फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   cement factory and coca-cola deal can be off

सीमेंट फैक्ट्री और कोका कोला से रद्द होगा करार

Wed, 26 Feb 2014 12:53 PM IST
अनूप वाजपेयी/ अमर उजाला, देहरादून
अनूप वाजपेयी/ अमर उजाला, देहरादून Updated Wed, 26 Feb 2014 12:53 PM IST
विज्ञापन
cement factory and coca-cola deal can be off

उत्तराखंड की नई सरकार अंधाधुंध विकास की आड़ में पर्यावरण संतुलन को नहीं बिगड़ने देगी। सरकार ने इसकी शुरूआत सीमेंट फैक्ट्रियों से की है।

विज्ञापन


पढ़ें, देहरादून की शांत वादियों में लड़कियों ने उठाए ‘हथियार’
विज्ञापन


विजय बहुगुणा सरकार के दौरान सोमेश्वर और त्यूनी में लगने वाली सीमेंट फैक्ट्री को लेकर हुए करार को वर्तमान सरकार ने खारिज करने की तैयारी है। वहीं छरबा में लगने वाला कोका कोला का प्लांट भी अब नहीं लगेगा।
विज्ञापन
विज्ञापन


भविष्य में राज्य को होगा फायदा
नई सरकार सकल पर्यावरण उत्पाद (जीईपी) को लेकर भी गंभीर है ताकि भविष्य में इसका फायदा राज्य को हो सके। अमर उजाला फाउंडेशन और हेस्को की ओर से देश में चलाए जा रहे जीईपी जागरूकता अभियान में राज्य की भागीदारी पर मुख्यमंत्री हरीश रावत ने प्रतिबद्घता जताई है।

पढ़ें, कैंसर जैसी खतरनाक बीमारी से लड़ेगा पुदीना

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने हाल ही इकोलॉजी को ध्यान में रखकर बयान दिया है कि प्रदेश में अब बड़े- बड़े उद्योग लगाने की आवश्यकता नहीं है। इसी क्रम में नई सरकार ने कुछ जमीनी खाका भी तैयार किया है।

मुख्यमंत्री हरीश रावत ने बताया कि वन विभाग को हिदायत दी गई है कि अब चीड़ का रोपण न करें। इसकेलिए स्थानीय जरूरतों के मुताबिक पौधों की अन्य प्रजाति और चारा लगाया जाए।

पढ़ें, खुद नौकरी छोड़ी, अब दे रहे दूसरों को रोजगार


बंदरों की खुराक जंगल में ही पेड़ों से मिले इस तरह के फलदार पेड़ तैयार किए जाएं। वन विभाग जंगलों के अंदर छोटे-बड़े तालाब तैयार करेगा। ताकि जानवरों को पानी मिलने केसाथ-साथ भूजल रिचार्ज भी हो सके।

मुख्यमंत्री का कहना है कि सरकार दूरदराज खेती करने वालों को अजीविका केसाथ-साथ पर्यावरण संतुलन को बनाए रखने का भी काम करने जा रही है।

अखरोठ के पौधे रोपने का अभियान
सरकार पौधारोपण के काम में स्थानीय लोगों को सीधे जोड़ेगी। जो अपना खेत-अपना पेड़ योजना में उसकी देखभाल करेंगे और चार साल बाद सरकार उसकी कीमत संबंधित किसान हो देगी। उन्होंने बताया कि अगले साल ठंड के मौसम में सरकार की ओर से अखरोठ के पौधे रोपने का अभियान चलेगा।

पढ़ें, इलेक्ट्रॉनिक पेन लिखेगा अपराधी का कच्चा चिट्ठा

जिस इलाके में जिस तरह के फल व सब्जी अधिकता से हो सकते हैं। वहीं उसे और विकसित किया जाएगा और इसके लिए बाजार भी तैयार किया जाएगा।

मुख्यमंत्री ने इस बात पर भी सहमति जताई है कि जीईपी को सालाना योजना में शामिल करने पर उनकी सरकार गंभीर है।

जीईपी को भी विकास का समान्तर पैमाना बनाने के प्रयास किए जाएंगे ताकि जंगल, मिट्टी, पानी और हवा की गुणवत्ता और बढ़ोत्तरी का मापन कर भविष्य में इसका लक्ष्य निर्धारित किया जा सके। जिसका फायदा भविष्य में अन्य विकास की योजना में भी मिलेगा।

साइलेंट जोन टूरिज्म को बढ़ावा
उत्तराखंड सरकार मसूरी और नैनीताल के भीड़ वाले पर्यटक स्थलों से दूर जंगलों के बीच ऐसे पर्यटक स्थल तैयार करने जा रही है जहां कोई आता-जाता न हो। यानि सुकून और शांति की तलाश के बीच सिर्फ जरूरत की चीजें ही मुहैया होंगी।

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश में ऐसे ही कुछ स्थान चिंहित किए जा रहे हैं। जहां न ध्वनि प्रदूषण होगा न ही वायु प्रदूषण।

साइलेंट जोन में निजी वाहन प्रवेश कर सकेंगे और न ही कोई शोर-शराबा होगा। पर्यटक वाहन ही गंतव्य तक ले जाएंगे। जंगल में रहने को ईको फ्रेंडली कमरे होंगे जहां टीवी आदि भी नहीं होगा।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed