चीन सीमा पर मुस्तैद हिमवीरों में जोश भर गए रिजिजू
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भारत-चीन सीमा पर स्थित अग्रिम चौकी लपथल और रिमखिम का स्थलीय निरीक्षण करने के बाद केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरन रिजिजू मंगलवार को दिल्ली लौट गए।
गृह राज्यमंत्री सेना और आईटीबीपी के अधिकारियों व जवानों में देश सुरक्षा का जोश भर गए। उन्होंने सीमा पर देश सुरक्षा में मुस्तैद हिमवीरों (आईटीबीपी के जवान) की भूरी-भूरी प्रशंसा भी की।
मंगलवार को सुबह नौ बजे गृह राज्यमंत्री रिजिजू सेना के एमआई-17 से सीमा क्षेत्र के लिए रवाना हुए। उन्होंने करीब तीन घंटे सीमा क्षेत्र में स्थित अग्रिम चौकी लपथल और रिमखिम में बिताए।
डेढ़ बजे दिल्ली के लिए रवाना हुए
उन्होंने आईटीबीपी के अधिकारियों व जवानों से सीमा क्षेत्र के बारे में जानकारी ली। दोपहर में करीब बारह बजे वे जोशीमठ में सेना के हेलीपेड पर पहुंचे। यहां कुछ देर ठहरने के बाद वे दोपहर डेढ़ बजे दिल्ली के लिए रवाना हुए।
इससे पूर्व उन्होंने औली में आईटीबीपी के पर्वतारोहण संस्थान परिसर में पौधरोपण भी किया। औली में आईटीबीपी के अधिकारियों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि आईटीबीपी से मेरा अटूट संबंध रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सैनिकों, अद्र्ध सैनिक और पुलिस बल को दी जाने वाली सुविधाओं में और अधिक सुधार करने जा रहे हैं। इस मौके पर पर्वतारोहण संस्थान के प्रधानाचार्य गंभीर सिंह, आईटीबीपी के महानिरीक्षक एचएस गौरिया, आईटीबीपी प्रथम वाहिनी के कमांडेंट पीके तिवारी, कमल भारद्वाज आदि मौजूद थे।