{"_id":"596996dd4f1c1bd6528b4792","slug":"chakrata-and-tyuni-including-nine-thana-will-extend","type":"story","status":"publish","title_hn":"चकराता और त्यूणी समेत नौ थानों का होगा विस्तारीकरण","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
चकराता और त्यूणी समेत नौ थानों का होगा विस्तारीकरण
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 15 Jul 2017 09:45 AM IST
विज्ञापन
cm trivendra singh rawat
पिछली सरकार में सियासी मुद्दा रहे त्यूणी थाने का कार्यक्षेत्र बढ़ाया जाएगा। चुनाव के कुछ महीने पूर्व त्यूणी थाने को महज पांच गांवों तक सीमित रखा गया था, जबकि प्रस्ताव 25 से ज्यादा गांवों का था। मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत ने शुक्रवार को सचिवालय में प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति की समीक्षा के दौरान त्यूणी और चकराता समेत राज्य के नौ थानों के कार्यक्षेत्र को बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने पुलिस के आला अधिकारियों को दो टूक कहा कि कानून व्यवस्था में कोई कोताही स्वीकार नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने राज्य में अभिसूचना तंत्र को और सघन तथा मजबूत बनाने पर जोर दिया। साथ ही पुलिस को आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से और साइबर क्राइम जैसी नई चुनौतियों के लिए हमेशा अलर्ट मोड में रहने को कहा। जनता से जुड़ने के साथ ही उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील रहने की बात कहते हुए सीएम ने कहा कि एक आम नागरिक को थानों-चौकियों में प्रवेश करते समय यह अहसास होना चाहिए कि उसकी सुनवाई हो रही है। अपराधियों से सख्ती से निपटा जाए। किसी को भी देवभूमि का माहौल खराब करने की इजाजत नहीं दी जाएगी। नशे के कारोबार पर सख्ती से लगाम लगाई जाए।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री ने कहा कि आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से सीमांत क्षेत्रों में थानों का विस्तारीकरण किया जाए। बैठक में थैलीसैंण एवं पैठाणी को थाना बनाने एवं पाबों को चौकी बनाकर पौड़ी थाने में शामिल करने पर सहमति बनी। इसके अतिरिक्त नैनीताल में दो थाने तथा एक पुलिस चौकी, अल्मोड़ा में तीन थाने एवं देहरादून में दो थानों के विस्तारीकरण पर सहमति बनी। जिन थानों व पुलिस चौकियों का विस्तारीकरण किया जाना है, उनमें नैनीताल में रिपोर्टिंग पुलिस चौकी खैरना, थाना भवाली एवं मुक्तेश्वर के अलावा अल्मोड़ा में थाना भतरौजखान, लमगड़ा, सोमेश्वर का नाम शामिल है।
विज्ञापन
इसी क्रम में देहरादून में चकराता एवं त्यूनी थाने के विस्तारीकरण पर सहमति बनी। आंतरिक सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस को और आवश्यक थानों के प्रस्ताव भी तैयार करने को कहा गया। बैठक में पुलिस के आला अधिकारियों ने बताया कि एक थाने का औसत सालाना खर्च 85 लाख रुपए है, जबकि चौकियों में यही खर्च औसत 45 लाख के आसपास बैठता है। ऐसे में मौजूदा बजट पर्याप्त नहीं पड़ रहा है। इस पर वित्त मंत्री प्रकाश पंत ने अतिरिक्त बजट की व्यवस्था करने की बात कही। उन्होंने कहा कि जो भी खर्च आएगी उसका प्रावधान बजट में किया जाएगा। इस मौके पर पुलिस महानिदेशक एमए गणपति, अपर पुलिस महानिदेशक राम सिंह मीना, सचिव गृह विनोद शर्मा उपस्थित रहे।