{"_id":"6257abd4cf16522fdd54783a","slug":"chardham-yatra-2022-maa-yamuna-brother-shani-dev-sameshwar-devta-door-open","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: पूजा-अर्चना के साथ खोले गए मां यमुना के भाई शनिदेव समेश्वर देवता के कपाट, डोली संग श्रद्धालुओं ने किया तांदी नृत्य","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: पूजा-अर्चना के साथ खोले गए मां यमुना के भाई शनिदेव समेश्वर देवता के कपाट, डोली संग श्रद्धालुओं ने किया तांदी नृत्य
Thu, 14 Apr 2022 01:49 PM IST
रेनू सकलानी
संवाद न्यूज एजेंसी, बड़कोट (उत्तरकाशी)
संवाद न्यूज एजेंसी, बड़कोट (उत्तरकाशी)
Published by: रेनू सकलानी
Updated Thu, 14 Apr 2022 01:49 PM IST
सार
चारधाम यात्रा के पहले पड़ाव यमुनोत्री में मां यमुना मंदिर के समीप ही भाई शनिदेव के मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। खरसाली गांव मां यमुना का मायका है और शीतकाल में जब यमुनोत्री धाम के कपाट बंद हो जाते हैं तो मां यमुना की डोली खरसाली गांव में स्थित यमुना मंदिर में विराजमान होती है।
विज्ञापन
शनिदेव समेश्वर महाराज के कपाट खुले
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बैसाखी के पावन पर्व पर सुबह सात बजे यमुना के शीतकालीन पड़ाव खरशाली खुशीमठ में मां यमुना के भाई शनिदेव समेश्वर महाराज मंदिर के कपाट श्रद्वालुओं के दर्शनार्थ खोल दिए गए हैं। दोपहर बाद समेश्वर देवता की सिरोही (देवता के निशाण) को पुजारी मंदिर से बाहर लाए।
चारधाम यात्रा के पहले पड़ाव यमुनोत्री में मां यमुना मंदिर के समीप ही भाई शनिदेव के मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। शनिदेव धडीचौंरी ( मंदिर का आंगन) में मौजूद श्रद्वालुओं को आशीर्वाद दिया। इस दौरान क्षेत्र के गीठ ओजरी पटटी के बारह गांव के अलावा बाहर से श्रद्वालु अपने आराध्य देवता समेश्वर शनिदेव की डोली के साथ तांदी नृत्य किया। साथ ही आराध्य देव से देश, प्रदेश की खुशहाली और समृद्वि की कामना की।
विज्ञापन
विज्ञापन
चारधाम यात्रा के पहले पड़ाव यमुनोत्री में मां यमुना मंदिर के समीप ही भाई शनिदेव के मंदिर के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए हैं। शनिदेव धडीचौंरी ( मंदिर का आंगन) में मौजूद श्रद्वालुओं को आशीर्वाद दिया। इस दौरान क्षेत्र के गीठ ओजरी पटटी के बारह गांव के अलावा बाहर से श्रद्वालु अपने आराध्य देवता समेश्वर शनिदेव की डोली के साथ तांदी नृत्य किया। साथ ही आराध्य देव से देश, प्रदेश की खुशहाली और समृद्वि की कामना की।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...बैसाखी पर आस्था की डुबकी: स्नान के लिए उमड़ा धर्मनगरी में श्रद्धालुओं का हुजूम, भीड़ संभालना पुलिस के लिए चुनौती, तस्वीरें
विज्ञापन
शनिदेव के भक्त पवन प्रकाश उनियाल ने बताया है कि यमुनोत्री जाने वाले श्रद्वालु यहां पहुंचकर शनिदेव के दर्शन भी कर सकेंगे। खरसाली गांव मां यमुना का मायका है और शीतकाल में जब यमुनोत्री धाम के कपाट बंद हो जाते हैं तो मां यमुना की डोली खरसाली गांव में स्थित यमुना मंदिर में विराजमान होती है।