उत्तराखंड के इस जिले में दो बार मतदान करेंगे लोग
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एक व्यक्ति को एक समय में एक बार ही मतदान करने का हक है, लेकिन लोकसभा चुनाव में चंपावत जिले में 15 ऐसे लोग हैं जो दो बार अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
ये लोग सेना और अर्द्धसुरक्षा बलों में कार्यरत परिवारों के सदस्य हैं। ये व्यवस्था प्रॉक्सी (परोक्ष) वोटिंग के जरिए होगी।
सेना और अर्द्धसुरक्षा बलों में जिले से बाहर तैनात चंपावत जिले के कर्मी सर्विस वोटर के दायरे में आते हैं।
अपने परिजनों के माध्यम से देंगे वोट
लोहाघाट विधानसभा सीट पर 1159 और चंपावत सीट पर 941 सर्विस वोटर हैं, लेकिन इनमें से 15 वोटर खुद नहीं अपने परिजनों के माध्यम से वोट देंगे।
यानी इनके परिजन दो मत देने के हकदार होंगे। एक अपना और एक अपने संबंधी सर्विस वोटर का।
जिले में 2100 सर्विस वोटरों में से 2085 को इनके सेवा के पतों पर भेजा जाएगा, लेकिन प्रॉक्सी वोट वाले सर्विस वोटर को डाक से नहीं भेजा जाता है।
ये लोग देंगे प्रॉक्सी वोट
मतपत्र और डमी मतपत्र व्यवस्था प्रभारी विवेक कुमार उपाध्याय के मुताबिक लोहाघाट में नौ और चंपावत सीट पर छह लोग प्रॉक्सी वोट देंगे।
इन सैनिक और अर्द्धसुरक्षा बलों के कर्मियों ने प्रॉक्सी वोट के लिए आवेदन किया था और परिवार के लोगों को अपना वोट देने के लिए अधिकृत किया है।
पोलिंग बूथ के पीठासीन अधिकारी को मत के लिए अधिकृत पत्र को दिखाए जाने के बाद ये लोग सर्विस वोट का प्रॉक्सी के रूप में उपयोग हो सकेगा। इसके लिए वोट देने से पूर्व पहचान की स्याही बाएं हाथ की बीच वाली अंगुली में लगाई जाएगी, जबकि आम वोटर को स्याही तर्जनी में लगाई जाती है।
- विवेक कुमार उपाध्याय प्रभारी, मतपत्र और डमी मतपत्र व्यवस्था
25 अप्रैल तक भेजे जाएंगे बैलेट
क्या है सर्विस वोट
सर्विस वोट यानी फौज अथवा अर्द्धसुरक्षा बलों में कार्यरत कर्मियों को वोट का हक।
चंपावत जिले के जिले से बाहर सेवा करने वाले कर्मियों की सूची एक निर्धारित प्रोफार्मा (फार्म टू) में उनके मुख्यालय से भेजी जाती हैं।
सहायक निर्वाचन अधिकारी नरेश दुर्गापाल के मुताबिक नाम वापसी 23 अप्रैल के 48 घंटे के भीतर यानी 25 अप्रैल शाम पांच बजे तक ये बैलेट डाक के जरिए सैनिक और अर्द्धसुरक्षा कर्मियों के पते पर भेजे जाएंगे।
इन बैलेट पत्रों में चुनाव निशान न होकर प्रत्याशियों के नामों का उल्लेख होता है। वोटर को अपने पसंदीदा प्रत्याशी के आगे निशान लगाना होता है।
गिनती में शामिल होने के लिए डाक मतपत्र का मतगणना के दिन यानी 16 मई की सुबह आठ बजे तक पहुंचना अनिवार्य है।