सड़क पर वाहनों की कतार लग गई। जिसके चलते अभ्यर्थियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। उधर पुलिस को भी यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।