चारधाम यात्रा 2021: इस बार भी वाहन से गौरीकुंड पहुंचेगी बाबा केदार की डोली, भक्त नहीं कर पाएंगे दर्शन
लगभग दो घंटे की मंत्रणा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष भी बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल से अपने धाम के लिए वाहन से प्रस्थान करते हुए सीधे गौरीकुंड पहुंचेगी।
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केदारनाथ की चल उत्सव विग्रह डोली कोरोना संक्रमण के कारण इस वर्ष भी 14 मई को शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकोरश्वर मंदिर ऊखीमठ से गौरीकुंड सीधे वाहन से पहुंचेगी। यहां रात्रि विश्राम के बाद डोली 15 को धाम पहुंच जाएंगी। जहां दो दिन विश्राम के बाद 17 मई को धाम के कपाट खोले जाएंगे।
ओंकोरश्वर मंदिर परिसर में रावल भीमाशंकर लिंग की मौजूदगी में प्रशासन, देवस्थान बोर्ड, तीर्थपुरोहित समाज व हक-हकूकधारियों की बैठक आयोजित की गई। लगभग दो घंटे की मंत्रणा के बाद सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि इस वर्ष भी बाबा केदार की चल उत्सव विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल से अपने धाम के लिए वाहन से प्रस्थान करते हुए सीधे गौरीकुंड पहुंचेगी।
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इस दौरान तय स्थानों पर परंपराओं के निर्वहन के तहत सिर्फ पूजा-अर्चना होगी। प्रशासन द्वारा अवगत कराया गया कि वैश्विक महामारी कोरोना घातक रूप ले चुकी है। इसलिए सावधानी के तौर पर डोली को गौरीकुंड तक वाहन से पहुंचाने का निर्णय लिया गया है।
तय तिथि पर विशेष पूजा-अर्चना के साथ बाबा केदार की चल उत्सव डोली को पंचकेदार गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर से वाहन से गौरीकुंड के लिए रवाना किया जाएगा। बैठक में तीर्थपुरोहित व हक-हकूकधारियों ने बताया कि धाम जाने की अनुमति के लिए 21 लोगों की सूची प्रशासन को सौंप दी गई है।
साथ ही देवस्थानम बोर्ड द्वारा भी 30 लोगों की सूची प्रशासन को दी जा चुकी है। इधर, उप जिलाधिकारी जितेंद्र वर्मा ने बताया कोरोना जांच के बाद ही केदारनाथ जाने की अनुमति दी जाएगी। बैठक में बोर्ड के कार्याधिकारी एनपी जमलोकी, सीओ अनिल मनराल, तहसीलदार दीवान सिंह राणा, जयवीर राम बधाणी, थानाध्यक्ष मुकेश थलेड़ी, केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला, महामंत्री कुबेरनाथ पोस्ती, राजकुमार तिवारी, रणजीत रावत, विश्वमोहन जमलोकी आदि मौजूद थे।
इस दिन खुलेंगे चारों धामों के कपाट
बता दें कि यमुनोत्री धाम के कपाट अक्षय तृतीया पर 14 मई को दिन में 12.15 बजे और गंगोत्री धाम के कपाट इस बार 15 प्रात: 7.31 बजे खुलेंगे। जबकि केदारनाथ के कपाट 17 मई को सुबह 5 बजे और बदरीनाथ धाम के कपाट 18 मई प्रात: 4.15 बजे खुलेंगे।
सांकेतिक रूप में खुलेंगे चारों धामों के कपाट
चारधामों के कपाट निर्धारित तिथियों पर सांकेतिक रूप से खुलेंगे। गढ़वाल आयुक्त और उत्तराखंड देवस्थानम बोर्ड के मुख्य कार्यकारी अधिकारी रविनाथ रमन ने कहा कि धामों में पूजा परंपरा से जुड़े तीर्थ पुरोहित और हक-हकूकधारियों को कोरोना निगेटिव रिपोर्ट दिखाने के बाद ही जाने की अनुमति दी जाएगी।