उत्तराखंड: 2021 में मोबाइल एप से दो चरणों में होगी जनगणना, ट्रेनर्स का प्रशिक्षण शुरू
- विभिन्न जिलों के 22 मास्टर ट्रेनर ले रहे हैं प्रशिक्षण में हिस्सा
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साल 2021 में होने वाली जनगणना राज्य में दो चरणों में मोबाइल एप से होगी। पहले चरण में 15 अप्रैल से 30 मई 2020 तक आवासों का सूचीकरण और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर को अपटेड करने का कार्य होगा, जबकि दूसरे चरण में नौ फरवरी से 26 फरवरी 2021 के मध्य जनगणना कार्य किया जाएगा। यह बात यहां आयोजित राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स के छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में जनगणना निदेशक विम्मी सचदेवा रमन ने कही।
सोमवार को एटीआई सभागार में राज्य स्तरीय मास्टर ट्रेनर्स के छह दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ करते हुए जनगणना निदेशक विम्मी सचदेवा रमन ने कहा कि भारतीय जनगणना प्रक्रिया विश्व की उत्कृष्ट जनगणना प्रक्रियाओं में है। यह देश में जिला, तहसील, ब्लॉक, ग्राम पंचायत स्तर तक का डाटा प्राप्त करने का एकमात्र माध्यम है।
उन्होंने बताया कि मार्च 2021 में पुनरीक्षण कार्य होगा। वर्ष 2021 की जनगणना में सूचना प्रौद्योगिकी का समावेश करते हुए मोबाइल एप के माध्यम से मकान सूचीकरण एवं जनगणना की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की है कि वे अपने परिवार के बारे में सही जानकारी दें।
छह दिवसीय प्रशिक्षण में विभिन्न जिलों के 22 मास्टर ट्रेनर हिस्सा ले रहे हैं। मास्टर्स ट्रेनरों को बताया गया कि जनगणना में मोबाइल एप अहम रहेगा। प्रशिक्षण कार्यक्रम भारत के महारजिस्ट्रार एवं जनगणना आयुक्त कार्यालय, गृह मंत्रालय भारत सरकार, जनगणना कार्य निदेशालय उत्तराखंड और उत्तराखंड प्रशासन अकादमी के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। प्रतिभागियों को उपनिदेशक जनगणना एसएस नेगी, उपनिदेशक पूनम पाठक, रेखा कोहली और सहायक निदेशक तान्या सेठ प्रशिक्षण दे रहे हैं।
मोबाइल एप पर अंकित कर सकेंगे दूसरे चरण की सूचनाएं
पहले चरण में मकान सूचीकरण कार्य के दौरान प्रत्येक परिवार से उसका मोबाइल नंबर भी लिया जाएगा।इस मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के आधार पर लोग खुद द्वितीय चरण में जनगणना से संबंधित सूचनाएं मोबाइल एप पर अंकित कर सकेंगे।
जिले में डीएम होंगे प्रमुख जनगणना अधिकारी
जिले में जनगणना के लिए जिलाधिकारी को प्रमुख जनगणना अधिकारी नियुक्त किया है। राज्य में नगरीय क्षेत्रों के लिए निकायों में तैनात नगर आयुक्त और अधिशासी अधिकारियों और ग्रामीण क्षेत्रों में तहसीलदार को चार्ज अधिकारी बनाया है।
जनगणना से मिलने वाले आंकड़ों के आधार पर ही देश और राज्य सरकारें जनकल्याण की योजनाएं तैयार करती हैं। प्रत्येक मास्टर ट्रेनर प्रशिक्षण में उत्साहपूर्वक हिस्सा लें और प्रशिक्षण से मिलने वाले अनुभवों का लाभ राज्य और देश हित में करें।
राजीव रौतेला, मंडलायुक्त और निदेशक एटीआई नैनीताल