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रासायनिक कचरा नदियों को बना रहा जहरीला

Thu, 09 Jan 2020 01:33 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Thu, 09 Jan 2020 01:33 AM IST
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Chemical waste continues to poison the rivers
औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई से निकलने वाले रासायनिक कचरे को वैज्ञानिक तरीके से निस्तारित न कर सीधे नदियों में डाला जा रहा है। इससे क्षेत्र में बहने वाली स्वारना और आसन नदी की जैव विविधता पर खतरे के बादल मंडरा रहे हैं। रासायनिक कचरा नदी के पानी को जहरीला बना रहा है जबकि, आगे चलकर इस पानी का इस्तेमाल कई लोग पीने के लिए भी करते हैं।
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अमूमन औद्योगिक क्षेत्र से निकलने वाले कूड़े को एक नियत प्रक्रिया के तहत निस्तारित किया जाता है लेकिन, औद्योगिक क्षेत्र सेलाकुई में इन नियमों को ताक पर रखकर कचरे को सीधे नदियों मेें डाला जा रहा है। सेलाकुई में रामपुर चोई बस्ती, गढ़वाली बस्ती, मंदिर कॉलोनी समेत कई इलाकों में नदी के किनारे कूड़े के ढेर लगे हुए हैं लेकिन, किसी की भी नजरें इस कूड़े की ओर नहीं जातीं।
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रामपुर के प्रधान तनवीर आलम, ट्रक यूनियन के पूर्व प्रधान मोहम्मद हारून, मोहम्मद मुकीम, मोहम्मद अय्यूब अली, अहमद, मोहम्मद इरफान, याकूब अहमद, बबलू कुमार, आदेश कुमार, रमेश कुमार, सुरेश कुमार, नवतेज सिंह सैनी, सुरजीत सिंह पंडित, राजेंद्र कुमार, चंद्रशेखर सेमवाल आदि का कहना है कि नदियों में डाला जा रहा कूड़ा क्षेत्रीय लोगों की सेहत के साथ खिलवाड़ कर रहा है। केमिकल के कारण क्षेत्र का पानी पीने लायक नहीं बचा है। सरकार को नदियों में रासायनिक कचरा डालने वाली कंपनियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करनी चाहिए।
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एसडीएम विकासनगर कौस्तुभ मिश्र ने कहा कि मामले में तहसीलदार से रिपोर्ट मांगी गई है।
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