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जानिए, कौन है सस्ते राशन का हकदार?
अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 21 Aug 2013 11:34 AM IST
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उत्तराखंड में दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल की सरकारी दुकान खुल गई है। आप भी इसके हकदार हो सकते हैं।
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भारी अफरा-तफरी के बीच खाद्य सुरक्षा योजना मंगलवार से प्रदेश में शुरू हो गई। नगर निगम के जुगमंदर हाल में मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने प्रतीकात्मक रूप से कुछ महिलाओं को पांच किलो वाला किट बांट कर योजना की शुरुआत की।
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62 लाख लोग योजना के दायरे में
प्रदेश के करीब 62 लाख लोग योजना के दायरे में आएंगे, जिन्हें अब दो रुपये किलो गेहूं और तीन रुपये किलो चावल मिलेगा। पहले चरण में 1.92 लाख अंत्योदय कार्डधारक और 3.7 लाख बीपीएल कार्डधारकों को इस योजना का लाभ दिया जाएगा।
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इस बीच खाद्य सुरक्षा योजना के तय मानकों के तहत पात्र व्यक्तियों के चिह्नीकरण और चयन का कार्य पूरा कर 2 सितंबर से प्रदेशभर में योजना की विधिवत शुरुआत की जाएगी।
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सरकारी और गैर सरकारी
इस योजना का लाभ ऐसे सरकारी और गैर सरकारी व्यक्तियों को भी मिलेगा, जिनकी आय 15 हजार रुपये मासिक से कम है। जिलों में प्रभारी मंत्री योजना का शुभारंभ करेंगे।
पूर्व प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जन्मदिन पर योजना की औपचारिक शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने कहा कि बीपीएल और अंत्योदय के साथ ही एपीएल कार्डधारकों को भी इसका लाभ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आज महंगाई पूरे विश्व की चिंता है। अन्तरराष्ट्रीय दबाव के कारण महंगाई बढ़ रही है।
मंच पर जगह पाने की रही होड़
आयोजन स्थल की क्षमता से ज्यादा लोगों को कार्यक्रम में बुला लेने से मुख्यमंत्री को अपने लिए मंच पर जगह बनाने में मशक्कत करनी पड़ी। स्थानीय नेताओं में मंच पर बैठने और चढऩे की होड़ लगी रही।
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इसके चलते मंच पर मंत्रियों को भी अपनी जगह बनाने में भारी दिक्कत आई। पंखे लगे होने के बाद भी खचाखच भरे हाल में लोगों को सांस लेने में दिक्कत होने लगी। भीड़ को संभालने के लिए पुलिस ने हाल के सभी दरवाजे भी बंद कर दिए थे, जिससे अंदर बैठे लोगों को घुटन महसूस होती रही।
खाद्य सुरक्षा आयोग का होगा गठन
राज्य सरकार ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए खाद्य सुरक्षा आयोग का गठन करने का फैसला किया है। यह जानकारी मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने दी। उन्होंने कहा कि जिला स्तर पर भी निगरानी समितियां गठित की जाएंगी।
यह भी तय किया जाएगा कि बीपीएल में सही व्यक्ति का ही नाम दर्ज हो, इसके लिए अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में खाद्य सुरक्षा योजना शुरू की
- अभी 1.92 लाख अंत्योदय, 3.7 लाख बीपीएल को फायदा
- दो सितंबर से जिलों में प्रभारी मंत्री करेंगे योजना की शुरुआत
- 15 हजार रुपये मासिक से कम आय वाले हैं इसके पात्र
बोले नेता
यह गरीबों के लिए खाद्यान्न सुनिश्चित कराने की योजना है। इसका लाभ हर जरूरतमंद को मिल सकेगा।
- यशपाल आर्य, देहरादून के प्रभारी मंत्री
यह योजना गरीब के पेट से जुड़ी हुई है। महंगाई के दौर में इस योजना से गरीबों को मिलेगी राहत।
- सुरेंद्र सिंह नेगी, चिकित्सा स्वास्थ्य मंत्री
योजना का दायरा काफी बड़ा है। प्रदेश की ६२ लाख आबादी इस योजना का लाभ ले सकेगी। खासकर ग्रामीण आबादी को फायदा मिलेगा।
- हरीश दुर्गापाल, श्रम मंत्री
चुनावी घोषणा पत्र में सस्ता राशन मुहैया कराने का वादा किया था। सरकार ने वादा पूरा किया। एपीएल को भी लाभ मिलेगा।
- दिनेश अग्रवाल, नियोजन मंत्री
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योजना के लिए यह हैं पात्र
- राशन कार्ड परिवार की 18 वर्ष से ऊपर की आयु की वरिष्ठतम महिला के नाम हो।
- वर्तमान में सभी अंत्योदय और बीपीएल राशन कार्डधारक।
- आदिम आदिवासी तथा सीमांत क्षेत्रों में निवासरत आदिवासी परिवार।
- जिस परिवार की मुखिया विधवा अथवा अकेली महिला हो। आय 15000 मासिक से कम हो।
- जिस परिवार का मुखिया कुष्ठ एवं एचआईवी जैसी बीमारियों से पीडि़त हो। आय 15000 रुपये से कम हो।
- जिस परिवार का मुखिया विकलांग और कुल आय 15000 रुपये से कम हो।
- जिस परिवार के पास सिंचित भूमि दो हेक्टेयर से कम हो। एक हेक्टेयर सिंचित, दो हेक्टेयर असिंचित भूमि हो।
- रिक्शाचालक, कुली, मजदूर, कूड़ा बीनने वाले, मोची, लोहार, बढ़ई, ग्रामीण दस्तकार, घरों में काम करने वाले सेवक-सेविका, सफाई कर्मी हों।
- ऐसा परिवार जो किसी अन्य किसान के अधीन उसकी भूमि पर खेत जोतता हो।
- शहरी क्षेत्रों में मलिन अथवा झुग्गी झोपड़ी में निवासरत आबादी।
- ऐसा परिवार जिसकी वार्षिक आय पर आयकर की देयता नहीं बनती।
- ऐसे सरकारी-गैर सरकारी कर्मचारी, जिनकी आय पंद्रह हजार रुपये मासिक से कम हो।
- विधवा आश्रम, बाल-महिला सुधार गृह, भिक्षुक गृह, कुष्ट आश्रम, अनाथ आश्रम, मानसिक रोगी आश्रम, विकलांग आश्रम एवं वृद्धाश्रमों में रहने वाले।