{"_id":"6593161e63b7785bf008f546","slug":"cantt-board-will-collect-metered-water-bill-on-private-hand-pumps-and-borewells-dehradun-news-c-5-1-drn1030-319904-2024-01-02","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Dehradun News: निजी हैंडपंप, बोरवेल पर मीटर लगा पानी का बिल वसूलेगा कैंट बोर्ड, आदेश के बाद लोगों में आक्रोश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Dehradun News: निजी हैंडपंप, बोरवेल पर मीटर लगा पानी का बिल वसूलेगा कैंट बोर्ड, आदेश के बाद लोगों में आक्रोश
Tue, 02 Jan 2024 02:28 PM IST
देहरादून ब्यूरो
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
माई सिटी रिपोर्टर, देहरादून
Published by: देहरादून ब्यूरो
Updated Tue, 02 Jan 2024 02:28 PM IST
सार
अपने क्षेत्रों में निजी हैंडपंप, बोरवेल पर वाटर मीटर लगाकर कैंट बोर्ड को अब पानी का बिल वसूलना होगा। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने कैंट बोर्डों को आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही कैंट क्षेत्र में अब बिना अनुमति के निजी हैंडपंप या बोरवेल नहीं कराया जा सकेगा।
विज्ञापन
- फोटो : iStock
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
रक्षा मंत्रालय की ओर से यह आदेश सभी कैंट बोर्डों को भेजा गया है। हमने पब्लिक नोटिस जारी कर जनता से आपत्ति व सुझाव मांगे हैं। जिसके लिए एक महीने का समय लोगों को दिया है। सुझाव व आपत्ति मिलने के बाद इन्हें रक्षा मंत्रालय को भेजा जाएगा। - कौशल गौतम, सीईओ, क्लेमेंटटाउन कैंट
विज्ञापन
मालूम हो कि क्लेमेंटटाउन कैंट में पहले कैंट की कोई पेयजल योजना नहीं थी। जिस कारण कैंट क्षेत्रों में कई लोगों ने अपने निजी बोरवेल और हैंडपंप लगाए लिए। इसकी अनुमति से संबंधित कोई दिशा-निर्देश नहीं था। अब रक्षा मंत्रालय ने कैंट क्षेत्रों में निजी बोरवेल और हैंडपंप लगाने के लिए कैंट बोर्ड की अनुमति लेने के आदेश दिए हैं।
विज्ञापन
पुराने वालों का एक हजार रुपये फीस के साथ रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। निजी हैंडपंप और बोरवेल पर वाटर मीटर भी लगा दिया जाएगा जिसका उपयोग के हिसाब से कैंटवासियों को प्रतिमाह बिल चुकाना पड़ेगा। रक्षा मंत्रालय के आदेश के बाद कैंट बोर्ड ने पब्लिक नोटिस जारी कर इस पर आपत्ति और सुझाव मांगने की कवायद की है। इसके लिए एक महीने का समय दिया गया है। इन आपत्ति और सुझावों को कैंट बोर्ड रक्षा मंत्रालय को भेजेगा।
विज्ञापन
आपत्ति और सुझाव मांगे
अपने क्षेत्रों में निजी हैंडपंप, बोरवेल पर वाटर मीटर लगाकर कैंट बोर्ड को अब पानी का बिल वसूलना होगा। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने कैंट बोर्डों को आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही कैंट क्षेत्र में अब बिना अनुमति के निजी हैंडपंप या बोरवेल नहीं कराया जा सकेगा। जिनके पहले से बोरवेल या हैंडपंप हैं उन्हें इनका पंजीकरण कराना जरूरी होगा। मंत्रालय के निर्देश के बाद सभी कैंट बोर्डों ने पब्लिक नोटिस जारी कर लोगों से आपत्ति और सुझाव मांगे हैं।
आदेश के बाद कैंट क्षेत्रवासियों में आक्रोश
निजी हैंडपंप और बोरवेल पर मीटर लगाकर पानी का बिल वसूलने के आदेश के बाद क्लेमेंटटाउन कैंट क्षेत्र में आक्रोश है। क्षेत्र के लोगों ने इस संबंध में सीईओ कौशल गौतम से मिलकर इस पर आपत्ति दर्ज कराई और आदेश वापस लेने की मांग की।
ये भी पढ़ें...Hit And Run law: हड़ताल के कारण छूट गई उत्तराखंड बास्केटबॉल टीम के खिलाड़ियों की ट्रेन, आठ घंटे किया इंतजार
भाजपा नेता व सांसद प्रतिनिधि महेश पांडे ने सीईओ कौशल गौतम से मुलाकात कर इस तरह के फरमान पर आपत्ति जताई। कहा कि एक ओर जहां भारत सरकार हर घर नल योजना से सभी को पीने का पानी दे रही है वहीं, कैंटबोर्ड अपनी मनमानी कर रहा है। पांडे ने कहा कि जब कैंट के पास 2019 से पहले अपनी कोई पेयजल व्यवस्था नही थी तो लोगों ने पीने के लिए अपने घरों में हैंडपंप, बोरवेल लगाकर पानी का इंतजाम किया। अब इस तरह के आदेश जारी किए जा रहे हैं। कहा कि अगर आदेश वापस नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।
अपने क्षेत्रों में निजी हैंडपंप, बोरवेल पर वाटर मीटर लगाकर कैंट बोर्ड को अब पानी का बिल वसूलना होगा। इसके लिए रक्षा मंत्रालय ने कैंट बोर्डों को आदेश जारी कर दिए हैं। साथ ही कैंट क्षेत्र में अब बिना अनुमति के निजी हैंडपंप या बोरवेल नहीं कराया जा सकेगा। जिनके पहले से बोरवेल या हैंडपंप हैं उन्हें इनका पंजीकरण कराना जरूरी होगा। मंत्रालय के निर्देश के बाद सभी कैंट बोर्डों ने पब्लिक नोटिस जारी कर लोगों से आपत्ति और सुझाव मांगे हैं।
आदेश के बाद कैंट क्षेत्रवासियों में आक्रोश
निजी हैंडपंप और बोरवेल पर मीटर लगाकर पानी का बिल वसूलने के आदेश के बाद क्लेमेंटटाउन कैंट क्षेत्र में आक्रोश है। क्षेत्र के लोगों ने इस संबंध में सीईओ कौशल गौतम से मिलकर इस पर आपत्ति दर्ज कराई और आदेश वापस लेने की मांग की।
ये भी पढ़ें...Hit And Run law: हड़ताल के कारण छूट गई उत्तराखंड बास्केटबॉल टीम के खिलाड़ियों की ट्रेन, आठ घंटे किया इंतजार
भाजपा नेता व सांसद प्रतिनिधि महेश पांडे ने सीईओ कौशल गौतम से मुलाकात कर इस तरह के फरमान पर आपत्ति जताई। कहा कि एक ओर जहां भारत सरकार हर घर नल योजना से सभी को पीने का पानी दे रही है वहीं, कैंटबोर्ड अपनी मनमानी कर रहा है। पांडे ने कहा कि जब कैंट के पास 2019 से पहले अपनी कोई पेयजल व्यवस्था नही थी तो लोगों ने पीने के लिए अपने घरों में हैंडपंप, बोरवेल लगाकर पानी का इंतजाम किया। अब इस तरह के आदेश जारी किए जा रहे हैं। कहा कि अगर आदेश वापस नहीं हुआ तो आंदोलन किया जाएगा।