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चारधाम देवस्थानम बोर्ड: पुरोहितों के अभिशाप के कारण भाजपा के मुख्यमंत्री बदल रहे- सेमवाल
Tue, 06 Jul 2021 10:40 PM IST
अलका त्यागी
न्यूज डेस्क, पीटीआई, उत्तरकाशी
न्यूज डेस्क, पीटीआई, उत्तरकाशी
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 06 Jul 2021 10:40 PM IST
सार
गंगोत्री मंदिर समिति के संयुक्त सचिव राजेश सेमवाल ने कहा, पुजारियों के शाप के कारण ही भाजपा को उत्तराखंड में साढ़े चार सालों में तीन मुख्यमंत्री बनाने पडे़।
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गंगोत्री धाम में धरने पर बैठे तीर्थ पुरोहित
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
उत्तराखंड चारधाम देवस्थानम बोर्ड को भंग करने की मांग को लेकर लंबे समय से आंदोलनरत गंगोत्री और यमुनोत्री के तीर्थ पुरोहितों ने मंगलवार को कहा कि पुजारियों के श्राप के कारण ही भाजपा को जल्दी-जल्दी मुख्यमंत्री बदलने पड़ रहे हैं।
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गंगोत्री मंदिर समिति के संयुक्त सचिव राजेश सेमवाल ने कहा, पुजारियों के शाप के कारण ही भाजपा को उत्तराखंड में साढ़े चार सालों में तीन मुख्यमंत्री बनाने पडे़। अगर पार्टी अपने अनुभव से नहीं सीखती और नये मुख्यमंत्री जल्द ही देवस्थानम बोर्ड को भंग नहीं करते तो पुजारियों के शाप के कारण 2022 में उनकी सरकार नहीं बन पाएगी।
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देवस्थानम बोर्ड के गठन को अपने अधिकारों का अतिक्रमण बताते हुए दोनों हिमालयी मंदिरों के पुजारी अपनी मांग को लेकर पिछले कई सप्ताह से क्रमिक अनशन पर बैठे हैं। देवस्थानम विधेयक पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत सरकार के कार्यकाल में पारित हुआ था जिसका शुरूआत से ही पुरोहित विरोध कर रहे हैं।
मार्च में पद संभालने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने घोषणा की थी कि चारों धामों को देवस्थानम बोर्ड के दायरे से बाहर किया जाएगा और बोर्ड के गठन पर भी पुनर्विचार किया जाएगा। हांलांकि, अपने वायदे को पूरा करने से पहले ही रावत को पद छोडना पड़ा।
तीर्थपुरोहितों का आंदोलन जारी
गंगोत्री व यमुनोत्री धाम में चारधाम देवस्थानम बोर्ड के खिलाफ तीर्थपुरोहितों का आंदोलन जारी है। मंगलवार को दोनों धामों में तीर्थपुरोहितों के आंदोलन को 26 दिन पूरे हो गए। उन्होंने सीएम पुष्कर सिंह धामी से देवस्थानम बोर्ड को तत्काल रद्द करने की मांग की है। गंगोत्री धाम में क्रमिक अनशन पर राकेश सेमवाल, प्रवीण सेमवाल, रवि सेमवाल, अंबरीश सेमवाल, कामेश्वर सेमवाल, मद्राचल सेमवाल, द्रोणाचल सेमवाल, दिनेश सेमवाल, द्वारिका सेमवाल, मनु, विमल और यमुनोत्री धाम के खरसाली में लखन उनियाल, अनिल, प्रह्लाद, चंद्रकांत, प्रवीण, अमित, संजीव, अनुज आदि धरने पर बैठे।