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Chaitra Navratri: देवी के इस मंदिर में दर्शन करने से बरसती है अपार कृपा, चर्म और कुष्ठ रोग से मिलती है मुक्ति

Thu, 23 Mar 2023 07:23 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार
संवाद न्यूज एजेंसी, हरिद्वार Published by: अलका त्यागी Updated Thu, 23 Mar 2023 07:23 PM IST
सार

मान्यता है कि मां के दर्शन मात्र से ही चर्म रोगी और कुष्ठ रोग ठीक हो जाता है। नवरात्र के अष्टमी और नवमी के दिन मां के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है।

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Chaitra Navratri 2023: Haridwar Religion news Sureshwari Devi Temple Untold Story
सुरेश्वरी देवी मंदिर - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हरिद्वार में देवी के कई मंदिर हैं जहां दर्शन करने से श्रद्धालुओं की मुरादें पूरी होती हैं। ऐसा ही एक मंदिर है सुरेश्वरी देवी का। यह मंदिर मां भगवती को समर्पित है। मंदिर राजाजी टाइगर रिजर्व के जंगल के बीच में है।

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सुरेश्वरी देवी मंदिर का उल्लेख स्कंद पुराण के केदारखंड में भी है। मान्यता है कि मां के दर्शन मात्र से ही चर्म रोगी और कुष्ठ रोग ठीक हो जाता है। नवरात्र के अष्टमी और नवमी के दिन मां के दर्शनों के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ लगती है।

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Chaitra Navratri 2023: Haridwar Religion news Sureshwari Devi Temple Untold Story
सुरेश्वरी देवी मंदिर - फोटो : अमर उजाला

शांत वातावरण के बीच है मंदिर

मान्यता है कि चंद्रवंशी राजा रजी के पुत्र से युद्ध हार गए और स्वर्ग लोक से निकाले गए। तब भयभीत इंद्र ने देव गुरु बृहस्पति की सलाह पर मां भगवती की तपस्या शुरू की। देवराज इंद्र की प्रार्थना से प्रसन्न होकर मां भगवती ने इसी स्थान पर इंद्र को दर्शन दिए। सुरेश्वरी देवी मंदिर जंगल के बीच होने से प्राकृतिक सौंदर्य और वन्य जीव निहारने का मौका मिलता है। शांत वातावरण में श्रद्धालुओं को आत्मीय शांति की अनुभूति होती है।

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ऐसे पहुंचे मंदिर
सुरेश्वरी देवी मंदिर हरिद्वार रेलवे और रोडवेज स्टेशन से करीब सात किमी दूर है। रानीपुर क्षेत्र के फाउंड्री गेट के पास से मंदिर के लिए रास्ता जाता है। जंगल परिसर होने से निजी वाहनों से वन विभाग 50 रुपये प्रति वाहन टिकट लिया जाता है। रानीपुर मोड से आटो-ई-रिक्शा और विक्रम भी मंदिर तक जाते हैं।

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