{"_id":"6177c3a1169e6f71185bc618","slug":"chardham-devasthanam-board-national-president-of-all-india-tirth-purohit-mahasabha-mahesh-pathak-reached-gangotri-dham","type":"story","status":"publish","title_hn":"उत्तराखंड: तीर्थपुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहुंचे गंगोत्री धाम, देवस्थानम बोर्ड को लेकर कही ये बात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
उत्तराखंड: तीर्थपुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पहुंचे गंगोत्री धाम, देवस्थानम बोर्ड को लेकर कही ये बात
Tue, 26 Oct 2021 02:34 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तरकाशी
Published by: अलका त्यागी
Updated Tue, 26 Oct 2021 02:34 PM IST
सार
गंगोत्री पहुंचे अखिल भारतीय तीर्थपुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक ने देवस्थानम बोर्ड को लेकर तीर्थपुरोहितों का समर्थन किया।
विज्ञापन
अखिल भारतीय तीर्थपुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
अखिल भारतीय तीर्थपुरोहित महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष महेश पाठक आज मंगलवार को गंगोत्री धाम पहुंचे। इस दौरान उन्होंने मां गंगा के दर्शन व पूजा कर आशीर्वाद लिया। वहीं, उन्होंने देवस्थानम एक्ट को लेकर तीर्थपुरोहितों का समर्थन किया। उन्होंने कहा कि तीर्थपुरोहितों ने धामों का विकास किया है। सरकार उनके हक छीन रही ह। राज्य सरकार 30 अक्तूबर तक देवस्थानम एक्ट वापस नहीं लेती है तो वे आंदोलन करेंगे। वहीं उन्होंने प्रधानमंत्री के केदारनाथ दौरे पर तीर्थपुरोहितों से सांकेतिक प्रदर्शन करने का आह्वान किया।
विज्ञापन
बतादें कि चारधाम देवस्थानम प्रबंधन बोर्ड को लेकर गठित उच्च स्तरीय समिति ने सरकार को अंतरिम रिपोर्ट सौंप दी है। सोमवार को समिति के अध्यक्ष एवं पूर्व सांसद मनोहर कांत ध्यानी ने सचिवालय में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से भेंट कर रिपोर्ट सौंपी है। समिति की रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद ही सरकार देवस्थानम बोर्ड पर कोई निर्णय लेगी।
विज्ञापन
त्रिवेंद्र सरकार में चारधाम देवस्थान प्रबंधन बोर्ड बनाया था। जिससे बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री व यमुनोत्री धाम समेत 51 मंदिरों को शामिल किया गया था। चारधाम के तीर्थ पुरोहितों, हकहकूकधारियों ने शुरू से ही बोर्ड का विरोध कर सरकार से भंग करने की मांग कर रहे थे।
विज्ञापन
अगस्त 2021 में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बोर्ड पर उच्च स्तरीय समिति गठित करने की घोषणा की थी। पूर्व सांसद मनोहर कांत ध्यानी को समिति का अध्यक्ष बनाया गया था। सरकार ने समिति से सभी हितधारकों के पक्ष को सुनने के बाद देवस्थानम बोर्ड पर सिफारिश देने को कहा था। समिति ने दो माह के भीतर सरकार को अपनी अंतरिम रिपोर्ट सौंप दी है। समिति ने रिपोर्ट को सरकार ने गोपनीय रखा है। सरकार समिति की सिफारिशों के आधार पर देवस्थानम बोर्ड पर निर्णय लेगी।