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चारधाम यात्रा 2020: तय मुहूर्त पर ही खुलेंगे चारधाम के कपाट, श्रद्धालु कब करेंगे दर्शन अभी तय नहीं

Tue, 07 Apr 2020 02:00 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Tue, 07 Apr 2020 02:00 AM IST
सार

  • पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज बोले, कोरोना संकट है बड़ा
  • केंद्र के दिशा-निर्देशों का होगा पालन
  • बदरीनाथ रावल को होना होगा क्वारंटीन

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Chardham yatra 2020: Government Will told soon when Pilgrims can Go to char dham
बदरीनाथ/केदारनाथ - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

कोरोना संकट के बीच चारधाम यात्रा को लेकर भी संशय के बादल मंडरा रहे हैं। मंदिरों के कपाट तो मुहूर्त के अनुसार तय तिथियों पर खोल दिए जाएंगे, लेकिन भगवान के दर्शनों के लिए भक्त कब उनके धाम पर पहुंचेंगे, अभी तस्वीर पूरी तरह से साफ नहीं है।

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पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार के सामने कोरोना महामारी से निपटने की चुनौती है। चारधाम यात्रा में यात्रियों के बारे में निर्णय केंद्र सरकार के निर्देशों के तहत लिया जाएगा। पूरे प्रदेश में 14 अप्रैल तक लॉकडाउन है।
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राज्य व जिलों की सीमाएं सील हैं। यात्रा कारोबार से जुड़े लोगों की निगाहें सरकार पर लगी हैं, लेकिन राज्य में कोरोना वायरस के संक्रमण के खतरे को देखते हुए सीमाएं यात्रियों के लिए खोलने पर अभी संदेह है।
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मंत्री ने कहा कि कोरोना वायरस से बचाव के लिए केंद्र और राज्य सरकार सामाजिक दूरी को रामबाण मान रही है। ऐसे में यात्रियों के लिए सीमाएं खोले जाने से सरकार के लिए सामाजिक दूरी को बनाए रखना आसान नहीं होगा।

उन्होंने बताया कि 26 व 27 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम और 29 व 30 अप्रैल को केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे। देश दुनिया में इस चारधाम यात्रा का अपना महत्व है।

पिछले साल आए थे 42.56 लाख तीर्थयात्री

साल 2019 में 42 लाख 56 हजार तीर्थयात्री चारधाम यात्रा के लिए आए थे। इसमें हेमकुंड साहिब और पिरान कलियर के यात्री भी शामिल थे। वर्ष 2013 में दैवीय आपदा के बाद से चारधाम यात्रा पूरी तरह से पटरी से उतर गई थी। उसके बाद राज्य सरकार के प्रयास और यात्रियों की अगाध आस्था के बल से चारधाम यात्रा ने अपनी पुरानी गति पकड़ी थी।

18 फीसदी की दर से बढ़े हैं यात्री
एक अनुमान के अनुसार, प्रदेश में सालाना करीब 18 फीसदी की दर से यात्रियों की संख्या में इजाफा हो रहा है। लेकिन आशंका यह है कि कहीं समूचे विश्व के लिए चुनौती बनी कोरोना महामारी का संकट यात्रियों की वृद्धि दर पर ब्रेक न लगा दे।

तीर्थ स्थल यात्रियों की संख्या
गंगोत्री 5,30,334
यमुनोत्री 4,65,534
केदारनाथ 10,00021
बदरीनाथ 12,44,993
हेमकुंड साहिब 2,40,133
पिरान कलियर 7,75000
कुल 42,56,015

बदरीनाथ रावल को होना होगा क्वारंटीन

कोरोना संक्रमण को देखते हुए इस बार बदरीनाथ धाम के रावल और अन्य लोगों को सेल्फ क्वारंटीन में रहना पड़ सकता है। रावल इस समय केरल में बताए जा रहे हैं और लॉकडाउन खुलते ही उन्हें बुलाया जा सकता है।

वह कपाट खुलने के समय बदरीनाथ पहुंचेंगे। इस बार कोरोना संक्रमण को देखते हुए चार धाम यात्रा से जुड़ा प्रबंधक वर्ग यह कतई नहीं चाहता कि किसी तरह की अप्रिय स्थिति का सामना बाद में करना पड़े।

ऐसे में रावल को जल्दी बुलाने और उन्हें चमोली या जोशीमठ में 14 दिन के लिए क्वारंटीन करने पर भी विचार किया जा रहा है। चार धाम विकास परिषद के एक पदाधिकारी के मुताबिक चार धाम की परंपराओं के निर्वहन के दौरान भी सोशल डिस्टेंसिंग के नियम का पूरी तरह से पालन किया जाएगा।

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