{"_id":"6a5662b5ddb7643bab057213","slug":"cec-clear-up-confusion-approval-granted-for-movement-of-all-types-of-vehicles-on-laldhang-route-kotdwar-2026-07-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Kotdwar: सीईसी ने दूर किया भ्रम; लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग पर सभी तरह के वाहनों के संचालन को मिली मंजूरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Kotdwar: सीईसी ने दूर किया भ्रम; लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग पर सभी तरह के वाहनों के संचालन को मिली मंजूरी
Tue, 14 Jul 2026 09:58 PM IST
Alka Tyagi
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून
Published by: Alka Tyagi
Updated Tue, 14 Jul 2026 09:58 PM IST
सार
लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग पर सभी श्रेणी के वाहनों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। सांसद अनिल बलूनी ने सीईसी के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के हित में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए क्षेत्रवासियों को बधाई दी है।
विज्ञापन
- फोटो : Istock(प्रतीकात्मक तस्वीर)
विस्तार
लालढांग-चिल्लरखाल मार्ग पर लगभग सभी श्रेणी के वाहनों के संचालन का रास्ता साफ हो गया है। सर्वोच्च न्यायालय की सेंट्रल एम्पावर्ड कमेटी (सीईसी) ने मार्ग से जुड़े सर्वोच्च न्यायालय के आदेश में प्रयुक्त कामर्शियल वाहन शब्द को लेकर बनी भ्रम की स्थिति स्पष्ट करते हुए विभिन्न श्रेणी के वाहनों के संचालन को स्वीकृति प्रदान कर दी है।
विज्ञापन
गढ़वाल सांसद अनिल बलूनी ने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से इसकी जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि सीईसी के सदस्य सचिव डॉ. सतीश सी. गढ़कोटी ने छह जुलाई को उत्तराखंड के प्रमुख सचिव को भेजे पत्र में स्पष्ट किया है कि इस मार्ग पर सवारी वाहन, सरकारी बसें, गढ़वाल मोटर ऑनर्स यूनियन (जीएमओयू) की बसें, स्कूल बसें, किसानों के ट्रैक्टर और भवन निर्माण सामग्री ले जाने वाले वाहनों के संचालन की अनुमति दी गई है।
विज्ञापन
आंसुओं के बीच चली आरी: भानियावाला-ऋषिकेश फोरलेन निर्माण; पर्यावरणप्रेमियों के विरोध के बीच काटे गए सौ पेड़
विज्ञापन
सांसद अनिल बलूनी ने सीईसी के इस निर्णय का स्वागत करते हुए इसे क्षेत्र के हित में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बताते हुए क्षेत्रवासियों को बधाई दी है। बताते चले कि सुप्रीम कोर्ट ने विगत 12 फरवरी को लालढांग चिल्लरखाल मार्ग निर्माण पर लगी रोक हटा दी थी लेकिन कॉमर्शियल वाहनों के संचालन पर रोक लगा दी थी। जिससे लोगों में वाहनों के संचालन को लेकर भ्रम की स्थिति बनी हुई थी।