Chardham All Weather Road Project: डंपिंग जोन की भूमि पर अतिक्रमण की जांच जिलाधिकारियों को सौंपी
राज्य की ओर से केंद्र सरकार को डंपिंग जोन की भूमि को राज्य को सौंपने की मांग की जा रही है। आने वाले दिनों में राज्य को भूमि हस्तातंरण की सहमति मिल जाए, लेकिन चिंता का विषय यह है कि इससे पहले ही इस भूमि पर अतिक्रमण होने लगा है।
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चारधाम ऑल वेदर रोड परियोजना के तहत बने डंपिंग जोन की भूमि पर अतिक्रमण की शिकायत को शासन ने गंभीरता से लिया है। इस संबंध में जिलाधिकारियों को जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। कुल 889 किमी लंबी चारधाम ऑल वेदर सड़क परियोजना के तहत अभी तक 350 डंपिंग जोन विकसित हुए हैं।
इनसे 95 हजार दो सौ 44 वर्गमीटर भूमि विकसित हुई है। इनमें से 54 डंपिंग जोन को विभिन्न योजनाओं (पार्किंग, होटल, लॉज, रेस्टोरेंट, शौचालय और पर्यटन से जुड़ी दूसरी गतिविधियों) के लिए उपयुक्त पाया गया है। राज्य की ओर से केंद्र सरकार को डंपिंग जोन की भूमि को राज्य को सौंपने की मांग की जा रही है।
पिछले दिनों नई दिल्ली में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गड़करी के सम्मुख मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी यह मुद्दा उठा चुके हैं। संभव है कि आने वाले दिनों में राज्य को भूमि हस्तातंरण की सहमति मिल जाए, लेकिन चिंता का विषय यह है कि इससे पहले ही इस भूमि पर अतिक्रमण होने लगा है। प्रमुख सचिव लोनिवि आरके सुधांशु की ओर से इस संबंध में जिला अधिकारियों को पत्र भेजकर जांच के लिए कहा गया है।
योजनाओं के लिए चयनित डंपिंग जोन
- ऋषिकेश से माणा राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-58 पर 06 डंपिंग जोन
- रुद्रप्रयाग से गौरीकुंड राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-109 पर 05 डंपिंग जोन
- टनकपुर से पिथौरागढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 125 पर 30 डंपिंग जोन
- ऋषिकेश से धरासू राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-94 पर 03 डंपिंग जोन
- धरासू से यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-94 पर 09 डंपिंग जोन
- धरासू से गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या-108 पर 01 डंपिंग जोन
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चारधाम ऑलवेदर रोड परियोजना के तहत राज्य में विकसित हुए डंपिंग जोन में अतिक्रमण की शिकायत मिली है। इस पर शासन को मामले को गंभीरता से देखने को कहा गया है। आने वाले दिनों में इन डंपिंग जाने पर कई योजनाएं धरातल पर उतारी जानी हैं। - सतपाल महाराज, लोनिवि एवं पर्यटन मंत्री, उत्तराखंड सरकार