Chamoli Tunnel Accident: हादसे के बाद टीएचडीसी सख्त, खामियां पाए जाने पर लोको वैगन चालक बर्खास्त
Chamoli Tunnel Accident: मंगलवार रात टनल में श्रमिकों की शिफ्ट चेंज के दौरान दो लोको ट्रेन आपस में टकरा गई थी। इस दौरान कई मजदूर घायल हुए थे।
विस्तार
टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की टनल में दो लोको वैगन (बॉक्स) की टक्कर मामले में एक लोको वैगन के चालक को बर्खास्त किया गया है।
बृहस्पतिवार को टीएचडीसी के कार्यपालक निदेशक कुमार शरद ने मुख्यालय में पत्रकारों से वार्ता की। उन्होंने बताया कि पीपलकोटी परियोजना के टीबीएम टनल में मजदूरों को कार्यस्थल तक ले जाने के लिए एक लोको वैगन (बॉक्स) है। मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे एक लोको वैगन टनल के बाहर से रात्रि शिफ्ट वाले मजदूरों को लेकर जा रही थी, जिसमें 81 लोग सवार थे।वो वहां खड़ी एक लोको वैगन से टकरा गई। घटना के तुरंत बाद बाहर से दूसरी लोको मंगाई और घायलों को बाहर निकाल कर उपचार के लिए जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया।
Chamoli Tunnel Accident: बिना ऑपरेटर पटरी पर तीन किमी तक दौड़ी थी लोको ट्रेन, हादसे में 70 श्रमिक हुए जख्मी
81 में से 76 को अस्पताल से छुट्टी कर दी गई है। पांच का उपचार चल रहा है, जिन्हें भी जल्द अस्पताल से छुट्टी मिल जाएगी। टीएचडीसी ने घटना को गंभीरता से लिया है, उपचार में जो भी खर्चा होगा उसका ध्यान रखा जाएगा। बताया कि प्रथम दृष्टया पता चला है कि जो लोको वैगन खड़ी थी उसका ब्रैक फेल हो गया जिससे वह अपने स्थान से खिसक गई जिससे कि मजदूरों को लेकर आ रही लोको वैगन इससे टकरा गई। मामले में जांच जारी है। पता चला है कि जो लोको वैगन खड़ी थी उसका चालक मौजूद नहीं था। लोको वैगन के चालक को बर्खास्त कर दिया गया है। सुपरवाइजर की भी जांच की जा रही है। सुरक्षा मानकों की भी दोबारा जांच की जांच की जा रही है, खामियां पाए जाने पर संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
अभी प्राथमिक जांच नहीं हुई पूरी
घटना के तीन दिन बाद भी टीएचडीसी प्राथमिक जांच भी पूरी नहीं कर पाया है। घटना के कारण भी पूर्णरूप से स्पष्ट नहीं हैं। टीएचडीसी के अधिकारियों का कहना है कि जांच अभी जारी है।
परियोजना निर्माण गति पर नहीं पड़ेगा प्रभाव
टीएचडीसी की निर्माणाधीन विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना 2011 में मंजूरी मिली थी, इसका निर्माण कार्य 2014 में शुरू हुआ। 444 मेगावाट की इस परियोजना का निर्माण कार्य चार यूनिटों में पूर्ण होना है। पहले यूनिट के कार्य पूर्ण किए जाने का लक्ष्य मार्च 2027 रखा गया है। अभी तक 70 फीसदी से अधिक कार्य पूर्ण हो चुका है। कुमार शरद ने बताया कि परियोजना निर्माण गति पर घटना को कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.