फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   chardham yatra update.

यात्रा के दूसरे दिन 5500 यात्री़ पहुंचे बदरीधाम

Tue, 28 Apr 2015 11:37 AM IST
ब्यूरो/ अमर उजाला, बदरीनाथ/केदारनाथ/उत्तरकाशी
ब्यूरो/ अमर उजाला, बदरीनाथ/केदारनाथ/उत्तरकाशी Updated Tue, 28 Apr 2015 11:37 AM IST
विज्ञापन
chardham yatra update.

कपाट खुलने के दूसरे दिन सोमवार को बदरीनाथ धाम में 5500 तीर्थयात्रियों ने मत्था टेका।

विज्ञापन


देर शाम तक भी तीर्थयात्रियों के वाहन धाम पहुंचते रहे। धाम में मौसम सुहाना बना रहा। धाम पहुंचे तीर्थयात्री बदरीनाथ के दर्शन करने के साथ ही धाम में जमी बर्फ का आनंद भी उठा रहे हैं।

वहीं शाम साढ़े चार बजे एक घंटे तक कंचन गंगा में हिमखंड हटाने के लिए वाहनों की आवाजाही पुलिस ने पांडुकेश्वर में ही रोक ली थी। कंचन गंगा में अभी भी लोहे की प्लेटों से ही वाहनों की आवाजाही हो रही है।
विज्ञापन


केदारनाथ धाम में चौथे दिन 420 श्रद्धालुओं ने मंदिर में मत्था टेका और पूजा-अर्चना की। सोमवार को सोनप्रयाग से प्रात: 6 बजे से दोपहर 12 बजे तक 802 श्रद्धालु पैदल रास्ते से केदारनाथ के लिए रवाना हुए। जबकि दोपहर एक बजे तक 420 श्रद्धालु दर्शन कर सोनप्रयाग लौटे। अभी तक धाम में 9125 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन कर चुके हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


यमुनोत्री-गंगोत्री में भी यात्रियों की संख्या से तीर्थ पुरोहित एवं यात्रा कारोबारी संतुष्ट हैं। चालू यात्रा सीजन में पहले ही हफ्ते में 5487 तीर्थयात्री यमुनोत्री तथा 6370 गंगोत्री धाम की यात्रा कर चुके हैं। स्कूलों में गर्मियों की छुट्टियां होने के बाद यात्रा में और तेजी आने की उम्मीद है।

जून 2013 की आपदा के बाद चार धाम यात्रा पूरी तरह चौपट हो गई थी। बीते साल भी यात्रा आपदा के साये से नहीं उबर पायी। इस बार भी तीर्थ पुरोहित और यात्रा कारोबारी सीजन चलने को लेकर आशंकित थे, लेकिन यात्रा धीरे-धीरे गति पकड़ने से उनके चेहरे खिले हुए हैं। सोमवार को 618 तीर्थयात्री यमुनोत्री तथा 1159 यात्री गंगोत्री धाम पहुंचे।

यात्रा मार्ग पर जगह-जगह दुश्वारियां
आस्था, विश्वास और उत्साह के साथ तीर्थयात्री बदरीनाथ धाम पहुंच रहे हैं। लेकिन आस्था पथ पर यात्रियों को भारी दुश्वारियां झेलनी पड़ रही हैं। कहीं संकरी सड़क तो कहीं हिमखंडों से पटा रास्ता तीर्थयात्रियों को तकलीफ दे रहा है। हनुमान चट्टी से कंचन गंगा तक आठ किमी हाईवे जोखिमभरा बना हुआ है जबकि जोशीमठ से हनुमान चट्टी तक (34 किमी) भी कई स्थानों पर सड़क के बदहाल होने से यात्रियों को खासी परेशानी झेलनी पड़ रही है।

कंचनगंगा में हाईवे पर पांच जगहों पर हिमखंडों को काटकर सड़क बनाई गई है, यहां एक बार में सिर्फ एक वाहन ही गुजर सकता है। इस आठ किमी के हिस्से में कहीं भी एसडीआरएफ, बीआरओ और पुलिस के जवान तैनात नहीं हैं। यात्रा के पहले दिन भी रड़ांग बैंड में पत्थर और मलबा आने से हाईवे बाधित हो गया था।

तीर्थयात्रियों ने स्वयं मलबा हटाकर हाईवे को आवाजाही लायक बनाया। हाईवे पर चट्टान से छिटके पत्थर की चपेट में आने से बाल-बाल बचे डिप्टी स्पीकर डॉ. अनसूया प्रसाद मैखुरी का कहना है कि डेंजर जोन पर एसडीआरएफ और पुलिस के जवानों की तैनाती बेहद जरूरी है।

कंचन गंगा में सड़क के ऊपर से करीब 14 फीट हिमखंड है, जिसे बीआरओ और जेपी कंपनी की मशीनें काटने में लगी हुई हैं। यहां बर्फ के ऊपर लोहे की प्लेटें डालकर ही यात्रा वाहनों की आवाजाही कराई जा रही है।


भारी वाहनों के चलने से प्लेटों का जोड़ टूट रहा है, जिससे वाहनों की आवाजाही बीच-बीच में रुक रही है। यह हाईवे का सबसे खतरनाक पैच है। यहां बीआरओ के 12 अधिकारी, कर्मचारी और सात पुलिस कर्मियों की तैनाती की गई है।

मशीनें लगीं हिमखंड हटाने में
चमोली के डीएम अशोक कुमार का कहना है कि मशीनें हाईवे से हिमखंड हटाने में लगी हुई हैं। जैसे ही हाईवे से हिमखंड हटा लिया जाएगा, तब दिक्कत नहीं होगी। पुलिस उपाधीक्षक जगदीश चंद्र यादव को कंचन गंगा में वाहनों की आवाजाही का जिम्मा सौंपा गया है। यहां पर बीआरओ के कमान अधिकारी रुप ज्योतिदास स्वयं हाईवे की स्थिति पर नजर रखे हुए हैं।

केदारनाथ यात्रा के पांचवें दिन कई बार बंद हुआ हाईवे
यात्रा शुरू होने के बाद भी अब तक सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच यातायात नियमित नहीं हो पाया है। ऐसे में श्रद्धालु गौरीकुंड स्थित गौरीमाई के दर्शन नहीं कर पा रहे हैं।

बृहस्पतिवार तड़के से सोनप्रयाग से करीब ढाई किमी आगे राजमार्ग पर पहाड़ी से पत्थर और मलबा गिरने का सिलसिला रुक-रुककर बना हुआ है। डीडीएमए और लोनिवि सिविल डिवीजन की ओर से जेसीबी से पत्थर और मलबा साफ किया जा रहा है। गौरीकुंड के ग्राम प्रधान राकेश गोस्वामी का कहना है कि राजमार्ग पर डेंजर जोन पर पहले से स्थायी मरम्मत के प्रयास नहीं होने से समस्या हो रही है।

राजमार्ग के बाधित होने से केदारनाथ जाने वाले यात्री पैदल मार्ग से जा रहे हैं। इससे गौरी माई मंदिर और बाजार में अब भी सन्नाटा पसरा है। यात्रियों के बाजार में नहीं पहुंचने से कारोबार प्रभावित हो रहा है।


दूसरी तरफ प्रशासन ने सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच चलने वाले स्थानीय वाहनों पर भी रोक लगा दी है। इससे टैक्सी चालकों और दुकानदारों को आर्थिक नुकसान झेलना पड़ रहा है। इधर जिलाधिकारी डॉ. राघव लंगर का कहना है कि स्थानीय लोगों के हितों का पूरा ध्यान रखा जाएगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed