केदारनाथ: हेली कंपनियों की मनमानी, बुकिंग के बावजूद तीर्थयात्रियों को नहीं पहुंचा रहे धाम
- पूर्व राज्य मंत्री की बेटी ने जताई नाराजगी, बिना दर्शन किए लौटी
- तीन दिन इंतजार करने बाद बिना दर्शन के लौटी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हवाई सेवा से केदारनाथ धाम नहीं जा पाए श्रद्धालुओं ने हेली कंपनियों पर मनमानी का आरोप लगाया। कहा कि बुकिंग के बावजूद कंपनियां यात्रियों को केदारनाथ नहीं ले जा रही हैं। बिना दर्शन के लौटीं पूर्व राज्य मंत्री स्व. ज्ञान सिंह नेगी की बेटी ने भी हेली कंपनियों की लापरवाही पर आक्रोश जताया।
हेली कंपनी से बुकिंग कराए जाने के बावजूद उन्हें तीन दिन तक इंतजार करना पड़ा। बाद में वह बिना दर्शन के ही लौट गई। देवप्रयाग से केदारनाथ यात्रा के लिए गई पूर्व राज्य मंत्री स्व. ज्ञान सिंह नेगी की बेटी रजनी रावत व उनके पति डॉ. बीएस रावत ने बताया कि उन्होंने केदारनाथ के लिए एक हेली कंपनी से बुकिंग करवाई थी।
यह भी पढ़ें: बर्फबारी और कड़ाके की ठंड के बीच केदारनाथ में उमड़ी भक्तों की भारी भीड़, देखें शानदार तस्वीरें...
बताया कि वह गुप्तकाशी के निकट जाखधार हेलीपैड में तीन दिन तक केदारनाथ जाने का इंतजार करते रहे, लेकिन कंपनी रोज कोई न कोई बहाना बनाती रही। इस बीच हेली कंपनी ने किराया 6500 रुपये से बढ़ाकर 7750 कर दिया और उसी किराए का भुगतान करने का दबाव बनाया। जिसे देने के लिए अन्य यात्रियों की तरह उनकी भी मजबूरी बन गई थी। बावजूद इसके अखिर में उन्हें मना कर दिया गया। मजबूरन उन्हें बिना दर्शन करे लौटना पड़ा।
शिकायत नागरिक उड्डयन विभाग से की गई
देवप्रयाग से शेखर भट्ट भी अपनी 81 वर्षीय दादी को हेलीकॉप्टर से केदार दर्शन के लिए ले गए थे। इसके लिए उन्होंने काफी पहले बुकिंग भी करवा दी थी। दो दिन के इंतजार के बाद बमुश्किल सुबह वह केदारनाथ पहुंचे।
वहीं आगरा के अशोक कुमार गोयल के अनुसार उन्हें हेली कंपनी ने उड़ान का जो नंबर दिया था, उसके बाद के कई नंबरों को केदारनाथ भेजा गया, लेकिन उन्हें इंतजार करवाते रहे। यात्रियों के अनुसार हेलीपैड में हेली कंपनियों की ओर से पानी, बाथरूम जैसी कोई सुविधा नहीं दी गई है। इसकी शिकायत नागरिक उड्डयन विभाग से की गई है।
केदारनाथ हवाई सेवा के टिकट बेचने में मनमानी की जांच के लिए एक कमेटी का गठन किया गया है। इसके अलावा हेलीपैड में निगरानी के लिए कैमरे लगाए गए हैं। कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार आरोप साबित होने पर प्रशासन संबंधित कंपनियों के खिलाफ कार्रवाई करेगा।
- वंदना सिंह, डीएम रुद्रप्रयाग