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परीक्षा स्थगित होने से अभ्यर्थी हुए परेशान
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उत्तराखंड आयुर्वेद विश्वविद्यालय का विवादों से पीछा छूटता नजर नहीं आ रहा है। अब विश्वविद्यालय की एक और चूक सामने आई है। असिस्टेंट प्रोफेसर (बायोटेक्नोलॉजी, सेल्यूलर मॉलीक्यूलर बायोलॉजी एवं ह्यूमन एंड आयुर्वेदिक बायोलॉजी) के पदों पर बुधवार को होने वाली लिखित परीक्षा विवि प्रशासन ने मंगलवार को अचानक स्थगित कर दी।
शासन से परीक्षा की अनुमति नहीं ली गई थी और न ही इसके पेपर तैयार थे। ऐसे में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों और उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों से परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी परेशान रहे। उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। मंगलवार दोपहर विवि की वेबसाइट पर कुलसचिव डॉ. सुरेश चौबे की ओर से परीक्षा स्थगित के संबंध में आदेश जारी किया गया। इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। जबकि, सूत्रों का कहना है कि बिना अनुमति भर्ती प्रक्रिया शुरू करने पर शासन ने सख्त नाराजगी जताई। इसके बाद परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। अचानक परीक्षा स्थगित होने से अभ्यर्थियों को दिक्कत उठानी पड़ी।
अभ्यर्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी भी जताई। कुलपति प्रो. सुनील जोशी ने भी माना कि परीक्षा स्थगित होने से अभ्यर्थियों को दिक्कत हुई है। उन्होंने बताया कि परीक्षा के लिए पेपर तैयार नहीं था। इस कारण इसे स्थगित करना पड़ा। जल्द ही अगली तारीख तय कर वेबसाइट पर जानकारी साझा की जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय की वेबसाइट देखते रहने की सलाह दी है।
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शासन से परीक्षा की अनुमति नहीं ली गई थी और न ही इसके पेपर तैयार थे। ऐसे में उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों और उत्तराखंड के दूरस्थ क्षेत्रों से परीक्षा देने पहुंचे अभ्यर्थी परेशान रहे। उन्हें मायूस होकर लौटना पड़ा। मंगलवार दोपहर विवि की वेबसाइट पर कुलसचिव डॉ. सुरेश चौबे की ओर से परीक्षा स्थगित के संबंध में आदेश जारी किया गया। इसका कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया। जबकि, सूत्रों का कहना है कि बिना अनुमति भर्ती प्रक्रिया शुरू करने पर शासन ने सख्त नाराजगी जताई। इसके बाद परीक्षा स्थगित करनी पड़ी। अचानक परीक्षा स्थगित होने से अभ्यर्थियों को दिक्कत उठानी पड़ी।
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अभ्यर्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन के सामने अपनी नाराजगी भी जताई। कुलपति प्रो. सुनील जोशी ने भी माना कि परीक्षा स्थगित होने से अभ्यर्थियों को दिक्कत हुई है। उन्होंने बताया कि परीक्षा के लिए पेपर तैयार नहीं था। इस कारण इसे स्थगित करना पड़ा। जल्द ही अगली तारीख तय कर वेबसाइट पर जानकारी साझा की जाएगी। उन्होंने अभ्यर्थियों को विश्वविद्यालय की वेबसाइट देखते रहने की सलाह दी है।
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