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Kedarnath Yatra 2023: समूह में होगा घोड़ा-खच्चरों का संचालन, थोड़े-थोड़े अंतराल में किए जाएंगे रवाना
Sun, 05 Mar 2023 10:09 PM IST
अलका त्यागी
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
Published by: अलका त्यागी
Updated Sun, 05 Mar 2023 10:09 PM IST
सार
घोड़ा-खच्चरों के संचालन के लिए कानवाई व्यवस्था (थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद समूह में) की योजना बनाई गई है।
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केदारनाथ यात्रा
- फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विस्तार
केदारनाथ पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों के संचालन के लिए कानवाई व्यवस्था लागू की जाएगी जिससे पैदल यात्रियों को कोई दिक्कत न हो। साथ ही जानवरों को सही तरीके से मॉनीटरिंग की जा सके। घोड़ा-खच्चर हॉकर व स्वामी को भी अलग से फोटोयुक्त आईडी जारी की जाएगी। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरा की मदद से भी पैदल मार्ग से बेस कैंप तक निगरानी की जाएगी।
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घोड़ा-खच्चरों के संचालन के लिए कानवाई व्यवस्था (थोड़े-थोड़े अंतराल के बाद समूह में) की योजना बनाई गई है। इसके तहत गौरीकुंड से केदारनाथ के लिए 10-10 मिनट के अंतराल में 200-200 घोड़े-खच्चर रवाना किए जाएंगे। प्रत्येक समूह को एक निश्चित नाम या कोड दिया जाएगा। जानवरों की निगरानी के लिए 30 पीआरडी जवान तैनात रहेंगे।
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केदारनाथ यात्रा में संचालित होने वाले घोड़ा-खच्चरों के लिए भरपेट गुड-चना मुहैया कराने की जिम्मेदारी पशुपालनक, हॉकर की होगी। पहले चरण में सिर्फ 4000 घोड़े-खच्चर ही संचालित होंगे। पशुपालन विभाग द्वारा जल्द ही परीक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे, जिसमें पंजीकरण भी होगा।
घोड़ा-खच्चरों का संचालन व्यवस्थित और बेहतर तरीके से हो इसके लिए कानवाई व्यवस्था लागू की जाएगी। गौरीकुंड से थोड़े-थोड़े अंतराल में घोड़ा-खच्चरों को संख्या के हिसाब से समूह में छोड़ा जाएगा, जिससे उनकी मॉनीटरिंग हो सके। साथ ही पूरी व्यवस्था की सीसीटीवी कैमरा से भी निगरानी की जाएगी।
- मयूर दीक्षित, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग