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स्कूली बसों के मामले में बरती ये लापरवाही स्कूलों को करवाएगी बंद

Thu, 16 Mar 2017 11:10 AM IST
सुनीत द्विवेदी / अमर उजाला, देहरादून
सुनीत द्विवेदी / अमर उजाला, देहरादून Updated Thu, 16 Mar 2017 11:10 AM IST
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carelessness about school bus create problem for schools
file photo - फोटो : अमर उजाला

स्कूल बसों में सुरक्षा मानकों की कमी के कारण होने वाले हादसों पर संज्ञान लेकर सीबीएसई (सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजूकेशन) ने स्कूलों पर सख्ती बरती है।

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स्कूलों के लिए जारी नई गाइडलाइन के मुताबिक बसों में सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर स्कूलों की मान्यता खत्म की जाएगी। यह व्यवस्था नए सत्र से लागू होगी और परिवहन विभाग इसकी मॉनीटरिंग करेगा।
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परिवहन विभाग की रिपोर्ट के आधार पर सीबीएसई स्कूल की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई करेगा।

स्कूल संचालकों को पूरे करने होते हैं ये मानक

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सीसीटीवी - फोटो : demo

परिवहन विभाग की गाइडलाइन के अनुसार स्कूल बसों में स्कूल संचालकों को एमजेंसी एग्जिट डोर, स्पीड गवर्नर, जीपीएस, सीसीटीवी कैमरे समेत अन्य सुरक्षा मानक पूरे करने होते हैं।

लेकिन ये सुरक्षा मानक पूरे न होने के कारण सड़क हादसों में लगातार इजाफा हुआ है। इसी पर संज्ञान लेकर सीबीएसई ने अपनी नई गाइडलाइन जारी की हैं।

स्कूल संचालकों के साथ-साथ अभिभावकों को भी समय-समय पर स्कूल बसों को चेक करने को कहा है। गाइडलाइन के मुताबिक सुरक्षा मानक पूरे न होने पर अभिभावक इसकी शिकायत स्कूल और राज्य अथारिटी से कर सकते है। वहीं, बसों में मानकों के पूरा कराने को परिवहन विभाग को लगातार चेकिंग अभियान चलाने को कहा गया है। 

देहरादून में चलती हैं साढ़े चार सौ बस

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मेंटेनेंस न होने से होती हैं दुर्घटनाएं - फोटो : Demo

राजधानी में दर्जनों स्कूल-कॉलेज हैं। जिनमें करीब साढ़े चार सौ बसें लगी है। बसों में सुरक्षा मानक कितने पूरे होते है, इससे सब अच्छी तरह वाकिफ है। परिवहन विभाग भी कुछ मौकों पर अभियान चलाकर चुप्पी साध लेता है। 

स्कूली बसों में ये होना जरूरी 
- बसों में इमरजेंसी एग्जिट डोर
- स्पीड गवर्नर
- स्पीड 40 किमी प्रति घंटा से ज्यादा नहीं  
- जीपीएस सिस्टम व सीसीटीवी कैमरे
- ट्रांसपोर्ट मैनेजर का नाम और नंबर बड़े अक्षरों में बस के आगे-पीछे लिखा होना चाहिए
- फर्स्ट एड किट, ड्रिंकिंग वॉटर, अलार्म की व्यवस्था। 
- स्कूल की हर बस में एक पेरेंट और एक टीचर होना चाहिए। जो ड्राइवर का व्यवहार देख सके।
- ऐसी ट्रांसपोर्ट को हायर करें, जिसके पास वैलिड परमिट हो। 

परिवहन विभाग समय-समय पर चेकिंग अभियान चलाकर बसों के खिलाफ कार्रवाई करता है। सीबीएसई की नई गाइडलाइन अभी प्राप्त नहीं हुई है। गाइडलाइन के मिलने पर कार्रवाई की रिपोर्ट सीबीएसई को भेजी जाएगी। 
- सुधांशु गर्ग, आरटीओ, देहरादून

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