फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   change in national urban livelihood mission self employment scheme.

बेरोजगारों के हक में PM मोदी ने कर दी कटौती!

Thu, 30 Jul 2015 01:50 PM IST
मनमीत रावत/ अमर उजाला, देहरादून
मनमीत रावत/ अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 30 Jul 2015 01:50 PM IST
विज्ञापन
change in national urban livelihood mission self employment scheme.

केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय ने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन स्वरोजगार योजना के तहत बेरोजगारों को कर्ज देने का लक्ष्य घटा दिया है।

विज्ञापन


नए लक्ष्य के मुताबिक इस योजना के तहत अब प्रतिवर्ष 450 की बजाए महज 130 गरीब बेरोजगार युवा ही लाभान्वित हो सकेंगे। इस कटौती से नाराज जरूरतमंद युवा कहते हैं कि यह कटौती इस लिहाज से चौंकाने वाली है कि एक ओर सरकार के मुखिया कौशल विकास और आर्थिक रूप से पिछड़े युवाओं को ज्यादा से ज्यादा रोजगार देने की बात कह रहे हैं, दूसरी और प्रचलित योजनाओं में ही कटौती की जा रही है।

राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन स्वरोजगार योजना के तहत नगर निगम से आवेदन करने वाले बेरोजगारों को दो लाख रुपये का लोन दिया जाता है। केंद्र ने कई साल पूर्व शहरी गरीब बेरोजगारों के लिए यह योजना (स्वर्णिम शहरी स्वरोजगार योजना) शुरू की थी।
विज्ञापन


बीते साल केंद्र में भाजपा के नेतृत्व में एनडीए की सरकार आने के बाद इस योजना का नाम बदलकर राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन स्वरोजगार योजना कर दिया गया। पूरे देश में लागू इस योजना में केंद्र सभी नगर निगमों को 450 का लक्ष्य देता है। पिछले वित्तीय वर्ष तक देहरादून में 450 युवाओं को लाभ देने का लक्ष्य तय था।

विज्ञापन
विज्ञापन

बेरोजगारों को मिलती थी काफी मदद

change in national urban livelihood mission self employment scheme.

योजना के तहत नगर निगम में आवेदन किया जाता है। पात्रता जांचने के बाद निगम अधिकृत बैंकों को आवेदन भेजता है। बैंक भी वेरिफिकेशन के बाद दो लाख रुपये का लोन जारी करता है। इससे बेरोजगारों को अपना रोजगार करने में काफी मदद मिलती थी, लेकिन अब लक्ष्य कम होने से कई युवाओं के अपने पैरों पर खड़ा होने की चाहत अधूरी रह सकती है।

योजना में कटौती क्यों हुई, यह अभी साफ नहीं है। नगर निगम में सामाजिक विकास अधिकारी पल्लवी जोशी इस कटौती की पुष्टि करती हैं, मगर कारण के सवाल पर कोई ठोस जवाब नहीं दे पाती। वे कहती हैं कि बैंक अधिकतर आवेदनों को निरस्त कर देते हैं,  लक्ष्य कम होने के एक कारण यह भी हो सकता है।

उन्होंने कहा कि इस साल अप्रैल से लक्ष्य घटा दिया गया है, इससे बेरोजगार युवाओं में नाराजगी है। वहीं, मुख्य नगर अधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने कहा कि इस संबंध में सामाजिक विकास अधिकारी ने उन्हें पूरे मामले से अवगत कराया है। वे इस संबंध में राष्ट्रीयकृत बैंकों से बात करेंगे, ताकि ज्यादा से ज्यादा बेरोजगारों को इस योजना का लाभ मिल सके।

कटौती का खामियाजा भुगतने वाले एक युवा प्रीतम रोड निवासी धर्मेंद्र कुमार कहते हैं कि उन्होंने भी लोन के लिए आवेदन किया था, लेकिन आवेदन निरस्त हो गया।

वे कहते हैं कि योजना के तहत बेरोजगारों को लोन देने के लक्ष्य को कम करने के पीछे की वजह बैंकों की ओर से कम युवाओं को लोन देने को मान लिया जाए, तो भी यह बेरोजगारों से बेरुखी है। बेरोजगार युवाओं के अनुसार, इससे अच्छा तो यह होता कि केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय बैंकों को ज्यादा युवाओं को लोन देने की नसीहत देता।

लक्ष्य कम होने से नगर निगम खफा

change in national urban livelihood mission self employment scheme.

वर्ष 2014 में केंद्र ने राष्ट्रीय शहरी आजीविका मिशन स्वरोजगार योजना के तहत नगर निगम को 450 युवाओं को लाभ देने का लक्ष्य दिया था। नगर निगम ने बैंकों को 308 आवेदन भेजे।

बैंकों ने महज 62 आवेदनकर्ताओं को ही लोन दिया। बैंकों की ओर से लोन पास करने की स्थिति इससे पूर्व भी कुछ ऐसी ही रही। इस बार जब गत साल की रिपोर्ट केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेजी गई तो लक्ष्य में कटौती हो गई। लक्ष्य कम होने से नगर निगम भी खफा है।

सैकड़ों युवाओं को मिल चुका फायदा
अब तक इस योजना से शहर में सैकड़ों युवाओं को फायदा मिला है। योजना के तहत दो लाख रुपये की आर्थिक मदद मिलती है। यह ऋण 7 प्रतिशत ब्याज पर पांच से सात साल तक के लिए दिया जाता है। बेरोजगार लोन देकर फास्ट फूड कॉनर, छोटी दुकानें एवं अन्य छोटा व्यापार करते हैं।

लक्ष्य कम होने में बैंकों की गलती नहीं : मेंहदीरता

उत्तराखंड फोरम ऑफ बैंक यूनियन के संयोजक जगमोहन मेंहदीरता ने कहा कि योजना के तहत बेरोजगारों को लोन देने के लक्ष्य में कटौती के पीछे बैंकों की कोई गलती नहीं है।

कहा कि आवेदन में कई प्रारूप ऐसे होते हैं, जिन्हें लापरवाही से भरा होता है। कई प्रारूप ऐसे भी थे, जिनकी पात्रता पर संदेह था। लिहाजा, बैंक ऐसे आवेदनों का वेरिफिकेशन करने के बाद निरस्त कर देता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed