फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Canntonment : The board will work till the election

चुनाव होने तक काम करेगा वैरी बोर्ड, नोटिफिकेशन जारी

Sun, 07 Feb 2021 12:36 AM IST
Dehradun Bureau देहरादून ब्यूरो
Updated Sun, 07 Feb 2021 12:36 AM IST
विज्ञापन
Canntonment : The board will work till the election
देहरादून। उत्तराखंड के नौ कैंटों सहित देशभर के 56 कैंटों को भंग करने के आदेश के बाद रक्षा मंत्रालय ने शुक्रवार को सभी कैंट बोर्डों को वैरी बोर्ड के गठन के लिए गजट नोटिफिकेशन भी जारी कर दिया है। ऐसे में अब एक साल या कैंट बोर्डों में चुनाव न होने तक कैंट बोर्डों में वैरी बोर्ड काम करेगा। वैरी बोर्ड में कैंट बोर्ड अध्यक्ष के साथ कैंट बोर्ड सीईओ और एक नामित सदस्य होते हैं। नामित सदस्य के लिए कैंट बोर्ड अध्यक्ष रक्षा मंत्रालय को तीन लोगों के नाम भेजेंगें। इसके बाद रक्षा मंत्रालय ही नामित सदस्य की घोषणा करता है। बोर्ड में नामित सदस्य जनता के प्रतिनिधि के तौर पर रहता है।
विज्ञापन

दरअसल, उत्तराखंड सहित देशभर के 56 कैंट बोर्डों को कार्यकाल एक साल पहले खत्म हो गया था। इसके बाद रक्षा मंत्रालय ने सभी कैंट बोर्डों को छह-छह माह, कुल एक साल का एक्सटेंशन दे दिया था। एक्सटेंशन बोर्ड का कार्यकाल भी 10 फरवरी को खत्म हो जाएगा। कुछ दिन पहले रक्षा मंत्रालय ने कैंट बोर्डों को भंग करने के आदेश जारी किए थे। शुक्रवार को कैंट बोर्डों में वैरी बोर्ड के गठन करने का गजट नोटिफिकेशन भी रक्षा मंत्रालय की ओर से जारी कर दिया है। इससे अब चुनाव की संभावना कम ही नजर आ रही है। हालांकि सूत्रों के अनुसार महानिदेशक रक्षा संपदा विभाग ने रक्षा मंत्रालय को तीन सुझाव दिए थे। इसमें कैंट बोर्डों को एक्सटेंशन देने, भंग करने और कैंट बोर्डों एक्ट अधिनियम 2006 के मुताबिक ही जल्द चुनाव कराना शामिल था। अधिनियम में एक साल से अधिक का एक्सटेंशन का प्रावधान न होने के कारण रक्षा मंत्रालय कैंट बोर्डों को भंग कर इस सुझाव का दरकिनार कर दिया है। अब वैरी बोर्ड और चुनाव का ऑप्सन है।
विज्ञापन

कैंट क्षेत्रों में बढ़ेगी लोगों की परेशानी
रक्षा मंत्रालय कैंट बोर्ड एक्ट में संशोधन की तैयारी में है। संशोधन में कैंट बोर्डों में मेयर की तरह से उपाध्यक्ष का चुनाव कराने और चुने गए प्रतिनिधियों को अधिकार संपन्न बनाने की बात चल रही है। दूसरी और रक्षा मंत्रालय कैंट बोर्डों में शामिल सिविल क्षेत्रों को नगर निगम या नगर निकायों में शामिल करने पर भी विचार कर रहा है। ऐसे में कैंट बोर्डों के चुनाव जल्द होने की संभावना कम ही नजर आ रही है। यानि एक साल तक कैंट बोर्डों में वैरी बोर्ड की काम करेेगा। इससे लोगों की परेशानियां बढ़नी तय हैं। लोगों का मानना है कि कैंट बोर्ड प्रशासन अपने हिसाब से काम करेगा। इसलिए लोगों को अपनी समस्याओं के लिए भटकना पड़ सकता है। वहीं कैंट बोर्ड के सीईओ अभिषेक राठौर का कहना है कि वैरी बोर्ड के गठन के बाद कैंट क्षेत्रों में विकास के कार्य तेजी से होंगे। अब तक हर छोटी से बात को बोर्ड में पास करवाई पड़ती थी, लेकिन अब इसका झंझट नहीं रहेगा। लोगों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed