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चंद्रग्रहण 2019: चारों धामों समेत सभी मंदिरों के कपाट हुए बंद, बुधवार को इस समय होगा पूजन

Wed, 17 Jul 2019 08:50 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Wed, 17 Jul 2019 08:50 AM IST
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Chandra Grahan 2019 Temples and Char Dham Doors closed in sutak
कपाट बंद - फोटो : अमर उजाला

चंद्रग्रहण के दौरान बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद रहे। बुधवार तड़के चंद्रग्रहण का सूतककाल खत्म होने के बाद सभी धामों के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोल दिए जाएंगे।

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बदरीनाथ धाम के साथ ही परिसर में स्थित सभी मंदिरों के कपाट मंगलवार शाम 4.25 बजे बंद कर दिए गए। चंद्रग्रहण रात एक बजकर 31 मिनट से लेकर बुधवार तड़के चार बजकर 31 मिनट तक रहेगा।
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ग्रहणकाल से नौ घंटे पहले सूतककाल माना जाता है, लिहाजा भगवान बदरीनाथ की भोग पूजा और शयन आरती के बाद धाम के कपाट बंद कर दिए गए। इस दौरान भगवान बदरीनाथ के दर्शनों को तीर्थयात्रियों का तांता लगा रहा।
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बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवनचंद्र उनियाल ने बताया कि बुधवार को तड़के 4.40 बजे बदरीनाथ धाम की घंटी बजाई जाएगी। इसके बाद बदरीनाथ परिक्रमा स्थल से लेकर सभा मंडप की साफ-सफाई की जाएगी। सुबह ठीक छह बजे बदरीनाथ की अभिषेक पूजा व अन्य पूजाएं पूर्व की भांति विधि-विधान से शुरू हो जाएंगी। 

सुबह खुलेंगे कपाट

गंगोत्री मंदिर समिति के अध्यक्ष सुरेश सेमवाल ने बताया कि मंगलवार को रोज की भांति सुबह चार बजे मंदिर के कपाट खोले गए। चंद्रग्रहण का सूतक काल होने से अपराह्न 3.45 बजे ही मंदिर में आरती के बाद मां गंगा को भोग चढ़ा दिया गया और शाम 4.10 बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए।

बुधवार को सुबह पांच बजे विशेष पूजा अर्चना के बाद मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खुलेंगे। उधर, यमुनोत्री मंदिर समिति के सचिव कृतेश्वर उनियाल ने बताया कि यमुनोत्री मंदिर के कपाट शाम 4.37 बजे बंद कर दिए गए।

बुधवार सुबह पांच बजे विशेष धार्मिक अनुष्ठान के बाद कपाट श्रद्धालुओं के लिए खुलेंगे। इस बीच जिले के अन्य मंदिरों में भी चंद्रग्रहण के चलते दर्शन, पूजा अर्चना आदि धार्मिक अनुष्ठान बंद रहे।

चंद्रग्रहण के चलते केदारनाथ धाम के कपाट मंगलवार शाम 4.30 बजे बंद कर दिए गए। बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के मुख्य कार्याधिकारी बीडी सिंह ने बताया कि ग्रहण का सूतककाल शुरू होने से पूर्व भगवान केदारनाथ का भोग लगाकर भगवान की सायंकालीन आरती की गई। बुधवार तड़के साफ सफाई और विशेष धार्मिक अनुष्ठान के साथ 4.31 बजे मंदिर के कपाट भक्तों के दर्शनार्थ खोले जाएंगे।   

विधि विधान से साढे़ चार बजे मंदिरों के कपाट हुए बंद

राजधानी देहरादून समेत पूरे उत्तराखंड में गुरु पूर्णिमा के दिन चंद्रग्रहण लगने से मंगलवार शाम साढ़े चार बजे विधि विधान से मंदिरों के कपाट बंद हो गए। 16 और 17 जुलाई के बीच यानी मंगलवार रात 1 बजकर 32 मिनट से शुरू होने वाले चंद्रग्रहण का सूतक 16 जुलाई की अपराह्न 4:26 बजे लगने से साढ़े चार बजे से शहर भर के मंदिरों के कपाट बंद हो गए। सूतक 17 जुलाई सुबह 4 बजकर 30 मिनट रहेगा। जिसके बाद मंदिरों के कपाट खोले जाएंगे।

ग्रहण के सूतक लगने से पहले सभी मंदिरों में भक्तों ने गुरु पूर्णिमा पर्व की विधि विधान से पूजा अर्चना की। सुबह से मंडली की ओर से मंदिरों में भजन कीर्तन का आयोजन किया। भव्य रूप से सजाए गए मंदिरों में भक्तों ने गुरु की पूजा अर्चना करने के साथ ही विश्व शांति की कामना की।

द्रोणनगरी के प्राचीन टपकेश्वर महादेव मंदिर, धर्मपुर चौक स्थित हनुमान मंदिर, सहारनपुर चौक पृथ्वीनाथ महादेव मंदिर, किशनपुर, कैनाल रोड स्थित प्राचीन शिव मंदिर, पलटन बाजार स्थित जंगम शिवालय, राजपुर रोड स्थित सांई मंदिर समेत शहर के सभी मंदिरों में दिन भर पूजा अर्चना होने के बाद साढ़े चार बजे मंदिर के कपाट बंद कर दिए गए। मंदिरों के कपाट बुधवार तड़के सुबह साढे़ चार बजे खोल दिए जाएंगे।

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