फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   carelessness of nari niketan

मौत को गले लगाने के लिए 'मजबूर' संवासिनियां

Thu, 02 Jan 2014 11:53 AM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 02 Jan 2014 11:53 AM IST
विज्ञापन
carelessness of nari niketan

राजधानी देहरादून स्थित नारी निकेतन की तीन संवासिनियों की खराब सेहत और समय से इलाज न मिलने के कारण मौत हो चुकी है।

विज्ञापन


पढ़ें, 2014 की शुरुआत में ही 'बरसे' शुभ संकेत

निकेतन में रह रही बाकी संवासिनियों की भी हालत खराब है। ज्यादातर संवासिनियां मानसिक रोगी हैं। कुछ को मिरगी के दौरे पड़ते हैं तो कुछ सीजोफ्रेनिया से ग्रस्त हैं।
विज्ञापन


हैरत की बात यह है कि निकेतन में न तो इलाज की कोई व्यवस्था है न तीमारदारी ही बेहतर। समाज कल्याण विभाग और प्रशासन भी अपनी जिम्मेदारियों से पल्ला झाड़ता नजर आता है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पढ़ें, मोदी के गुजरात को पछाड़ देगा उत्तराखंड का यह गांव


नारी निकेतन और महिला शरणालय को मिलाकर 75 महिलाओं की क्षमता है, लेकिन यहां 90 महिलाओं को रखा गया है। इनमें से 72 महिलाएं मेंटली रिटायर्ड रहीं।

कोटद्वार के नारी निकेतन से 17 और हल्द्वानी के निकेतन से यहां 23 मनोरोगियों को इलाज के नाम पर भेजा गया। नारी निकेतन प्रभारी जिला समाज कल्याण अधिकारी राम अवतार सिंह ने बताया कि सेलाकुई मेंटल हॉस्पिटल में सिर्फ दो रोगियों को भरती किया गया, बाकी निकेतन में ही हैं।

पढ़ें, अगर पानी-बिजली का बिल आए तो जमा न करें!

यहां रह रही संवासिनियों में से ज्यादातर एनीमिया और मिरगी की गिरफ्त में हैं। आए दिन डायरिया होता है। मेंटल रिटायर्ड संवासिनियों की तीमारदारी के लिए कोई स्टाफ नहीं है।

पढ़ें, सावधान आपदा के निशाने पर है एक और धाम

निकेतन एक अधीक्षिका और संविदा की दो केयरटेकर के भरोसे चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि मनोरोगियों को यूपी और दिल्ली के मेंटल हास्पिटल भेजा जाना चाहिए, वर्ना संवासिनियों की हालत ऐसे ही बिगड़ती जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed