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क्षेत्र के विकास को ठप करने का लगाया आरोप, पुतला फूंका
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लाखामंडल में पुतला दहन के बाद प्रदेश सरकार के खिलाफ प्रदर्शन करते ग्रामीण।
- फोटो : VIKAS NAGAR
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जौनसार बावर क्षेत्र के 38 गांवों को मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) में शामिल किए जाने के विरोध में जौनसार बावर जनकल्याण विकास समिति के सदस्यों ने लाखामंडल में प्रदेश सरकार का पुतला फूंका। इस संबंध में समिति ने निर्णय वापस लेने की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को ज्ञापन भी भेजा है।
ज्ञापन में अध्यक्ष बचना शर्मा ने कहा कि बीते 70 साल से जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र अंतर्गत आता है। आज भी क्षेत्र के कई गांवों में चिकित्सा, शिक्षा और यातायात जैसी सुविधाओं का अभाव है, लेकिन इन सब सुविधाओं को दुरुस्त करने की बजाए शासन क्षेत्र को एमडीडीए में शामिल कर रहा है। समिति का आरोप है कि एमडीडीए में शामिल होने के बाद क्षेत्र का विकास पूरी तरह से ठप हो जाएगा। निर्माण संबंधी कार्यों के आदेश के लिए लोगों का देहरादून की दौड़ लगानी पड़ेगी। लाखामंडल क्षेत्र पहले ही पुरातत्व विभाग के अधीन आता है। जिस कारण यहां पर लोगों को विकास कार्य करने में खासा दिक्कतें होती है। वहीं अब रही सही कसर क्षेत्र के एमडीडीए में शामिल होने के बाद पूरी हो जाएगी। कहा कि जनता की भावनाओं का ख्याल रखते हुए क्षेत्र को एमडीडीए में न शामिल किया जाए।
पुतला फूंकने वालों में ओम प्रकाश, सूरत सिंह, सुदला, कमलेश, नारायण सिंह, विनिता, पूरण, अनिल, सरदार सिंह, रोहित, घनश्याम, बाबूराम, भगतराम, रोशन, सुल्तान, बिंद्रा, मिना, अंजली, प्रह्लाद, सनी, रमेश, मोहन सिंह रावत, बाबूराम, वीना, सुदला, विनोद, एसएस रावत आदि शामिल रहे।
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ज्ञापन में अध्यक्ष बचना शर्मा ने कहा कि बीते 70 साल से जौनसार बावर जनजातीय क्षेत्र अंतर्गत आता है। आज भी क्षेत्र के कई गांवों में चिकित्सा, शिक्षा और यातायात जैसी सुविधाओं का अभाव है, लेकिन इन सब सुविधाओं को दुरुस्त करने की बजाए शासन क्षेत्र को एमडीडीए में शामिल कर रहा है। समिति का आरोप है कि एमडीडीए में शामिल होने के बाद क्षेत्र का विकास पूरी तरह से ठप हो जाएगा। निर्माण संबंधी कार्यों के आदेश के लिए लोगों का देहरादून की दौड़ लगानी पड़ेगी। लाखामंडल क्षेत्र पहले ही पुरातत्व विभाग के अधीन आता है। जिस कारण यहां पर लोगों को विकास कार्य करने में खासा दिक्कतें होती है। वहीं अब रही सही कसर क्षेत्र के एमडीडीए में शामिल होने के बाद पूरी हो जाएगी। कहा कि जनता की भावनाओं का ख्याल रखते हुए क्षेत्र को एमडीडीए में न शामिल किया जाए।
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पुतला फूंकने वालों में ओम प्रकाश, सूरत सिंह, सुदला, कमलेश, नारायण सिंह, विनिता, पूरण, अनिल, सरदार सिंह, रोहित, घनश्याम, बाबूराम, भगतराम, रोशन, सुल्तान, बिंद्रा, मिना, अंजली, प्रह्लाद, सनी, रमेश, मोहन सिंह रावत, बाबूराम, वीना, सुदला, विनोद, एसएस रावत आदि शामिल रहे।
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